नोटों के बंडलों के साथ पर्चियां मिलीं देनेवाले और हिस्सेदारों के भी हैं नाम

Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 10 May 2024 12:40 AM

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जहांगीर आलम के घर छापेमारी के दौरान रुपयों के बंडलों के साथ पर्चियां भी मिलीं. इन पर्चियों पर देनेवाले का नाम और कारण लिखा है. वहीं कमीशन की रकम, ट्रांसफर-पोस्टिंग या टेंडर के मामले में वसूली गयी राशि का जिक्र है.

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विशेष संवाददाता (रांची). जहांगीर आलम के घर छापेमारी के दौरान रुपयों के बंडलों के साथ पर्चियां भी मिलीं. इन पर्चियों पर देनेवाले का नाम और कारण लिखा है. वहीं कमीशन की रकम, ट्रांसफर-पोस्टिंग या टेंडर के मामले में वसूली गयी राशि का जिक्र है. कुछ पर्चियों पर टेंडर में हिस्सेदारों का नाम और प्रतिशत भी लिखा है. नोटों के बंडलों में इडी को कुछ पर्चियां ऐसी भी मिली हैं जिसमें सचिव स्तर के अधिकारियों के नाम व हिस्सेदारी का उल्लेख किया गया है. छह मई की छापेमारी के दौरान जब्त किये गये नोटों के बंडलों के साथ मिली पर्चियों के आधार पर इडी आगे की जांच में जुट गयी है. सात मई को हुई छापामारी इन्हीं पर्चियों में मिली सूचनाओं के आधार पर की गयी थी. दूसरे दिन की छापेमारी में भी इडी को अहम दस्तावेज मिले हैं. इसमें योजनाओं के साथ भुगतान की स्थिति का भी ब्योरा दर्ज है. जहांगीर के घर से जब्त नोटों के बंडलों में कुछ पर्चियां ऐसी भी मिली हैं, जिसमें उस खास योजना में जेइ, एइ, इइ, अधीक्षण अभियंता को दी जा चुकी हिस्सेदारी का उल्लेख किया गया है. इसके अलावा विभाग के कुछ उप सचिवों के साथ ही सचिव स्तर के अधिकारियों के नाम के साथ कमीशन में हिस्सेदारी का ब्योरा भी दर्ज है. इन पर्चियों में दर्ज ब्योरे से बीरेंद्र राम द्वारा अपनी गिरफ्तारी के बाद कमीशनखोरी के संबंध में दिये गये बयान की पुष्टि होती है. बीरेंद्र राम ने भी अपनी गिरफ्तारी के बाद विकास योजनाओं में प्रचलित कमीशन दर और हिस्सेदारों के नाम का उल्लेख किया था. बीरेंद्र राम ने कमीशनखोरी के बारे में जिन अधिकारियों का नाम लिया था उसमें से एक नाम ग्रामीण विकास मंत्री के आप्त सचिव संजीव लाल का भी था. इडी ने इससे आगे की सूचनाएं जुटा कर जहांगीर को भी दबोचा. उसके पास से बरामद रुपये से कमीशनखोरी की स्थिति का आकलन किया जा सकता है. छापेमारी के दौरान अपने घर पर दिये गये बयान में जहांगीर ने बरामद रुपयों के बारे में कहा था कि उक्त पैसे संजीव लाल के हैं. हालांकि जेल से रिमांड पर लिये जाने के बाद वह अलग- अलग कहानियां गढ़ रहा है.

संजीव लाल की पत्नी को रुपयों व संपत्ति की कोई जानकारी नहीं :

इडी ने संजीव लाल की पत्नी से उनके नाम पर खरीदी गयी संपत्ति और जहांगीर आलम के घर से बरामद रुपये के सिलसिले में पूछताछ की. हालांकि, उन्होंने इन मामलों में अपनी अनभिज्ञता जतायी. इडी के समन के आलोक में वह दोपहर में इडी के रांची स्थित क्षेत्रीय कार्यालय पहुंचीं. इडी के अधिकारियों ने उनसे उनके नाम पर खरीदी गयी संपत्ति के सिलसिले में पूछताछ की. इडी की छापेमारी के दौरान संजीव लाल की पत्नी के नाम पर जमीन खरीदे जाने से संबंधित दस्तावेज मिले थे. इडी ने इन संपत्तियों के आर्थिक स्रोतों के सिलसिले में पूछताछ की. साथ ही संजीव लाल की गतिविधियों से संबंधित सवाल पूछे. इडी ने जहांगीर आलम के घर से जब्त किये गये रुपयों के सिलसिले में भी सवाल पूछे. बताया जाता है कि उन्होंने इन रुपयों के सिलसिले में किसी भी तरह की जानकारी होने की बात से इनकार किया.

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