IMD Rain Alert: झारखंड के 12 जिलों में आंधी के साथ भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट

झारखंड में कल भारी से बहुत भारी बारिश की मौसम विभाग ने दी चेतावनी.
IMD Rain Alert: झारखंड में भारी बारिश का मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है. 3 जिलों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, तो 9 जिलों के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट. कहा गया है कि झारखंड में कुछ जगहों पर आंधी के साथ वर्षा और वज्रपात होने की भी आशंका है. इसलिए सावधान और सतर्क रहें.
IMD Rain Alert: झारखंड के उत्तर-पश्चिमी भागों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. वहीं, दक्षिणी एवं उत्तर-पूर्वी भागों में कहीं-कहीं भारी वर्षा होने की संभावना है. झारखंड में कुछ जगहों पर आंधी चलेगी और गर्जन के साथ वर्षा-वज्रपात होने की भी आशंका है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के रांची स्थित मौसम केंद्र ने यह जानकारी दी है.
झारखंड के 3 जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा का अलर्ट
मौसम केंद्र के प्रमुख अभिषेक आनंद ने प्रभात खबर (prabhatkhabar.com) को बताया कि गुरुवार (7 अगस्त 2025) को 3 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट और 9 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है. जिन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, उन जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा होगी.
IMD Rain Alert: गढ़वा, पलामू, चतरा के लिए ऑरेंज अलर्ट
मौसम वैज्ञानिक ने कहा कि गढ़वा, पलामू और चतरा जिले में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. उन्होंने कहा कि सिमडेगा, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, बोकारो, धनबाद, जामताड़ा, देवघर, और दुमका जिले में भारी बारिश होने की चेतावनी जारी की गयी है.
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3 जिलों में 7 से 20 सेंटीमीटर तक वर्षा की संभावना
उन्होंने कहा कि जिन 3 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, उन जिलों में 7 से 20 मिलीमीटर तक वर्षा होने की संभावना है. वहीं, जिन 9 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है, हां 7 से 11 मिलीमीटर तक वर्षा हो सकती है. उन्होंने कहा कि 2 दिन बाद 3 दिन में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट आ सकती है.
24 घंटे में सबसे ज्यादा 47.4 मिमी वर्षा गोविंदपुर में हुई
मौसम वैज्ञानिक ने बताया कि झारखंड में अभी मानसून सामान्य है. पिछले 24 घंटे के दौरान कई जगहों पर गरज के साथ हल्के से मध्यम दर्जे की वर्षा हुई. सबसे ज्यादा 47.4 मिलीमीटर वर्षा धनबाद के गोविंदपुर में रिकॉर्ड की गयी. सबसे अधिक उच्चतम तापमान पलामू में 35.5 डिग्री और सबसे कम न्यूनतम तापमान लातेहार में 21.4 डिग्री रिकॉर्ड किया गया.
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अब तक 817.4 मिलीमीटर वर्षा हुई मानसून सीजन में
मौसम विभाग के मुताबिक, झारखंड में मानसून की बारिश अच्छी-खासी हुई है. 7 अगस्त तक राज्य में औसत 817.4 मिलीमीटर वर्षा हुई है, जो सामान्य वर्षापात 571.1 मिलीमीटर से 43 प्रतिशत अधिक है. राज्य के 2 जिलों में 1000 मिलीमीटर से अधिक वर्षा हो चुकी है.
पूर्वी सिंहभूम में अब तक 1445.3 मिमी बरसा मानसून
सबसे ज्यादा 1445.3 मिलीमीटर वर्षा पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर) में हुई है. राजधानी रांची में 1089.4 मिलीमीटर वर्षा हो चुकी है. डालटनगंज में 901.7 मिलीमीटर, बोकारो थर्मल में 864.9 मिलीमीटर और चाईबासा में 940.3 मिलीमीटर वर्षा हुई है. पूर्वी सिंहभूम में सामान्य से 99 फीसदी अधिक बारिश हुई है. पाकुड़ एकमात्र जिला है, जहां सामान्य से 13 फीसदी कम वर्षा हुई है.
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By Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
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