4 Years of Hemant Government: चार साल में हेमंत सरकार ने लिए 5 बड़े फैसले, देखें कामकाज का लेखा जोखा
मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद ही सीएम हेमंत सोरेन के सामने कोरोना जैसी भयानक बीमारी से निबटने की चुनौती थी. सीएम हेमंत सोरेन ने हर परिस्थिति को शानदार तरीके से संभाला.
रांची: सीएम हेमंत सोरेन सरकार के कार्यकाल का 4 साल कल पूरा हो जाएगा. 29 दिसंबर 2019 को सीएम हेमंत सोरेन ने 11वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी. उनके साथ कांग्रेस कोटे से मंत्री रामेश्वर उरांव, आलमगीर आलम और राजद कोटे से मंत्री सत्यानंद भोक्ता ने भी शपथ ली थी. इस शपथ ग्रहण समारोह में देश के कई जाने माने नेता शामिल हुए थे. बता दें कि सीएम हेमंत ने दूसरी बार मुख्यमंत्री का पद संभाला था. ऐसे में आज हम जानने कि कोशिश करेंगे कि मुख्यमंत्री के रूप में सीएम हेमंत सरकार का कार्यकाल कैसा रहा है. इन चार सालों में मौजूदा सरकार की कौन-कौन सी बड़ी उपलब्धियां रही हैं.
आपके शहर में
मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद ही सीएम हेमंत सोरेन के सामने कोरोना जैसी भयानक बीमारी से निबटने की चुनौती थी. सीएम हेमंत सोरेन ने हर परिस्थिति को शानदार तरीके से संभाला. हालांकि, इस दौरान उन्होंने लॉकडाउन जैसे सख्त कदम उठाये. कोरोना संक्रमितों की पहचान के लिए हर सार्वजनिक स्थल पर कोरोना के जांच की व्यवस्था की. परिणाम ये हुआ कि संक्रमितों की जल्द से जल्द पहचान हुई और उन्हें तुरंत इलाज मुहैया करायी गयी. जो मजदूर झारखंड से बाहर रोजगार के लिए गये थे उन्हें विभिन्न माध्यमों जैसे कि हवाई जहाज, रेल और बस से उनके घर पहुंचाया गया था.
Also Read: झारखंड : किसानों से धान खरीदने के लिए हेमंत सोरेन सरकार लेगी 1000 करोड़ रुपये कर्ज
सीएम हेमंत सोरेन ने 11 नवंबर 2020 को झारखंड विधानसभा का विशेष सत्र आयोजित कर सर्वसम्मति से सरना धर्म कोड प्रस्ताव पारित कर दिया. फिलहाल ये केंद्र के पास विचाराधीन है. बता दें कि आदिवासी समुदाय अपनी इस मांग को लेकर लंबे समय से संघर्षरत है. झारखंड सरकार का इस कोड को पारित करने के पीछे का तर्क ये है कि इससे आदिवासियों की संस्कृति और धार्मिक आजादी की रक्षा की जा सकेगी.
झारखंड के निजी क्षेत्रों में स्थानीय के लिए 75 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान लागू कर दिया गया है. इस नियमावली के अनुसार, राज्य के निजी क्षेत्र के प्रत्येक नियोक्ता को 40 हजार रुपये तक के वेतन व मजदूरी वाले पदों पर 75 प्रतिशत स्थानीय उम्मीदवारों को बहाल करना होगा. इस नियुक्ति में कंपनियों, संगठनों व प्रतिष्ठानों को स्थानीय लोगों व परियोजना के कारण विस्थापित हुए लोगों को नियुक्ति में उच्च प्राथमिकता देनी होगी.
झारखंड की हेमंत सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना लागू कर दी है. बता दें कि राज्य सरकार के कर्मचारी लंबे समय से इसकी मांग कर रहे थे. 2014 से पूर्व वर्तमान सीएम हेमंत सोरेन ने चुनावी घोषणा पत्र में शामिल किया था.
हेमंत सोरेन सरकार ने साल 2022 में झारखंड विधानसभा से 1932 खतियान बिल पारित कर दिया था. इस प्रावधान के अनुसार जो स्थानीय होंगे उन्हें तृतीय और चतुर्थ वर्ग की नौकरियों में प्राथमिकता दी जाएगी. हालांकि इस बिल को राज्यपाल ने वापस कर दिया था. लेकिन हाल ही में हेमंत सरकार ने इस बिल को फिर से विधानसभा के शीतकालीन सत्र में पारित कर फिर से राज्यपाल के पास भेज दिया है.
झारखंड में वर्तमान में आपकी सरकार आपके द्वार अभियान का तीसरा चरण जारी है. इसकी शुरुआत 12 अक्टूबर 2022 को हुई थी. पहला चरण 12 से 22 अक्टूबर, 2022 तक एवं दूसरा चरण एक से 14 नवंबर, 2022 तक संचालित किया गया था. इसका मकसद पंचायत स्तर पर शिविर लगाकर ग्रामीणों की समस्या का ऑन द स्पॉट हल करना है. इससे योजना के माध्यम से आमजन काफी लाभान्वित हो रहे हैं.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए