डोर-टू-डोर बांटना था राशन, पर हिंदपीढ़ी का नाम सुनते ही नदारद हुए ऑटो चालक

Author : Pritish Sahay Published by : Prabhat Khabar Updated At : 14 Apr 2020 12:48 AM

विज्ञापन

रांची : पिछले 10 दिनों से सील चल रहे हिंदपीढ़ी के लोगों के जरूरतमंद लोगों को खाने-पीने के लाले पड़ गये हैं. जिला प्रशासन द्वारा यहां सभी राशन कार्डधारियों के बीच डोर-टू-डोर राशन वितरण की योजना भी फेल हो गयी, क्योंकि ऑटो चालकों ने राशन की होम डिलिवरी करने से इनकार कर दिया. प्रशासन की […]

विज्ञापन

रांची : पिछले 10 दिनों से सील चल रहे हिंदपीढ़ी के लोगों के जरूरतमंद लोगों को खाने-पीने के लाले पड़ गये हैं. जिला प्रशासन द्वारा यहां सभी राशन कार्डधारियों के बीच डोर-टू-डोर राशन वितरण की योजना भी फेल हो गयी, क्योंकि ऑटो चालकों ने राशन की होम डिलिवरी करने से इनकार कर दिया. प्रशासन की योजना के तहत रविवार को कडरू एफसीआइ से राशन का स्टॉक लाकर गुरुनानक स्कूल में रखा गया था. सोमवार को राशन बांटने की योजना थी. होम डिलिवरी के लिए 16 ऑटो भी बुक कर लिये गये थे.

लेकिन, सोमवार को जैसे ही आॅटो चालकों को पता चला कि उन्हें हिंदपीढ़ी में राशन बांटना है, सभी ऑटो चालक वहां से नदारद हो गये. प्रशासनिक अधिकारियों ने इन्हें राशन वितरण के कार्य के लिए कई बार फोन भी लगाया, लेकिन सभी के फोन ऑफ मिले. जिन एक-दो ऑटो चालकों का फोन ऑन मिला, उन्होंने टका सा जवाब दे दिया, कहा : सर! पूरी रांची में राशन बांट देंगे, लेकिन हमें हिंदपीढ़ी में राशन बांटने के लिए मत भेजिए. ऑटो चालकों के इस रुख से प्रशासनिक अधिकारी परेशान हो उठे.

हाथ-पैर जोड़ कर किसी तरह छह ऑटो चालकों को गुरुनानक स्कूल बुलाया गया, जिनकी मदद से कुछ ही घरों में राशन की होम डिलिवरी हो सकी.तीन वार्ड में 10 हजार से अधिक कार्डधारी हिंदपीढ़ी का दायरा तीन वार्डों 21, 22 और 23 में फैला हुआ है. तीनों वार्ड में पीएचएच, अंत्योदय और अन्नपूर्णा के 10 हजार से अधिक कार्डधारी हैं. लेकिन, पिछले 10 दिनों से इलाका सील होने के कारण इस वार्ड के गरीब तबके के लोगों के घरों में चूल्हा तक नहीं जल रहा है.

कई घर तो ऐसे हैं, जहां के लोग अगल-बगल के घरों से राशन मांग कर काम चला रहे हैं. प्रशासन द्वारा इस मोहल्ले में संचालन करने के लिए दो राशन दुकानों को भी परमिशन दिया गया है. इन दुकानों से साधन संपन्न लोग राशन तो खरीद ले रहे हैं, लेकिन रोज कमाने-खाने वालों के सामने मुसीबत खड़ी हो गयी है. हिंदपीढ़ी के लोगों की स्थिति भूखों मरने जैसी है. 70 प्रतिशत लोग तो ऐसे हैं, जो प्रतिदिन कमाते-खाने हैं. लेकिन प्रशासन के राशन नहीं बांटने से कई घरों में एक टाइम का खाना बन रहा है. हमारी मांग है कि वह जल्द से जल्द यहां के लोगों के बीच राशन का वितरण करवाये. – साजदा खातून, पार्षद, वार्ड नंबर 23

विज्ञापन
Pritish Sahay

लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola