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एससी-एसटी एक्ट में दर्ज केस में ईडी अफसरों को बड़ी राहत, पीड़क कार्रवाई पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक

5 Mar, 2024 10:03 am
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झारखंड हाईकोर्ट

झारखंड हाईकोर्ट

दिल्ली में हेमंत सोरेन के सरकारी आवास पर हुई छापेमारी और वहां से बीएमडब्ल्यू कार एवं 36 लाख रुपए जब्त किए जाने की ईडी की कार्रवाई के खिलाफ झारखंड के तत्कालीन मुख्यमंत्री ने रांची के एससी-एसटी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी.

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प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों को झारखंड हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है. झारखंड के तत्कालीन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की ओर से एससी-एसटी एक्ट के तहत दर्ज कराई गई शिकायत मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने यह राहत प्रदान की. जस्टिस अनिल कुमार चौधरी की अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) अफसरों के खिलाफ किसी भी पीड़क कार्रवाई पर रोक लगा दी है.

रांची में एससी एसटी थाने में हेमंत सोरेन ने की थी शिकायत

दिल्ली में हेमंत सोरेन के सरकारी आवास पर हुई छापेमारी और वहां से बीएमडब्ल्यू कार एवं 36 लाख रुपए जब्त किए जाने की ईडी की कार्रवाई के खिलाफ झारखंड के तत्कालीन मुख्यमंत्री ने रांची के एससी-एसटी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी. उन्होंने कहा था कि उनकी अनुमति के बगैर ईडी के अधिकारियों ने उनके दिल्ली स्थित सरकारी आवास पर छापेमारी की.

छवि धूमिल करने का झामुमो नेता ने लगाया था ईडी पर आरोप

हेमंत सोरेन ने ईडी के अफसरों पर आरोप लगाया था कि उनकी छवि को धूमिल करने के लिए उनके खिलाफ केंद्रीय जांच एजेंसी ने यह कार्रवाई की है. बता दें कि हेमंत सोरेन ने रांची के एसटी-एससी थाना में रांची जोनल ऑफिस के 4 अफसरों कपिल राज, देवव्रत झा, अनुपम कुमार और अमन पटेल को नामजद किया था. साथ ही अज्ञात अधिकारियों को भी उन्होंने आरोपी बनाया था.

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27 और 28 जनवरी को दिल्ली में थे हेमंत सोरेन

हेमंत सोरेन ने अपनी लिखित शिकायत में कहा था कि 27 और 28 जनवरी 2024 को वह किसी काम से नई दिल्ली गए थे. इस दौरान वह 5/1 शांति निकेतन स्थित अपने सरकारी आवास में ठहरे थे. 29 जनवरी 2024 को उन्हें मालूम हुआ कि ईडी के कुछ अफसर उनके आवास की तलाशी लेने के लिए पहुंचे थे. जो ईडी अधिकारी उनके घर गए थे, उनमें देवव्रत झा, कपिल राज, अनुपम कुमार और अमन पटेल शामिल हैं.

मुझे बगैर सूचना दिए ईडी ने दिल्ली में मेरे आवास की तलाशी ली

झामुमो नेता ने अपनी शिकायत में कहा था कि उनको जानकारी दिए बगैर ईडी के अफसरों ने उनके आवास की तलाशी ली. साथ ही एसटी एससी थाने को यह भी बताया कि इन्हीं अधिकारियों ने उनसे (हेमंत सोरेन से) कहा था कि 29 से 31 जनवरी 2024 के बीच रांची में पूछताछ करना चाहते हैं. इसके बाद मीडिया में कई तरह की खबरें आईं, जिससे मेरी छवि धूमिल हुई. मुझे लगता है कि ये खबरें ईडी के अधिकारियों ने ही फैलाई होंगी. इसका मकसद मुझे बदनाम करना है.

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न बीएमडब्ल्यू कार मेरी है, न मेरे पास कोई अवैध धन है

हेमंत सोरेन ने यह भी कहा कि मुझे बदनाम करने के लिए कई और खबरें मीडिया में फैलाई गईं. इसमें मेरे घर से बीएमडब्ल्यू कार का बरामद होना और मेरे दिल्ली स्थित आवास से 36 लाख रुपए की बरामदगी का मामला शामिल है. उन्होंने कहा कि न तो बीएमडब्ल्यू कार मेरी है, न ही उनके पास कोई अवैध धन है. झामुमो नेता ने कहा कि जिन लोगों ने उनके घर छापेमारी की, उनमें से कोई भी अधिकारी एससी या एसटी वर्ग से नहीं आते. इन्होंने सिर्फ मेरी छवि को धूमिल करने के लिए ये सारी कार्रवाई की है.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है। उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवरेज करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ में भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है। मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है

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