दुर्गा पूजा 2025 के लिए झारखंड पुलिस ने जारी किये निर्देश, सबको करना होगा पालन

झारखंड में दुर्गा पूजा के लिए जारी गाइडलाइंस.
Dos and Don'ts For Durga Puja 2025: दुर्गा पूजा के दौरान कई चीजों पर पाबंदियां रहेंगीं. झारखंड पुलिस की ओर से इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी कर दिये गये हैं. कहा गया है कि हाईकोर्ट के आदेश के आलोक में ये गाइडलाइंस जारी किये गये हैं, जिसका सभी को सख्ती से पालन करना होगा.
Dos and Don’ts For Durga Puja 2025: झारखंड हाईकोर्ट ने दुर्गा पूजा 2025 के अवसर पर सार्वजनिक हित एवं विधि-व्यवस्था के संचालन के लिए पूजा पंडाल समितियों एवं सरकारी अधिकारियों के लिए दिशा-निर्देश जारी करते हुए उनका कड़ाई से पालन करने का आदेश दिया है. इस संबंध में सभी जिलों के उपायुक्तों ने अपने-अपने जिले में दिशा-निर्देश जारी कर दिया है. संबंधित क्षेत्रीय पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने क्षेत्राधिकार अंतर्गत स्थित सभी पूजा पंडाल समितियों को हाईकोर्ट के आदेशों से अवगत कराते हुए दिशा-निर्देशों का संप्रेषण करें और उनके अनुपालन की निगरानी करें.
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Dos and Don’ts For Durga Puja 2025: दुर्गा पूजा के दौरान क्या कर सकेंगे और क्या नहीं?
- पूजा पंडाल एवं मूर्ति का निर्माण किसी भी स्थायी निर्माण, मकान, गोदाम, वाणिज्यिक स्थल, सड़क, गली, फुटपाथ अथवा रेलवे लाइन पर नहीं किया जायेगा.
- विद्युत आपूर्ति एवं पंडाल निर्माण से संबंधित समस्त कार्य विभागीय अनुमति एवं मानकों के अनुरूप ही किये जायेंगे.
- श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित प्रवेश एवं निकास की व्यवस्था की जायेगी, जिसमें महिला एवं पुरुष श्रद्धालुओं के लिए पृथक व्यवस्था अनिवार्य होगी.
- आपातकालीन स्थिति के लिए वैकल्पिक निकास द्वार की व्यवस्था अनिवार्य होगी.
- अस्थायी पंडाल का निर्माण भवन निर्माण विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही किया जायेगा.
- विद्युत तारों को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक सावधानी बरती जायेगी.
- पंडाल स्थल पर अग्निशमन यंत्र उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा.
- पंडाल परिसर में किसी भी प्रकार की ज्वलनशील सामग्री का प्रयोग नहीं किया जायेगा.
- ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग निर्धारित समय सीमा (रात 10:00 बजे से सुबह 6:00 बजे तक प्रतिबंधित) के अनुसार ही किया जायेगा.
- विसर्जन यात्रा केवल प्रशासन द्वारा निर्धारित मार्ग, तिथि एवं समय पर ही निकाली जायेगी.
- मूर्ति विसर्जन केवल प्रशासन द्वारा चिह्नित घाटों/स्थलों पर ही किया जायेगा.
- विसर्जन यात्रा में डीजे अथवा उच्च ध्वनि स्तर वाले ध्वनि उपकरणों का प्रयोग वर्जित रहेगा.
- पंडाल परिसर एवं विसर्जन मार्ग पर CCTV कैमरे लगाने की व्यवस्था समिति करेगी.
- किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक अथवा शांति भंग करने वाली गतिविधि वर्जित होगी.
- समिति के सदस्यों द्वारा श्रद्धालुओं के साथ शालीन एवं अनुशासित व्यवहार किया जायेगा.
- पंडाल परिसर में स्वच्छता, पेयजल एवं प्राथमिक उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की जायेगी.
- विधि-व्यवस्था एवं शांति-व्यवस्था बनाये रखने के लिए पुलिस बल की तैनाती की जायेगी और समितियों को पुलिस/प्रशासन का सहयोग करना होगा.
- विसर्जन यात्रा में हथियार, लाठी-डंडा या किसी भी प्रकार के घातक वस्तु ले जाना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा.
- मूर्तियों की ऊंचाई एवं स्वरूप राज्य सरकार/जिला प्रशासन द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप ही होगा.
- विद्युत आपूर्ति के लिए केवल तांबे के तारों का उपयोग किया जायेगा और विद्युत विभाग द्वारा निर्गत एसओपी का पालन करना होगा.
- पंडाल पहुंचने के मार्ग एवं विसर्जन मार्ग पर अतिक्रमण की अनुमति नहीं होगी.
- श्रद्धालुओं के साथ दुर्व्यवहार की किसी भी घटना को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा.
- भीड़ प्रबंधन के लिए केवल एक प्रवेश एवं एक निकास द्वार होगा और आपात स्थिति के लिए अलग निकास की व्यवस्था की जायेगी.
- महिला श्रद्धालुओं एवं कमजोर वर्ग की सुरक्षा के लिए पर्याप्त संख्या में महिला पुलिस बल की तैनाती होगी.
- विसर्जन यात्रा प्रशासन द्वारा निर्धारित समय एवं मार्ग के अनुसार ही संपन्न होगी.
- बहुमंजिला भवन अथवा असुरक्षित स्थलों पर पंडाल निर्माण पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा.
- दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने पर संबंधित समिति अथवा पदाधिकारी उत्तरदायी होंगे और उनके विरुद्ध विधिसम्मत कठोर कार्रवाई की जायेगी.
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By Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
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