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झारखंड चुनाव : राष्ट्रीय दलों को 2019 में मिले थे आधे से अधिक वोट, जानें राज्य की पार्टियों का हाल

Updated at : 12 Nov 2024 6:30 AM (IST)
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Jharkhand Elections

Jharkhand Chunav: झारखंड विधानसभा के पिछले चुनाव में राष्ट्रीय पार्टियों ने 50 फीसदी से अधिक वोट हासिल किए थे. झारखंड से ज्यादा अन्य राज्यों की पार्टियां लड़ीं थीं चुनाव.

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Jharkhand Chunav: झारखंड के विधानसभा चुनाव में झारखंड से ज्यादा अन्य राज्यों की पार्टियों ने चुनाव लड़ा था. चुनाव आयोग के आंकड़े बताते हैं कि झारखंड विधानसभा चुनाव 2019 में 81 सीटों पर 7 राष्ट्रीय पार्टियों ने 236 उम्मीदवार उतारे हैं. झारखंड राज्य की 4 पार्टियों ने 184 उम्मीदवार खड़े किए थे. चुनाव लड़ने वाली अन्य राज्यों की राज्यस्तरीय पार्टियों की संख्या 11 थी और इन्होंने 170 प्रत्याशी उतारे थे.

66 पंजीकृत (गैरमान्यताप्राप्त) पार्टियों ने लड़ा था चुनाव

चुनाव लड़ने वाली पंजीकृत (गैरमान्यताप्राप्त) पार्टियों की संख्या इस चुनाव में 66 थी. इन्होंने 269 उम्मीदवार उतारे थे. 367 निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी चुनाव लड़ा था. इस तरह कुल 1216 उम्मीदवारों ने भाग्य आजमाया था. इन्हें 1,50,48,908 वोट मिले थे.

66 पार्टियों के उम्मीदवारों को मिले 6.14 लाख वोट

झारखंड विधानसभा चुनाव में भाग्य आजमाने वाली 66 पंजीकृत (गैरमान्यताप्राप्त) पार्टियों के उम्मीदवारों को कुल 6,13,654 (4.08 प्रतिशत) वोट मिले थे. 367 निर्दलीय प्रत्याशियों के पक्ष में 9,85,438 (6.54 प्रतिशत) मतदाताओं ने मतदान किया था.

अन्य राज्यों की 11 पार्टियों के 170 उम्मीदवारों को 4.09 लाख वोट

अन्य राज्यों से आकर झारखंड में चुनाव लड़ने वाली सभी 11 पार्टियों को 4,08,621 (2.72 प्रतिशत) वोट मिले थे. इन दलों के सभी 170 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई थी. इस श्रेणी में सबसे ज्यादा 26 उम्मीदवार आम आदमी पार्टी ने दिए थे. उसके सभी उम्मीदवारों को अपनी जमानत गंवानी पड़ी. मात्र 35,252 (0.23 प्रतिशत) उसके प्रत्याशी हासिल कर पाए.

ओवैसी की पार्टी ने उतारे 16 प्रत्याशी, 173980 वोट मिले

असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM ने 16 प्रत्याशियों को टिकट दिया था. सभी की जमानत जब्त हो गई, लेकिन यह एकमात्र पार्टी थी, जिसे 1 प्रतिशत से अधिक वोट मिले. ओवैसी की पार्टी को 1,73,980 (1.16 प्रतिशत) वोट मिले थे.

भाकपा माले के 14 में 12 उम्मीदवारों की हो गई जमानत जब्त

पंजीकृत (गैरमान्यताप्राप्त) पार्टियों में भाकपा माले लिबरेशन ने 14 उम्मीदवार खड़े किए थे. इसमें से 12 की जमानत जब्त हो गई. 1 विधायक निर्वाचित हुआ. उसे कुल 1,72,475 (1.15 प्रतिशत) वोट मिले. एमसीओ एमसीओ ने 8 उम्मीदवार दिए थे, इनमें से 6 की जमानत जब्त हो गई. पार्टी को 1,45,998 (0.97 प्रतिशत) वोट मिले.

झामुमो के 43 में 30 उम्मीदवार जीते, मिले 28.17 लाख वोट

झारखंड की पार्टियों की बात करें, तो झारखंड मुक्ति मोर्चा ने 43 उम्मीदवार उतारे थे. उसके 30 प्रत्याशी जीतकरक विधायक बने. 4 की जमानत जब्त हो गई. उसे कुल 28,17,442 (18.72 प्रतिशत) वोट मिले थे.

आजसू के 53 में 2 प्रत्याशी जीते, 12.19 लाख से अधिक वोट मिले

ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन (आजसू) पार्टी के 53 में से 2 उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की. 37 की जमानत जब्त हो गई. इस पार्टी को झामुमो के बाद सबसे ज्यादा 12,19,535 (8.1 फीसदी) वोट मिले थे. झारखंड मुक्ति मोर्चा के 81 में से 76 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई. 3 विधायक चुने गए. उसे 8,20,757 (5.45 फीसदी) वोट मिले. राष्ट्रीय जनता दल के 7 में उम्मीदवारों में 1 को जीत मिली और 1 की जमानत जब्त हो गई. उसे 4,13,167 (2.75 फीसदी) मत प्राप्त हुए थे.

79 सीट पर चुनाव लड़ने वाली भाजपा के 25 प्रत्याशी जीते

अब बात करते हैं राष्ट्रीय पार्टियों की. 79 सीटों पर चुनाव लड़ने वाली भारतीय जनता पार्टी को सबसे अधिक 50,22,374 (33.37 प्रतिशत) मत मिले थे. उसके 25 प्रत्याशी विधायक बने थे और 6 की जमानत जब्त हो गई थी.

कांग्रेस के 31 में 16 उम्मीदवार विधायक बने, मिले 20.89 लाख वोट

राष्ट्रीय पार्टियों में कांग्रेस के 31 उम्मीदवारों में 16 विधायक निर्वाचित हुए थे. 6 की जमानत जब्त हो गई थी. उसे कुल 20,88,863 (13.88 प्रतिशत) वोट मिले थे. बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने 66 उम्मीदवार खड़े किए थे. इसमें 63 की जमानत जब्त हो गई. पार्टी के 2,30,740 (1.53 प्रतिशत) मत मिले थे.

तृणमूल कांग्रेस के सभी 26 प्रत्याशियों की हो गई जमानत जब्त

तृणमूल कांग्रेस ने 26 प्रत्याशियों को मैदान में उतारा था. सभी की जमानत जब्त हो गई. पार्टी को 43,348 (0.29 प्रतिशत) वोट मिले थे. भाकपा के 18 प्रत्याशियों को कुल 68589 (0.46 प्रतिशत) वोट मिले. सभी उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई.

झारखंड विधानसभा चुनाव की ताजा खबरें यहां पढ़ें

माकपा के 9 प्रत्याशियों को मिले 48010 वोट

माकपा के सभी 9 उम्मीदवार अपनी जमानत गंवा बैठे. पार्टी को कुल 48010 (0.32 फीसदी) वोट मिले. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के 7 में से 6 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई. एक विधायक निर्वाचित होकर विधानसभा पहुंचा. पार्टी को 63,320 (0.42 प्रतिशत) वोट प्राप्त हुए.

7 राष्ट्रीय पार्टियों को 50 फीसदी से अधिक वोट मिले

इस तरह 7 राष्ट्रीय पार्टियों को 50 फीसदी से अधिक मत मिले थे. इन पार्टियों के समर्थन में 75,65,244 (50.27 प्रतिशत) मतदाताओं ने मतदान किया था. राष्ट्रीय दलों ने 236 उम्मीदवार उतारे थे. इनमें से 134 की जमानत जब्त हो गई थी. 42 विधायक निर्वाचित हुए थे. भाजपा के 25, कांग्रेस के 16 और एनसीपी के 1 उम्मीदवार को झारखंड विधानसभा चुनाव में जीत मिली थी.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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