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ST समुदाय के लोगों को आत्मनिर्भर बनाने में जुटी हेमंत सरकार, लोन दिलाने को लेकर बैंकर्स के साथ की बैठक

Updated at : 13 Dec 2021 7:30 PM (IST)
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ST समुदाय के लोगों को आत्मनिर्भर बनाने में जुटी हेमंत सरकार, लोन दिलाने को लेकर बैंकर्स के साथ की बैठक

jharkhand news: झारखंड के अनुसूचित जनजाति समुदाय के लोगों को आत्मनिर्भर बनाने में हेमंत सरकार जुटी है. इसी कड़ी में सीएम हेमंत सोरेन ने बैंक अधिकारियों के साथ बैठक कर लाेन देने में आ रही परेशानी पर चर्चा की. कहा कि ST समुदाय के अस्तित्व को सुरक्षित रखना हमारा दायित्व है.

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Jharkhand news: झारखंड में अनुसूचित जनजाति समुदाय के लोगों को आत्मनिर्भर बनाने में हेमंत सरकार जुटी है. इसी कड़ी में सोमवार को अनुसूचित जनजाति समुदाय के व्यक्तियों को बैंकों द्वारा ऋण उपलब्ध कराने संबंधी बैठक में सीएम हेमंत सोरेन ने शिरकत की. कहा कि संपत्ति के अनुरूप बैंक लोन दे. सीएम श्री सोरेन ने कहा कि आदिवासियों की जमीन ले लेंगे, तो उनका अस्तित्व छीन जायेगा. हमें उनके अस्तित्व को सुरक्षित रखना है.

अनुसूचित जनजाति के लोगों को आत्मनिर्भर बनाना जरूरी

सीएम श्री सोरेन ने कहा कि अनुसूचित जनजाति समुदाय को ऋण नहीं मिल पाने की समस्या अविभाजित बिहार से चली आ रही है. ऐसी व्यवस्था हो, ताकि अनुसूचित जनजाति के लोग व्यवसाय समेत अन्य क्षेत्र में आगे बढ़ सकें. इनके पास भूमि है, लेकिन भूमि होने के बावजूद वो उसका उपयोग खुद को आत्मनिर्भर बनाने में नहीं कर पाते हैं.

झारखंड में 40 फीसदी एससी-एसटी

उन्होंने कहा कि कई शिकायतें आती हैं कि उन्हें बैंक से ऋण उपलब्ध नहीं हो पाता है. यही कारण है कि इसके समाधान को लेकर बैंकर्स के साथ बैठक आयोजित हुई. कहा कि अनुसूचित जनजाति समुदाय के 28 प्रतिशत लोग इस राज्य में हैं. अगर अनुसूचित जाति समुदाय को सम्मलित कर लें, तो यह 40 प्रतिशत तक जायेगी. ऐसे में उन्हें आगे बढ़ाने की दिशा में सभी का सामूहिक प्रयास होना चाहिए. हेमंत सरकार की कोशिश है कि इन्हें भी स्वावलंबी बनाया जाये.

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लीक से अलग हटकर विचार करें

सीएम श्री सोरेन ने कहा कि बैंक प्रबंधन लीक से अलग हटकर समाधान निकाल सकते हैं. बैंकों को चाहिए कि भूमि पर ध्यान ना देकर भूमि पर जिस चल-अचल संपत्ति का निर्माण हो, उसे कोलेट्रल के रूप में रखने पर विचार करें, तो समस्या का काफी हद तक समाधान निकाला जा सकता है. इसके अतिरिक्त बैंकों को कोलेट्रल फ्री ऋण की अधिसीमाओं को बढ़ाने की जरूरत है, जिससे आदिवासियों को आसानी से शिक्षा, आवास, व्यवसाय एवं उद्योग लगाने के लिए लोन मिल सके.

इस समुदाय के लोग अगर आगे नहीं बढ़ेंगे, तो राज्य कैसे विकास के पथ पर आगे बढ़ेगा. बैंक प्रबंधन इस पर विचार करें. बैंक प्रबंधन बोर्ड की बैठक में इन बातों को रखें. सरकार बैंक प्रबंधन को पूर्ण सहयोग प्रदान करेगी. कहा कि हमें समन्वय बनाकर कार्य करने की आवश्यकता है, जिससे इस समुदाय का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके.

बैठक में मंत्री चंपई सोरेन, विधायक प्रो स्टीफन मरांडी, मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का, मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे, वित्त सचिव अजय कुमार सिंह, कल्याण सचिव केके सोन एवं विभिन्न बैंकों के महाप्रबंधक और क्षेत्रीय प्रबंधक उपस्थित थे.

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Posted By: Samir Ranjan.

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