HEC News एचइसी प्रबंधन बकाया वेतन देने में भी भेदभाव कर आंदोलन समाप्त करना चाहता है

Published by : DUSHYANT KUMAR TIWARI Updated At : 18 Aug 2025 12:30 AM

विज्ञापन

एचइसी में आउससोर्सिंग एजेंसी का विरोध कर रहे सप्लाई कर्मियों का आंदोलन जारी है. वहीं, प्रबंधन ने कर्मियों को एक माह का वेतन भुगतान चार दिन पूर्व किया है. लेकिन, आंदोलन में शामिल लगभग 700 कर्मियों को वेतन भुगतान नहीं किया है.

विज्ञापन

रांची. एचइसी में आउससोर्सिंग एजेंसी का विरोध कर रहे सप्लाई कर्मियों का आंदोलन जारी है. वहीं, प्रबंधन ने कर्मियों को एक माह का वेतन भुगतान चार दिन पूर्व किया है. लेकिन, आंदोलन में शामिल लगभग 700 कर्मियों को वेतन भुगतान नहीं किया है. इसको लेकर सप्लाई कर्मियों में आक्रोश है. एचइसी सप्लाई संघर्ष समिति के मनोज पाठक ने कहा कि प्रबंधन ‘फूट डालो और राज करो’ की नीति पर काम कर रहा है. एक ओर प्रबंधन वार्ता के लिए बुलाता है, दूसरी ओर आधे से अधिक सप्लाई कर्मियों के बकाया वेतन में कटौती कर भुगतान नहीं किया है, जो सप्लाई कर्मियों का हक हैं. उन्होंने कहा कि प्रबंधन ने 29 माह पूर्व का वेतन दिया है, जबकि आंदोलन डेढ़ माह से चल रहा है. ऐसे में प्रबंधन पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर आंदोलन को दबाना चाहता है.

वार्ता आज, असफल हुई, तो जोरदार आंदोलन

समिति के दिलीप सिंह ने कहा कि प्रबंधन सही मायने में एचइसी को चलाना नहीं चाहता है. यही कारण है कि इतना लंबा आंदोलन चल रहा है. कंपनी का उत्पादन ठप है. आवासीय परिसर में अवैध निर्माण जारी है, क्वार्टरों व प्लांटों में साफ-सफाई नहीं हो रही है. एचइसी को कार्यादेश देनेवाली कंपनी कार्यादेश को रद्द कर रही है. जबकि, सप्लाई कर्मी कोई नयी मांग नहीं मांग रहे हैं. वह पुरानी मांगों को बहाल करने की मांग कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि सोमवार को होनेवाली वार्ता विफल होती है, तो सप्लाई कर्मी अब आरपार की लड़ाई लड़ेंगे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
DUSHYANT KUMAR TIWARI

लेखक के बारे में

By DUSHYANT KUMAR TIWARI

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola