ePaper

मांगें नहीं हुई पूरी, कई सेवाओं के कर्मी आंदोलन की तैयारी में

Updated at : 11 Jun 2024 12:23 AM (IST)
विज्ञापन
मांगें नहीं हुई पूरी, कई सेवाओं के कर्मी आंदोलन की तैयारी में

राज्य की विभिन्न सेवा के कर्मी आंदोलन को तैयार हैं. वे अपनी मांंगों को लेकर आंदोलन करेंगे. वे आदर्श चुनाव आचार संहिता समाप्त होने का इंतजार कर रहे थे.

विज्ञापन

रांची. राज्य की विभिन्न सेवा के कर्मी आंदोलन को तैयार हैं. वे अपनी मांंगों को लेकर आंदोलन करेंगे. वे आदर्श चुनाव आचार संहिता समाप्त होने का इंतजार कर रहे थे. अब आंदोलन की रूपरेखा तैयार कर रहे हैं. इनमें से झारखंड सचिवालय सेवा संघ के पदाधिकारियों ने तो आंदोलन की घोषणा भी कर दी है. संघ का आंदोलन 11 जून से शुरू हो रहा है. 11 जून को प्रोजेक्ट भवन सचिवालय के समक्ष मौन प्रदर्शन करेंगे. वहीं राज्य के मनरेगाकर्मी और पंचायत स्तरीय स्वयंसेवक भी तैयारी में लग गये हैं.

इनका होगा आंदोलन

-झारखंड सचिवालय सेवा संघ का आंदोलन मंगलवार 11 जून से शुरू हो रहा है. संघ के अध्यक्ष ध्रुव प्रसाद ने बताया कि उनके कैडर के पदों को कम करने की साजिश की गयी है. इसके अलावा भी अन्य मांगों को लेकर पहले मौन प्रदर्शन किया जायेगा. फिर 19 से 20 जून तक काला बिल्ला लगाया जायेगा. 27 जून को कलमबंद हड़ताल और जुलाई में प्रदर्शन होगा. -वहीं झारखंड राज्य राजस्व उप निरीक्षक संघ की ओर से राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग को अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन देकर आंदोलन की जानकारी दी जायेगी. इसकी रूपरेखा तैयार की जा रही है. संघ 2400 ग्रेड पे लागू करने, राज्य स्तरीय वरीयता सूची प्रकाशित करने, वरीयता सूची के आधार पर सीआइ से सीओ में प्रोन्नति देने की मांग कर रहा है. -राज्य के मनरेगाकर्मी भी आंदोलन को तैयार हैं. नियमितीकरण सहित कई मांगों को लेकर वे लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन कई बार समझौता के बाद भी उनकी मांगें पूरी नहीं हुई है. ऐसे में वे फिर से आंदोलन के लिए तैयार हैं. झारखंड राज्य मनरेगा कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष जॉन पीटर बागे ने कहा कि कई बार विभागीय मंत्री और पदाधिकारियों से वार्ता के बाद भी मांगें नहीं मानी गयी है. ऐसे में आंदोलन ही विकल्प बचा है. -इधर पंचायत स्तरीय स्वयंसेवक भी आंदोलन के लिए तैयार हैं. इसके पूर्व 250 दिन से अधिक समय तक उनलोगों ने राजभवन के समक्ष धरना दिया था. फिर भी मांगें नहीं मानी गयी. निर्णय के बाद भी एकमुश्त 2500 रुपये हर स्वयंसेवकों को नहीं मिले. सारी मांगें यथावत है. स्वयंसेवकों को तीन साल से पैसे नहीं मिल रहे हैं. एक-एक स्वयंसेवक का तीन से चार लाख रुपये बकाया है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola