Ranchi news : मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना के लाभुकों को एक साल बाद भी नहीं मिला स्मार्ट कार्ड

लक्ष्य 250 वाहनों के परिचालन का है, लेकिन 127 वाहन ही फिलहाल चल रहे हैं. स्मार्ट कार्ड के लिए योजना प्राधिकार समिति ने एक वर्ष पूर्व सैद्धांतिक सहमति दी थी.
रांची. मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना के तहत वर्तमान में राज्य के विभिन्न जिलों में कुल 601 मार्गों पर 127 बस और अन्य वाहनों का परिचालन हो रहा है. यह लक्ष्य से आधा है. परिवहन विभाग के अनुसार, योजना के तहत छात्र-छात्राओं, झारखंड आंदोलनकारी, दिव्यांग, 60 वर्ष या उससे ज्यादा उम्र के बुजुर्गों को मुफ्त यात्रा का लाभ दिया जाना है. इसको लेकर एक वर्ष पूर्व ऐसे लाभुकों की पहचान कर उनके बीच स्मार्ट कार्ड वितरित किया जाना था. इसके लिए योजना प्राधिकार समिति ने सैद्धांतिक सहमति दे दी थी. राज्य परिवहन विभाग की ओर से प्रस्ताव को अंतिम रूप देकर कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाना था. लेकिन, एक वर्ष बाद भी विभाग यह तय नहीं कर पाया है कि लाभुकों तक स्मार्ट कार्ड कैसे पहुंचाया जाये.
राज्य में लाभुकों की संख्या लगभग 80 लाख
राज्य में लाभुकों की संख्या लगभग 80 लाख है. योजना के तहत चलनेवाले वाहनों को रोड टैक्स से 100 प्रतिशत छूट है. इसके अलावा 33 से 42 सीट वाले वाहनों को 18 रुपये प्रति किमी, 25 से 32 सीट वाले वाहनों को 14.50 रुपये प्रति किमी, 13 से 25 सीट के लिए 10.50 रुपये प्रति किमी और सात से 12 सीट के लिए 7.50 रुपये प्रति किमी सब्सिडी का भी प्रावधान है. प्रथम चरण में मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना पांच वर्षों के लिए प्रभावी होगी. योजना के तहत 250 वाहनों के संचालन पर वित्तीय वर्ष (2023-24) में विभाग पर 24 करोड़ रुपये का वित्तीय भार पड़ने का अनुमान था. हालांकि, करीब दो वर्ष होने को हैं, लेकिन अभी तक वाहनों की संख्या 250 नहीं पहुंची है. वाहनों के परिचालन में अनियमितता पाये जाने पर विभाग कार्रवाई भी करेगा. सभी वाहन जीपीएस से लैस हैं. इसके जरिये वाहनों के परिचालन पर विभाग नजर रखता है.
क्या है मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना
मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना का उद्देश्य पंचायतों को अनुमंडल से और अनुमंडल को जिला मुख्यालय से जोड़ने है. ताकि, गांव के बच्चे-बच्चियां उच्च शिक्षा के लिए गांव से निकल कर मुख्यालय तक नि:शुल्क आसानी से पहुंच सकें. इसके अलावा दिव्यांग, आंदोलनकारी, बुजुर्गों आदि को भी मुफ्त में बस सुविधा मिले. खर्च का वहन विभाग द्वारा किये जाने का प्रावधान है.
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