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झारखंड में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की 14 योजनाएं लटकी, आवेदन देने के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई

Updated at : 03 Jan 2023 10:33 AM (IST)
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झारखंड में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की 14 योजनाएं लटकी, आवेदन देने के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई

पेयजल विभाग की लंबित 14 में से चार योजनाएं रेलवे की ओर से एनओसी नहीं मिलने की वजह से अटकी हुई हैं. इसमें चक्रधरपुर डिवीजन की लुवाबासा रूरल पाइप वाटर सप्लाई स्कीम शामिल है

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रेलवे, एनएचआइ, वन और आरसीडी विभाग की ओर से एनओसी नहीं मिलने के कारण पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की 14 योजनाएं लटक हुई हैं. इन योजनाओं की लागत लगभग 1055 करोड़ रुपये है. विभाग ने एनओसी के लिए आवेदन भी दिया है, लेकिन इस पर अब तक कोई निर्णय नहीं हो पाया है.

पेयजल विभाग की लंबित 14 में से चार योजनाएं रेलवे की ओर से एनओसी नहीं मिलने की वजह से अटकी हुई हैं. इसमें चक्रधरपुर डिवीजन की लुवाबासा रूरल पाइप वाटर सप्लाई स्कीम शामिल है, जिसकी लागत 9.67 करोड़ रुपये है. यह योजना लगभग तीन वर्ष से फंसी हुई है.

इसके अलावा रेलवे के चक्रधरपुर डिवीजन के पास 11.27 करोड़ की गोंदमारा-समुराई ग्रामीण पेयजलापूर्ति योजना और 225.99 करोड़ की बोरम-पद्मा ग्रामीण पेयजलापूर्ति योजना जमीन को लेकर फंसी हुई है. यह मल्टी विलेज स्कीम है. इसके तहत एक योजना से कई गावों में नल से जल पहुंचाना है. 32.64 की सतडीहा ग्रामीण जलापूर्ति योजना धनबाद रेलवे के पास एनओसी के लिए लंबित है.

एनएचएआइ से एनओसी नहीं मिलने के कारण अटकी हैं ये योजनाएं :

एनएचएआइ से अनापत्ति नहीं मिलने के कारण गोरंगी ग्रामीण पेयजलापूर्ति की 21.12 करोड़ की योजना रुकी हुई है. 78.71 करोड़ की रंका-रमकंडा ग्रामीण पेयजलापूर्ति योजना के लिए वन विभाग व एनएचएआइ से एनओसी नहीं मिला है. इसके अलावा चिंयाकी ग्रामीण जलापूर्ति की 25.41 करोड़ की योजना, सारठ ग्रामीण पेयजलापूर्ति की 130.35 करोड़ की योजना व धवैया ग्रामीण जलापूर्ति की 7.42 करोड़ की योजना और पालोजोरी ग्रामीण पेयजलापूर्ति की 208.22 करोड़ की योजना को वन विभाग से एनओसी का इंतजार है.

वहीं, 208.22 करोड़ की पालोजोरी ग्रामीण पेयजलापूर्ति, 80.56 करोड़ की खरोवन ग्रामीण पेयजलापूर्ति व 15.82 करोड़ की केश्वरी ग्रामीण पेयजलापूर्ति योजना को आरसीडी से एनओसी नहीं मिली है.

ग्रामीण जलापूर्ति लागत एनओसी के

योजना लिए लंबित

लुवाबासा 9.67 करोड़ रेलवे

गोंदमारा 11.27 करोड़ रेलवे

बोरम पद्मा 225.99 करोड़ रेलवे

सतडीहा 32.64 करोड़ रेलवे

रंका रमकंडा 78.71 करोड़ रेलवे व एनएचएआइ

गोरंगी 21.12 करोड़ एनएचएआइ

चियांकी 25.41 करोड़ वन

ग्रामीण जलापूर्ति लागत एनओसी के
योजना लिए लंबित

योजना लिए लंबित

लुवाबासा 9.67 करोड़ रेलवे

गोंदमारा 11.27 करोड़ रेलवे

बोरम पद्मा 225.99 करोड़ रेलवे

सतडीहा 32.64 करोड़ रेलवे

रंका रमकंडा 78.71 करोड़ रेलवे व एनएचएआइ

गोरंगी 21.12 करोड़ एनएचएआइ

चियांकी 25.41 करोड़ वन

ग्रामीण जलापूर्ति लागत एनओसी के

योजना लिए लंबित

सारठ 130.35 करोड़ वन

धवैया 7.42 करोड़ वन

पालोजोरी 208.22 करोड़ वन

केश्वरी 15.82 करोड़ आरसीडी

पालोजोरी 208.22 करोड़ आरसीडी

खरोवन 80.56 करोड़ आरसीडी

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यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

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