झारखंड हॉकी की नींव प्रतिमा बरवा को खूंटी में दी गई अंतिम विदाई, खिलाड़ियों ने नम आंखों से दी श्रद्धांजलि
Published by : Rupali Das Updated At : 02 Jun 2025 11:00 AM
हॉकी कोच प्रतिमा बरवा को अंतिम विदाई
Pratima Barwa: खूंटी में हॉकी खिलाड़ियों ने नम आंखों से कोच प्रतिमा बरवा को अंतिम विदाई दी. प्रतिमा के निधन से पूरे खेल जगत में शोक है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से लेकर खिलाड़ियों और खेल अधिकारियों ने इसे खेल जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया है.
Pratima Barwa: झारखंड की हॉकी कोच प्रतिमा बरवा का रविवार को पारस अस्पताल में निधन हो गया. उन्हें खूंटी में अंतिम श्रद्धांजलि दी गयी. यहां हॉकी खिलाड़ियों ने नम आंखों से प्रतिमा को विदाई दी. उनके निधन पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी शोक व्यक्त किया. प्रतिमा के मौत की खबर मिलते ही हॉकी जगत में शोक की लहर फैल गयी. पूर्व खिलाड़ी और खेल प्रेमी सहित कई लोगों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी.
महिला हॉकी को अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाने में अहम योगदान
बता दें कि प्रतिमा बरवा खूंटी स्थित आवासीय हॉकी प्रशिक्षण केंद्र की प्रमुख कोच थीं. उन्होंने सिमडेगा में भी कोच के रूप में सेवाएं दी थी. वह झारखंड की महिला हॉकी को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाने वाली प्रेरणास्रोत थीं. उनके प्रशिक्षण में अनेक प्रतिभाएं उभरी और भारतीय महिला हॉकी को नयी दिशा मिली. इन खिलाड़ियों ने न केवल राज्य बल्कि पूरे भारत का नाम अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है.
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अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ियों को दे चुकी हैं ट्रेनिंग
झारखंड की पूर्व हॉकी खिलाड़ी प्रतिमा बरवा अर्जुन पुरस्कार विजेता सलीमा टेटे, संगीता कुमारी, ब्यूटी डुंगडुंग, दीपिका सोरेंग, रजनी केरकेट्टा और सुषमा कुमारी जैसी प्रतिभावान हॉकी खिलाड़ियों की कोच रह चुकी हैं. इन सभी ने अपने खेल के दम पर न केवल झारखंड, बल्कि भारत का नाम भी दुनिया भर में रोशन किया है.
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खेल विभाग ने व्यक्त किया दुख
प्रतिमा बरवा के निधन से झारखंड ही नहीं पूरे भारतीय हॉकी समुदाय में शोक की लहर है. पूर्व खिलाड़ी, खेल प्रेमी और खेल अधिकारी सभी गहरे दुख में हैं. सोशल मीडिया पर भी लोग उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं. हॉकी झारखंड सहित कई खेल संस्थाओं ने उनके योगदान को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है. खिलाड़ियों ने उन्हें ‘मां समान मार्गदर्शक’ बताते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि दी है. खेल विभाग और झारखंड हॉकी संघ की ओर से भी गहरा दुख व्यक्त करते हुए उन्हें झारखंड हॉकी की नींव और संघर्ष की मिसाल बताया गया है.
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हॉकी संस्कृति की आधारशिला थीं प्रतिमा- विजय शंकर
हॉकी झारखंड के महासचिव विजय शंकर सिंह ने कहा कि प्रतिमा बरवा सिर्फ एक कोच नहीं थीं. वह झारखंड और भारत की हॉकी संस्कृति की आधारशिला थीं. उन्होंने जिन खिलाड़ियों को तैयार किया, वे आज देश के लिए गौरव बन गये हैं.
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By Rupali Das
नमस्कार! मैं रुपाली दास, एक समर्पित पत्रकार हूं. एक साल से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. वर्तमान में प्रभात खबर में कार्यरत हूं. यहां झारखंड राज्य से जुड़े महत्वपूर्ण सामाजिक, राजनीतिक और जन सरोकार के मुद्दों पर आधारित खबरें लिखती हूं. इससे पहले दूरदर्शन, हिंदुस्तान, द फॉलोअप सहित अन्य प्रतिष्ठित समाचार माध्यमों के साथ भी काम करने का अनुभव है.
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