मूलभूत सुविधाओं से वंचित है मछुआरों का परिवार

Updated at : 13 Jun 2025 6:48 PM (IST)
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मूलभूत सुविधाओं से वंचित है मछुआरों का परिवार

वर्तमान औद्योगिक क्रांति के युग में भी खलारी के सोनाडुबी नदी के दो किनारों पर बसे मछुआरों का परिवार मूलभूत सुविधाओं से वंचित है.

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प्रतिनिधि, खलारी.

वर्तमान औद्योगिक क्रांति के युग में भी खलारी के सोनाडुबी नदी के दो किनारों पर बसे मछुआरों का परिवार मूलभूत सुविधाओं से वंचित है. 20 घरों में बसे मछुआरों का परिवार रोजी-रोटी के लिए खलारी के जेहलीटांड़ स्थित सोनाडुबी नदी के किनारे बसा है. लगभग 60 के दशक में मछुआरों की टोली मछली मारने के लिए सोनाडुबी नदी किनारे नायक बस्ती और उर्सुलाइन स्कूल स्थित लगभग 50 घर मछुआधौड़ा में बसे. मछलियों का रोजगार करनेवाले मछुआरों की स्थिति वर्तमान में काफी दयनीय हो गयी है. दामोदर नदी और सोनाडुबी नदी में दो दशक पूर्व जल प्राणियों का वास था. परंतु आज पर्यावरण दूषित होने के कारण उक्त नदियों से मछलियों के साथ अन्य जल प्राणियों का अस्तित्व मिट-सा गया है. नदियाें का पानी दूषित होने व मछलियों का नहीं पनपने के कारण मछुआरों का रोजगार लगभग खत्म हो गया है. जिसके कारण नायक बस्ती के मछुआरों का दो वक्त की रोटी जुटाना पाना भी मुश्किल हो रहा है.

सरकारी योजनाओं से वंचित है नायक बस्ती :

सुविधाविहीन लगभग 20 घरों की नायक बस्ती में 250 के करीब आबादी है. ऐसे में नायक बस्ती आज भी मूलभूत सरकारी योजनाओं से वंचित है. नायक बस्ती में जेहलीटांड़ से बांस के सहारे बिजली लायी गयी है. इस कारण महीने में महज 15 दिन सही से बिजली मिल पाती है. बस्ती में कुछ लोगों का ही शौचालय है. शिक्षा का अभाव है. लोगों के पास कोई रोजगार नहीं है. बस्ती में पहुंचने के लिए सड़क नहीं है. बस्ती में गली की सड़कें भी अधूरी हैं. पानी पीने के लिए चापानल और कुआं नहीं है. सरकारी पानी की सप्लाई तीन-चार दिनों में होता है. बस्ती में राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड सिर्फ आधे लोगों का बना है. विधवा पेंशन, वृद्धा पेंशन, प्रधानमंत्री आवास योजना आदि योजनाओं का लाभ से वंचित हैं ग्रामीण.

दिहाड़ी से कर रहे गुजारा :

नायक बस्ती के लालजीत नायक, शुक्रमणि देवी, बॉबी देवी, बसंती देवी, मंजू देवी, श्यामजीत नायक, विजय नायक, श्रवण नायक, कपिल देव नायक, देवंती देवी सहित अन्य ने बताया कि बस्ती के आधे लोग मछलियों से जीविकोपार्जन कर रहे हैं. जबकि आधे लोग दिहाड़ी मजदूरी करते हैं. बताया कि पहले की भांति अब नदी तालाब में मछली नहीं मिलते हैं. नदी में मछली नहीं पनप रहे हैं. ऐसे में दूर-दराज क्षेत्र के राय, बचरा, पिपरवार क्षेत्र के नदी, तालाब व बंद खदान आदि जगहों में जाल से मछली पकड़ते हैं और उसे बेचकर अपनी जीविका चलाते हैं.

गाडवॉल, जलमीनार व सड़क की मांग :

सोनाडुबी नदी किनारे बसा नायक बस्ती के मछुआरों ने नदी में गार्डवॉल निर्माण, लाइट, जलमीनार, सरकारी सुविधएं, सामुदायिक भवन, नदी की साफ-सफाई, सड़क व रोजगार आदि की मांग की है. उन्होंने बताया कि बरसात में नदी का पानी घर में घुस जाता है. जिसके कारण कभी-कभी उन्हें भूखे पेट रहना पड़ता है. बरसात में सड़क नहीं होने के कारण नदी किनारे का रास्ता बंद हो जाता है. मुख्य मार्ग सड़क पर जाना मुश्किल हो जाता है. बताया कि नहाने से लेकर कपड़ा धोने के लिए नदी की गंदा पानी का इस्तेमाल करना पड़ता है.

13 खलारी01:- मूलभूत सुविधाओं की मांग करते सोनाडुबी नदी किनारे नायक बस्ती के मछुआरे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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