ईस्टर पर रेव्ह विकास कुजूर ने दिया प्रभु के पुनरुत्थान का संदेश, बोले- अल्लेलूया बोलने के लिए योग्य होना जरूरी

रेव्ह विकास कुजूर ने कहा कि प्रभु के जी उठने के कारण हम भी जी उठे हैं. वे जी उठे हैं तो कहां हैं? बाइबल में बताया गया है कि वह मुझमें जीवित हैं.
ईस्टर पर सीएनआइ की प्रभुभोज आराधना कांटाटोली स्थित कब्रिस्तान में हुई. इसमें रेव्ह विकास कुजूर ने प्रभु के पुनरुत्थान दिवस पर संदेश दिया. उन्होंने कहा कि प्रभु यीशु ख्रीस्त जी उठे हैं, सचमुच जी उठे हैं. अल्लेलूया. उन्होंने कहा कि वचन कहता है कि परमेश्वर मुर्दों के नहीं, जीवितों के परमेश्वर हैं. इसलिए हम भी जीवित हैं. यीशु पर विश्वास करने, बपतिस्मा, दृढ़ीकरण पाने के द्वारा हम भी जी उठे हैं. इसलिए हम उनके जी उठने के दिन को पर्व के रूप में मना रहे हैं. यह गवाही दे रहे हैं कि वह जी उठे हैं.
उन्होंने कहा कि प्रभु के जी उठने के कारण हम भी जी उठे हैं. वे जी उठे हैं तो कहां हैं? बाइबल में बताया गया है कि वह मुझमें जीवित हैं. क्या हम विश्वास के साथ ऐसा बोल सकते हैं? यदि नहीं, तो हमारा पर्व मनाना व्यर्थ है. यीशु कलीसिया में हैं. हम मिलकर उनकी देह हैं. कलीसिया को आत्मा मिल चुकी है,
क्या उस आत्मा के द्वारा हम सब एक हैं? प्रभु यीशु जी उठे हैं, तो हमें क्या करना है? बाइबल कहता है कि जब तुम मसीही के साथ जिलाये गये हो, तो स्वर्गीय वस्तुओं की खोज करो. हम स्वर्गिक वस्तुओं की खोज में रहें. इसका पता हमारे व्यवहार, चाल-चलन, परमेश्वर के साथ संगति, गिरजाघर में हमारी उपस्थिति से चलता है.
रेव्ह विकास ने कहा कि इस दिन हमें इस विषय पर मनन करने की आवश्यकता है कि उनके जी उठने के पीछे का क्या कारण है, इसके साथ हमारा क्या संबंध है और हमें क्या करना चाहिए? जब हम अल्लेलूया बोलते हैं, तो यह जरूरी है कि हम यह बोलने के योग्य हों. बाइबल में कहा गया कि वे जीवित और मरे हुए, दोनों के प्रभु हैं. इस संसार के और इस संसार के बाद के
मृत्यु और अधोलोक की कुंजियां उनके पास हैं. वह हमारा न्याय करेंगे. उन पर विश्वास करनेवाले अपना जीवन अपने लिये नहीं, बल्कि उनके लिए जीयें, जो हमारे लिए मारे गये, गाड़े गये और तीसरे दिन जी उठे. क्या हम परमेश्वर के उद्देश्य को पहचान कर अपने जीवन में उसका पालन करते हैं? इस बात पर मंथन करने की आवश्यकता है.
सीएम हेमंत सोरेन ने ईस्टर पर सबको शुभकामनाएं दी हैं. उन्होंने कहा है कि प्रेम, दया, क्षमा, मानवता और करुणा का यह पवित्र पर्व सबको स्वस्थ जीवन, सुख, शांति और समृद्धि प्रदान करे.
उन्होंने कहा कि हम बपतिस्मा प्राप्त लोग, विश्वास करनेवाले, उनके पुत्र-पुत्रियां हैं, पर क्या परमेश्वर हमसे प्रसन्न हैं? यदि परमेश्वर प्रसन्न हैं, तो पुनरुत्थान के दिन हम परमेश्वर की महिमा के लिए जी उठेंगे. पर यदि प्रसन्न नहीं हैं, तो हम जी उठेंगे, पर सदा के लिए घिनौने ठहरने के लिए. जिन्होंने विश्वास किया है, बपतिस्मा लिया है, परमेश्वर ने हमें प्रभु यीशु ख्रीस्त में पवित्र ठहरा दिया है.
क्या हम अपने आप को पवित्र के रूप में जानते हैं या नहीं जानते? इससे पूर्व इस दिन तड़के तीन बजे कैथेड्रल के प्रांगण से कांटाटोली कब्रस्तिान तक शोभायात्रा निकाली गयी. वहीं, सुबह छह बजे से कैथेड्रल में प्रभुभोज अनुष्ठान हुआ, जिसकी अगुवाई बिशप बीबी बास्के ने की.
पुनरुत्थान पर्व पर एनडब्ल्यूजीइएल चर्च के मसीही विश्वासियों ने तड़के 2.30 बजे गोस्सनर कंपाउंड स्थित स्मारक पत्थर से कब्रिस्तान तक प्रोसेशन निकाला.. वहां की आराधना विधि में बिशप निस्तार कुजूर उपदेशक थे. क्राइस्ट चर्च में पहली आराधना सुबह पांच और दूसरी आठ बजे से हुई..इनमें आर्चबिशप राजीव सतीश टोप्पो और रेव्ह सलमोन एक्का उपदेशक थे. कब्रिस्तान में जीइएल चर्च की आराधना सुबह चार बजे से हुई.
इसमें बिशप सीमांत तिर्की ने संदेश दिया, वहीं रेव्ह बी तोपनो ने आराधना का संचालन किया. पहली चर्च सर्विस सुबह 6.30 बजे से थी, जिसका संचालन रेव्ह एन गुड़िया ने किया. इसमें रेव्ह जेएस भेंगरा ने संदेश दिया. दूसरी आराधना विधि का संचालन रेव्ह एन गुड़िया ने किया, जिसमें रेव्ह ममता बिलुंग ने संदेश दिया. संध्याकालीन आराधना रेव्ह बी टोपनो की अगुवाई में शाम 5.30 बजे से हुई. वही, संत मरिया महागिरजाघर, पुरुलिया रोड में पास्का रविवार की मिस्सा पूजा सुबह छह, 7.30 व नौ बजे से की गयी.
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By Prabhat Khabar News Desk
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