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झारखंड: घूसखोरी के आरोप में गिरफ्तार इंजीनियर को दे दिया गया संयुक्त सचिव का प्रभार, जानें क्या है मामला

पेयजल विभाग में कार्यरत इंजीनियर शैलेश किशोर को तिवारी को घूसखोरी के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया था, अब विभाग ने उसी अधिकारी को संयुक्त सचिव बना दिया. जबकि इसी अधिकारी को निगरानी विभाग ने 2.70 लाख रुपये घूस लेते गिरफ्तार किया था.

By Prabhat Khabar Print Desk
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घूसखोरी में गिरफ्तार 
इंजीनियर
घूसखोरी में गिरफ्तार इंजीनियर
Prabhat Khabar

रांची: घूसखोरी में रंगे हाथ गिरफ्तार किये गये इंजीनियर शैलेश किशोर सिन्हा को अपने कार्यों के अतिरिक्त संयुक्त सचिव का प्रभार दिया गया है. पेयजल स्वच्छता विभाग ने इसे कार्यहित में उठाया गया कदम करार दिया है. इस इंजीनियर को जमशेदपुर में अपने पदस्थापन के दौरान निगरानी ने 2.70 लाख रुपये घूस लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था. घूस की रकम नलकूप लगाने की योजना के सिलसिले में ले रहे थे. तलाशी के दौरान इंजीनियर के घर से आटे के डब्बे में नकद पांच लाख रुपये मिले थे.

शैलेश कुमार सिन्हा फिलहाल पेयजल स्वच्छता विभाग के अभियंता प्रमुख के प्रावैधिकी सचिव के पद पर पदस्थापित हैं. फरवरी 2022 में अभियंता प्रमुख सह संयुक्त सचिव प्रबंधन कोषांग के सेवानिवृत्त हो गये. अभियंता प्रमुख के सेवानिवृत्त होने से संयुक्त सचिव प्रबंधन कोषांग का पद भी खाली हो गया.

इसलिए विभाग ने अभियंता प्रमुख के प्रावैधिकी सचिव को ही प्रबंधन कोषांग का अतिरिक्त प्रभार दिया. इस पर कार्यरत अधिकारी को संयुक्त सचिव का अधिकार होता है. इसलिए रिश्वत खोरी में पकड़े गये इस इंजीनियर को संयुक्त सचिव का अधिकार देते हुए प्रबंधन कोषांग की जिम्मेवारी सौंपी गयी है.

अभियंता प्रमुख का पद सात दिनों से रिक्त

रांची. पेयजल स्वच्छता विभाग में अभियंता प्रमुख का पद सात दिनों से रिक्त है. इस पद पर अभी तक न तो किसी को प्रभार दिया गया है और न ही पदस्थापित किया गया है. तत्कालीन अभियंता प्रमुख श्वेताभ कुमार 28 फरवरी को सेवानिवृत्त हो गये. सीडीओ में चीफ इंजीनियर के पद पर पदस्थापित रघुनंदन प्रसाद, पीएमयू में पदस्थापित संजय कुमार झा व रांची प्रक्षेत्र के प्रभारी क्षेत्रीय चीफ इंजीनियर सुरेश प्रसाद अभियंता प्रमुख पद के लिए प्रमुख दावेदारों में शामिल हैं.

अभियंता प्रमुख के पद के लिए तीन वर्ष तक नियमित मुख्य अभियंता का अनुभव रहना जरूरी है. अभियंता प्रमुख का पद इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि वह विभाग के सभी अभियंताओं के हेड होते हैं. विभागीय सचिव के पास कोई भी संचिका इन्हीं के माध्यम से भेजी जाती है. कनीय अभियंताओं की पोस्टिंग व प्रमोशन से लेकर सहायक अभियंता, कार्यपालक अभियंता की पोस्टिंग, स्थानांतरण-पदस्थापन, जलापूर्ति योजनाओं के क्रियान्वयन और उसकी समुचित व्यवस्था तय करने की जवाबदेही इनकी होती है.

नल-जल घर योजना, शहरी जलापूर्ति योजना, ग्रामीण जलापूर्ति योजना और स्वच्छ भारत मिशन को छोड़ अन्य सभी कार्य अभियंता प्रमुख के जिम्मे ही है. पांच करोड़ से ऊपर के टेंडर में अभियंता प्रमुख की भूमिका अहम होती है.

Posted By : Sameer Oraon

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Published Date

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