चक्रधरपुर : कोटसोना प्राथमिक विद्यालय की जर्जर स्थिति पर ग्रामीणों में आक्रोश, नए भवन निर्माण की मांग

Author Ravi mohanty|Edited by Sameer Oraon
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चक्रधरपुर : कोटसोना प्राथमिक विद्यालय की जर्जर स्थिति पर ग्रामीणों में आक्रोश, नए भवन निर्माण की मांग

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चक्रधरपुर : कोटसोना प्राथमिक विद्यालय की जर्जर स्थिति पर ग्रामीणों में आक्रोश, नए भवन निर्माण की मांग

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चक्रधरपुर: चक्रधरपुर प्रखंड के होयोहातु पंचायत अंतर्गत सुदूरवर्ती एवं पहाड़ी क्षेत्र में स्थित कोटसोना प्राथमिक विद्यालय की स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है. विद्यालय में करीब 35 बच्चे अध्यनरत हैं. करीब डेढ़ माह पूर्व आए तेज आंधी-तूफान में विद्यालय का कच्चा भवन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है. इसके बावजूद अब तक नए भवन के निर्माण की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई है. वर्तमान में विद्यालय के क्षतिग्रस्त भवन पर तिरपाल लगाकर बच्चों की पढ़ाई कराई जा रही है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है.

रसोइयों को विद्यालय के बरामदे में बनाना पड़ता है भोजन

ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के दिनों में विद्यालय की स्थिति और अधिक खराब हो गई है. भवन की छत एवं दीवारें कमजोर हो चुकी हैं, जिसके कारण बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों में चिंता बढ़ गई है. इसके अलावा विद्यालय में मध्याह्न भोजन तैयार करने के लिए किचन शेड भी नहीं है. रसोइयों को विद्यालय के बरामदे अथवा खुले स्थान पर भोजन बनाना पड़ता है, जिससे बच्चों को मिलने वाले भोजन की व्यवस्था भी प्रभावित होती है. ग्रामीणों ने झारखंड सरकार, जिला प्रशासन तथा पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त से मांग की है कि पुराने जर्जर भवन को हटाकर शीघ्र नए विद्यालय भवन का निर्माण कराया जाए, ताकि गांव के बच्चों को सुरक्षित वातावरण में शिक्षा मिल सके.

ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी

सामाजिक कार्यकर्ता रमेश हेंब्रम ने कहा कि आंधी-तूफान में विद्यालय पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है. बच्चों की जान जोखिम में डालकर पढ़ाई कराना उचित नहीं है. प्रशासन को तत्काल नया भवन निर्माण कराना चाहिए. विद्यालय में दो शिक्षक पदस्थापित है. जिसमें प्रदीप कुमार महतो प्रधानाध्यापक एवं वीर सिंह जोंको आचार्य के पद पर कार्यरत हैं. मौके पर एतोवा लोहार, सोंगा हेंब्रम, सुमी लोहार, मदे समड, जामुनती लोहार, जोकता समड सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित थे. ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे संबंधित अधिकारियों से मिलकर आंदोलन करने को बाध्य होंगे. बरसात के समय तिरपाल के नीचे पढ़ाई कराना बेहद खतरनाक है. किसी भी समय कोई दुर्घटना हो सकती है. -- बहादूर लौहार, सामाजिक कार्यकर्ता विद्यालय में किचन शेड नहीं होने से भोजन बनाने में काफी परेशानी होती है. बच्चों की सुविधा के लिए सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए. -- राजू हेंब्रम, ग्रामीण कोटसोना पहाड़ी और दूरस्थ क्षेत्र में स्थित गांव है. यहां के बच्चों के लिए यही एकमात्र विद्यालय है. सरकार को प्राथमिकता के आधार पर भवन निर्माण कराना चाहिए. -- गणेश हेंब्रम, ग्रामीण --------------------------- ग्रामीण लंबे समय से नए विद्यालय भवन की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है. प्रशासन को जल्द पहल करनी चाहिए. -- रामसिंह हेंब्रम, ग्रामीण


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