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सीट बदलकर विधानसभा चुनाव जीतने वाले 3 दिग्गज नेता सुखदेव माझी, आरपी षाड़ंगी और देवेंद्र माझी

Updated at : 08 Nov 2024 6:30 AM (IST)
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सीट बदलकर जीतने वाले पश्चिमी सिंहभूम के 3 नेता.

Jharkhand Politics: पश्चिमी सिंहभूम जिले के 3 दिग्गज नेताओं ने सीट बदलकर भी विधानसभा का चुनाव जीता था. इनके नाम हैं- सुखदेव माझी, आरपी षाड़ंगी और देवेंद्र माझी.

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Jharkhand Politics|चक्रधरपुर (पश्चिमी सिंहभूम), शीन अनवर : पश्चिमी सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर के कई दिग्गज नेता अपना चुनाव क्षेत्र बदल कर विधानसभा और लोकसभा का चुनाव लड़ चुके हैं, लेकिन दूसरे निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ने वाले सभी नेता जीत दर्ज नहीं कर सके हैं. केवल 3 दिग्गज ऐसे हैं, जो निर्वाचन क्षेत्र बदलकर भी विधायक बने हैं. इनमें चक्रधरपुर के पहले विधायक सुखदेव माझी, जमशेदपुर से सांसद रहे रुद्र प्रताप षाड़ंगी और सिंहभूम की सांसद जोबा माझी के पति देवेंद्र माझी शामिल हैं.

चक्रधरपुर-चाईबासा से जीते थे सुखदेव माझी

1951-52 में जब पहला चुनाव हुआ था, तो झारखंड पार्टी प्रत्याशी के तौर पर सुखदेव माझी चक्रधरपुर से विधायक चुन कर बिहार विधानसभा में गये थे. लेकिन 1957 में जब बिहार विधानसभा के लिए दूसरी बार चुनाव हुआ, तो झारखंड पार्टी ने सुखदेव माझी को चाईबासा विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी घोषित किया. सुखदेव माझी चाईबासा सीट जीते और दो अलग-अलग विधानसभा क्षेत्र से विधायक बनने का गौरव हासिल किया था.

सीकेपी सीट आरक्षित होने पर सरायकेला से जीते थे आरपी षाड़ंगी

वर्ष 1962 में रुद्र प्रताप षाड़ंगी जनसंघ प्रत्याशी के तौर पर चक्रधरपुर से विधायक चुने गये थे. इस चुनाव में चक्रधरपुर को सामान्य सीट घोषित किया गया था. रुद्र प्रताप षाड़ंगी का चुनाव चिह्न शेर छाप था. वे निडर व बहादुर नेता के तौर पर जाने जाते थे, इसलिए उसकी तुलना शेर से की जाती थी. इसलिए उनका चुनाव चिह्न काफी पॉपुलर हुआ था. वर्ष 1967 में जब चक्रधरपुर सीट आरक्षित हो गयी, तो आरपी षाड़ंगी सरायकेला से चुनाव लड़े और जीते.

चक्रधरपुर के बाद मनोहरपुर से विधायक बने थे देवेंद्र माझी

1980 के विस चुनाव में देवेंद्र माझी चक्रधरपुर विस से झामुमो के टिकट पर विधायक चुने गये थे. यह वह समय था, जब जंगल आंदोलन चरम पर था. उनकी राजनीति पार्टी की नहीं, अपनी नीति पर चलती थी, इसलिए झामुमो के शीर्ष नेताओं से उनकी नहीं बनी. नतीजतन 1985 के विधानसभा चुनाव में देवेंद्र माझी झामुमो को छोड़ कर निर्दलीय मनोहरपुर सीट से चुनाव लड़े और जीते. बाद में देवेंद्र माझी ने झामुमो (डेमोक्रेटिक) पार्टी बना ली.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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