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झारखंड हाईकोर्ट ने नियोजन नीति-2016 को बताया असंवैधानिक, 13 जिलों में 3684 शिक्षकों की नियुक्तियां होंगी प्रभावित

Updated at : 22 Sep 2020 9:13 AM (IST)
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झारखंड हाईकोर्ट ने नियोजन नीति-2016 को बताया असंवैधानिक, 13 जिलों में 3684 शिक्षकों की नियुक्तियां होंगी प्रभावित

हाइकोर्ट के आदेश के बाद राज्य के 13 अनुसूचित जिलों में नियुक्त 3684 हाइस्कूल शिक्षकों की नियुक्ति प्रभावित होगी. हाइस्कूलों में पिछले चार वर्ष से 17,572 शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया चल रही है.

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सुनील कुमार झा, रांची : हाइकोर्ट के आदेश के बाद राज्य के 13 अनुसूचित जिलों में नियुक्त 3684 हाइस्कूल शिक्षकों की नियुक्ति प्रभावित होगी. हाइस्कूलों में पिछले चार वर्ष से 17,572 शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया चल रही है. नियुक्ति के लिए वर्ष 2016 में झारखंड कर्मचारी चयन आयोग द्वारा विज्ञापन निकाला गया था. इस विज्ञापन में 24 जिलों को दो कोटि (13 जिले अनुसूचित जिला व 11 जिले गैर अनुसूचित) में बांटा गया था.

अनुसूचित जिलों के पद उसी जिले के स्थानीय निवासी के लिए आरक्षित कर दिये गये थे. वहीं, गैर अनुसूचित जिले में बाहरी अभ्यर्थियों को भी आवेदन करने की अनुमति दी गयी थी. अनुसूचित जिलों में कुल 8423 पदों पर शिक्षकों की नियुक्ति के लिए आवेदन लिये गये थे. इनमें से लगभग 3684 शिक्षकों की नियुक्ति की गयी थी. ये शिक्षक वर्तमान में विद्यालयों में पदस्थापित हैं. वहीं, गैर अनुसूचित जिलों में 9149 पदों पर नियुक्ति के लिए आवेदन लिया गया था. परीक्षा वर्ष 2017 के अंत में हुई थी. जबकि, रिजल्ट 2019 में जारी किया गया था.

शिक्षकों को नियुक्ति पत्र भी 2019 में दिया गया था. रिजल्ट प्रकाशन के बाद 8371 अभ्यर्थियों की नियुक्ति की अनुशंसा आयोग द्वारा की गयी थी, जिसमें वर्तमान में इसमें से 8082 शिक्षक विभिन्न जिलों में कार्यरत हैं. कुछ जिलों को छोड़कर कर अधिकतर जिलों में सभी विषयों में नियुक्ति प्रक्रिया पूरी नहीं हो पायी थी. इतिहास व संस्कृत विषय में अधिकतर जिलों में शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हुई है.

रांची में 475 शिक्षकों की हुई है नियुक्ति : रांची नियोजन नीति के तहत अनुसूचित जिला में शामिल है. रांची के हाइस्कूलों में 475 शिक्षकों की नियुक्ति की गयी थी. हाइकोर्ट के आदेश से रांची के शिक्षकों की नियुक्ति भी प्रभावित होगी.

2012 में रद्द हुआ था 8000 के सफल अभ्यर्थियों का रिजल्ट : वर्ष 2011-12 में प्राथमिक व मध्य विद्यालयों में शिक्षक नियुक्ति के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा ली गयी थी. राज्य में प्राथमिक शिक्षकों के 12 हजार पद रिक्त थे .जबकि शिक्षक पात्रता परीक्षा में 8000 अभ्यर्थी ही सफल हुए. शिक्षक पात्रता परीक्षा में रिक्त पद से कम अभ्यर्थियों के चयनित होने पर सरकार ने इनकी सीधी नियुक्ति का निर्णय लिया, जिसके खिलाफ असफल अभ्यर्थियों ने हाइकोर्ट में याचिका दायर की. परीक्षा की प्रक्रिया शुरू होने के बाद इसमें बदलाव के कारण कोर्ट ने विज्ञापन रद्द कर दिया.

छोड़कर आये थे प्राथमिक शिक्षक की नौकरी : हाइस्कूल शिक्षक नियुक्ति में 25 फीसदी पद प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के लिए आरक्षित किये गये थे. झारखंड का कर्मचारी चयन आयोग द्वारा प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत 215 सफल शिक्षकों की हाइस्कूल में नियुक्ति के अनुशंसा की गयी थी. इनमें से लगभग आधे शिक्षक 13 अनुसूचित जिलों में कार्यरत हैं.

  • हाइस्कूलों में चार साल से चल रही थी 17572 शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया

  • अनुसूचित जिलों में 8423 पदों पर नियुक्ति के लिए आयोजित की गयी थी परीक्षा

इन जिलों में आरक्षित था शत प्रतिशत पद

जिला पद

रांची 1013

खूंटी 387

गुमला 696

सिमडेगा 427

लोहरदगा 333

पू सिंहभूम 972

प सिंहभूम 1187

सरायकेला 709

लातेहार 573

दुमका 959

जामताड़ा 539

पाकुड़ 486

साहिबगंज 589

Post by : Pritish Sahay

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