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Champai Soren Resignation : चंपाई सोरेन के इस्तीफे के बाद क्या बोले हेमंत सोरेन?

Updated at : 03 Jul 2024 9:09 PM (IST)
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Champai Soren Resignation : चंपाई सोरेन के इस्तीफे के बाद क्या बोले हेमंत सोरेन?

मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने राज्यपाल को अपना इस्तीफा दे दिया है. उनके साथ हेमंत सोरेन, कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर, प्रभारी गुलाम अहमद मीर सहित अन्य नेता मौजूद रहे. राज्यपाल से मिलने के बाद हेमंत सोरेन और चंपाई सोरेन ने मीडीया के सामने अपनी बात रखी.

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Champai Soren Resignation : झारखंड में एक बार फिर से हेमंत सोरेन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बनने वाले हैं. सीएम चंपाई सोरेन ने राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया है. राज्यपाल से मिलने के बाद हेमंत सोरेन पहली बार सामने आए और बोले सारी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है. जब हेमंत सोरेन से शपथग्रहण के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि सरकार बनाने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है.

इस्तीफा के बाद पहली बार बोले चंपाई सोरेन

राज्यपाल को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद चंपाई सोरेन ने अपनी पहली प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने राजभवन से बाहर निकल कर मीडिया से बात की. उन्होंने कहा कि पिछले दिनों राजनीतिक परिस्तिथियों की वजह से मुझे मुख्यमंत्री बनाया गया था. लेकिन हेमंत सोरेन के जेल से बाहर आने के बाद हमारे गठबंधन ने निर्णय लिया है वह फिर से मुख्यमंत्री बनेंगे.

चंपाई सोरेन चाहते थे फिर से सीएम बने हेमंत : महुआ माजी

चंपाई सोरेन के इस्तीफे के बाद राज्यसभा सांसद महुआ माजी ने कहा कि चंपाई सोरेन खुद चाहते थे कि हेमंत फिर से सत्ता संभाले. उन्होंने कहा कि ईडी ने झूठे आरोप में हेमंत सोरेन को गिरफ्तार किया था. हेमंत चाहते तो अरविंद केजरीवाल की तरह सीएम बन सकते थे. लेकिन उन्होंने इस्तीफा देना मुनासिब समझा. हेमंत सोरेन ने इस्तीफा देकर पार्टी के वरीष्ठ नेता चंपाई सोरेन को सीएम बनाया था. लेकिन अब हाईकोर्ट ने भी माना है कि ईडी के पास हेमंत के खिलाफ कोई सबूत नहीं है और उन्हें बेल दे दी गई है. महुआ ने कहा कि अब हेमंत सोरेन जब बाहर आ चुके हैं तो हमारा गठबंधन चाहता है कि वह फिर से सीएम बने और चंपाई सोरेन की भी यही इच्छा है.

क्या है पूरा मामला

हेमंत सोरेन को जमीन घोटाले मामले में ईडी ने 31 जनवरी को गिरफ्तार किया था. गिरफ्तार होने से पहले हेमंत सोरेन ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था. हेमंत के इस्तीफा देने के बाद चंपाई सोरेन को विधायक दल का नेता चुना गया था और उन्हें मुख्यमंत्री बनाया गया था. लेकिन 29 जून को हाईकोर्ट ने हेमंत सोरेन को राहत देते हुए जमानत दी थी. हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि ईडी के पास हेमंत सोरेन के खिलाफ कोई सबूत नहीं है.

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Kunal Kishore

लेखक के बारे में

By Kunal Kishore

कुणाल ने IIMC , नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा की डिग्री ली है. फिलहाल, वह प्रभात खबर में झारखंड डेस्क पर कार्यरत हैं, जहां वे बतौर कॉपी राइटर अपने पत्रकारीय कौशल को धार दे रहे हैं. उनकी रुचि विदेश मामलों, अंतरराष्ट्रीय संबंध, खेल और राष्ट्रीय राजनीति में है. कुणाल को घूमने-फिरने के साथ पढ़ना-लिखना काफी पसंद है.

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