झारखंड विधानसभा में गूंजा 1.36 लाख करोड़ बकाया, हेमंत सोरेन सरकार बोली-लेकर रहेंगे हक का पैसा

सदन में बैठे विपक्ष के विधायक
झारखंड विधानसभा में सोमवार को केंद्र पर राज्य सरकार का 1.36 लाख करोड़ बकाया का मामला गूंजा. जदयू विधायक सरयू राय ने कहा कि बकाया पैसे के लिए कोर्ट और ट्रिब्यूनल की पहल करें. सरकार ने कहा कि हक का पैसा है, लेकर रहेंगे.
रांची-झारखंड विधानसभा में सोमवार को केंद्र पर राज्य सरकार का 1.36 लाख करोड़ बकाया का मामला गूंजा. जदयू विधायक सरयू राय ने अल्पसूचित के तहत हेमंत सोरेन सरकार से पूछा था कि केंद्र सरकार के पास किस मद में राज्य सरकार का कितना बकाया है? खान विभाग के प्रभारी मंत्री योगेंद्र महतो ने बकाया पैसे का पूरा ब्योरा सदन में रखा. इस पर जदयू विधायक सरयू राय ने सवाल उठाया कि राज्य सरकार बताये कि मूल कितना बकाया है और सूद की राशि कितनी है? भू-राजस्व विभाग ने क्या सूद वसूलने का कोई प्रावधान बताया है? मुआवजा की राशि में सूद का प्रावधान है? मंत्री योगेंद्र महतो का कहना था कि यह 2022 का बकाया है.
बकाया पैसे के लिए कोर्ट और ट्रिब्यूनल में पहल करे सरकार
वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने चर्चा में हिस्सा लेते हुए कहा कि बकाया का ब्रेक-अप दे दिया गया है. उन्होंने बताया कि केंद्रीय कोयला मंत्री जी कृष्ण रेड्डी से मुलाकात की थी. उन्होंने कहा था कि झारखंड का केंद्र पर बकाया है. इसके आकलन के लिए केंद्र और राज्य के पदाधिकारी बैठ जायें. इस पर विधायक सरयू राय का कहना था कि इस मामले में राजनीति अपनी जगह है. अगर सरकार पैसा लेना चाहती है तो कोर्ट और ट्रिब्यूनल में पहल करनी चाहिए. कंपनियां हाईकोर्ट और ट्रिब्यूनल में गयी हैं. मामला वहां लंबित है. केंद्र सरकार कोर्ट और ट्रिब्यूनल के आदेश के बिना बकाया नहीं दे सकती है. वहां राज्य सरकार जोर नहीं लगा रही है. आकलन भी कर लेंगे, तो पेमेंट नहीं होने जा रहा है. इसको पब्लिक इश्यू बनाना चाहते हैं. 41 हजार करोड़ बकाया है और 60 हजार करोड़ मुआवाज का सूद जोड़ रहे हैं.
हक का पैसा है, लेकर रहेंगे-प्रभारी मंत्री
प्रभारी मंत्री योगेंद्र महतो का कहना था कि राज्य सरकार ने शपथ पत्र दायर किया है. 23 कंपनियां कोर्ट और ट्रिब्यूनल में गयी हैं. वे सूद की गणना कर रहे हैं. यह झारखंड के हक का पैसा है, लेकर रहेंगे. वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर का कहना था कि यह कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं है. वास्तविक आकलन करने के लिए केंद्र और राज्य के पदाधिकारी बैठेंगे. सरयू राय का कहना था कि आप इसे राजनीतिक मुद्दा बना रहे हैं, जबकि यह पूरी तरह से वैधानिक मामला है. सरकार को कोर्ट में एक हस्तक्षेप याचिका फाइल करनी चाहिए. केंद्रीय मंत्री और प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखने से पैसा नहीं मिलने वाला है. प्रभारी मंत्री योगेंद्र महतो का कहना था कि हस्तक्षेप याचिका सहित अन्य कानूनी प्रावधान पर जल्द निर्णय होगा. एक-एक लीज और कंपनी पर बात होगी.
पढ़ें प्रभात खबर की प्रीमियम स्टोरी:तेलंगाना टनल में फंसे संतोष साहू के गांव से ग्राउंड रिपोर्ट : पत्नी बोली- उनके सिवा कमाने वाला कोई नहीं
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Guru Swarup Mishra
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










