छह साल बाद भी आदेश का पालन नहीं, खुले नाले क्यों नहीं ढंके गये : हाइकोर्ट
Updated at : 28 Jan 2026 12:31 AM (IST)
विज्ञापन

झारखंड हाइकोर्ट ने कांटाटोली के पास खुले नाले में डूबने से दो वर्षीय मासूम की मौत के मामले को गंभीरता से लिया है.
विज्ञापन
रांची. झारखंड हाइकोर्ट ने कांटाटोली के पास खुले नाले में डूबने से दो वर्षीय मासूम की मौत के मामले को गंभीरता से लिया है. चीफ जस्टिस महेश शरदचंद्र सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने प्रभात खबर में प्रकाशित खबर कांटाटोली : खुले नाले में डूब गया दो वर्ष का मासूम.. पर स्वत: संज्ञान लेते हुए उसे पीआइएल में तब्दील कर दिया. इस मामले में खंडपीठ ने मंगलवार को सुनवाई की. मौके पर खंडपीठ ने रांची नगर निगम से पूछा कि जब चार दिसंबर 2020 को हाइकोर्ट ने रांची शहर के सभी खुले नालों को छह माह में ढंकने का आदेश दिया था, तो उस आदेश का अब तक अनुपालन क्यों नहीं किया गया है. खुले नाले क्यों नहीं ढंके गये?
शपथ पत्र दायर कर जवाब दायर करने का निर्देश
खंडपीठ ने नगर निगम को शपथ पत्र दायर कर जवाब दायर करने का निर्देश दिया. वहीं राज्य सरकार से पूछा कि नाले में डूबने से हुई मौत के मामले में मासूम के परिजन को मुआवजा दिया गया है या नहीं अथवा सरकार ने मुआवजा देने पर क्या कार्रवाई की है. खंडपीठ ने मामले में राज्य सरकार और रांची नगर निगम को नोटिस जारी किया. राज्य सरकार की ओर से अधिवक्ता पीयूष चित्रेश तथा रांची नगर निगम की ओर से अधिवक्ता एलसीएन शाहदेव ने नोटिस प्राप्त किया. अधिवक्ता कुमार वैभव को खंडपीठ ने मामले में एमिकस क्यूरी बनाया है.प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




