अबुआ आवास से पक्की छत, अबुआ दवाखाना से सेहत: झारखंड बजट में आदिवासियों के लिए क्या खास
Published by : Sameer Oraon Updated At : 24 Feb 2026 4:02 PM
वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर
Jharkhand Budget 2026: झारखंड के वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने ऐतिहासिक 'अबुआ बजट 2026-27' पेश किया. पेसा कानून लागू होने से ग्राम सभा को शक्ति मिली. नई यूनिवर्सिटी और स्कॉलरशिप से आदिवासियों का भविष्य बेहतर होगा. जानिए बजट की बड़ी बातें.
Jharkhand Budget 2026, रांची : झारखंड विधानसभा से वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने अबुआ बजट 2026-27 पेश कर दिया है. बजट में हर वर्ग के लोगों का ध्यान रखा गया है. खासकर जनजातीय समुदाय के सर्वांगीण विकास पर. बजट में आदिवासी समाज के लिए स्वशासन, शिक्षा, आजीविका, संस्कृति, स्वास्थ्य और आवास जैसे क्षेत्रों में तमाम क्षेत्र में कई जरूरी प्रावधान किये गये हैं.
PESA कानून को लागू करना सबसे बड़ा फैसला
बजट का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय अनुसूचित क्षेत्रों में PESA कानून को लागू करना है. 2 जनवरी 2026 से यह कानून प्रभावी चुका है. इसके तहत ग्राम सभा को बालू घाट प्रबंधन, हाट-बाजार संचालन, लाभुक चयन और स्थानीय संसाधनों से जुड़े फैसले लेने का अधिकार मिलेगा. इससे आदिवासी क्षेत्रों में स्वशासन को मजबूती मिलेगी और स्थानीय स्तर पर निर्णय लेने की परंपरा को बढ़ावा मिलेगा.
पंडित रघुनाथ मुर्मू जनजातीय विश्वविद्यालय की स्थापना
जनजातीय शिक्षा को नई दिशा देने के लिए गालूडीह-घाटशिला, जमशेदपुर क्षेत्र में पंडित रघुनाथ मुर्मू जनजातीय विश्वविद्यालय की स्थापना का प्रावधान किया गया है. इस विश्वविद्यालय में आदिवासी भाषा, संस्कृति, इतिहास और समाज से जुड़े विषयों पर अध्ययन और शोध होगा, जिससे जनजातीय युवाओं को अपनी पहचान के साथ उच्च शिक्षा का अवसर मिलेगा.
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जयपाल सिंह मुंडा पारदेशीय छात्रवृत्ति योजना को मिला विस्तार
छात्रों के लिए मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा पारदेशीय छात्रवृत्ति योजना का विस्तार किया गया है. अब इसमें ST के साथ SC, OBC और अल्पसंख्यक छात्र भी शामिल होंगे. चयनित छात्रों की संख्या 24 से बढ़ाकर 50 कर दी गयी है. वहीं SC, ST और OBC छात्रवृत्ति योजनाओं के लिए कुल 1,216 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.
वन आधारित आजीविका को मजबूत करने के लिए उठाया गया बड़ा कदम
वन आधारित आजीविका को मजबूत करने के लिए लघु वन उत्पादों जैसे तेंदूपत्ता, महुआ और लाह पर विशेष फोकस किया गया है. पलामू स्थित कुंदरी लाह फार्म का जीर्णोद्धार किया जायेगा. CAMPA और मुख्यमंत्री जन-वन योजना के तहत वैल्यू-चेन विकसित कर आदिवासी परिवारों की आय बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा.
750 अबुआ दवाखाना खोलने का लक्ष्य
आवास और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में अबुआ आवास योजना के तहत गरीब आदिवासी परिवारों को 2 लाख रुपये का पक्का घर दिया जा रहा है. मुख्यमंत्री सर्वजन पेंशन योजना के लिए 3,517.23 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है. स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए 750 अबुआ दवाखाना खोलने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए कुल 7,990.30 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. इसके अलावा सारंडा, पाकुड़, गुमला और चाकुलिया जैसे जनजातीय क्षेत्रों में इको-टूरिज्म, फॉसिल पार्क और बायोडायवर्सिटी पार्क विकसित किये जाएंगे.
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