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Diarrhea Outbreak: रांची के इस गांव में डायरिया का प्रकोप, दो महिलाओं की मौत, 163 मरीजों का चल रहा इलाज

Updated at : 23 Jun 2025 8:09 PM (IST)
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Diarrhea Outbreak tamar

डायरिया पीड़ित मरीज से जानकारी लेते पदाधिकारी

Diarrhea Outbreak: रांची जिले के तमाड़ प्रखंड के डोम्बोडीह गांव में डायरिया से दो महिलाओं की मौत हो गयी. 163 मरीजों का इलाज चल रहा है. मृतकों में कमला देवी (69 वर्ष) और भदरी देवी (60 वर्ष) शामिल हैं. डायरिया के बढ़ते मामलों से ग्रामीणों में दहशत है. स्वास्थ्य विभाग की टीम कैंप लगाकर इलाज कर रही है. रांची के सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार तमाड़ पहुंचे. उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और आवश्यक निर्देश दिए.

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Diarrhea Outbreak: तमाड़ (रांची), शुभम हल्दार-रांची जिले के तमाड़ प्रखंड के डोम्बोडीह गांव में डायरिया का प्रकोप है. इस बीमारी से अब तक कमला देवी (69 वर्ष) और भदरी देवी (60 वर्ष) की मौत हो चुकी है. लगातार बढ़ते मामलों से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है. स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव-गांव में कैंप लगाकर इलाज कर रही है. रांची के सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार ने तमाड़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और आवश्यक निर्देश दिए.

163 मरीजों का चल रहा इलाज


अब तक प्राप्त जानकारी के अनुसार, डोम्बोडीह में डायरिया के 105 मरीज चिन्हित किए गए हैं. गांगो गांव में 55 मरीज, चिरगालडीह में 02 व पुंडीदीरी में 01 मरीज की पुष्टि हुई है. 163 मरीजों का इलाज किया जा रहा है.

स्वास्थ्य विभाग की टीम कर रही है इलाज


प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. सावित्री कुजूर ने बताया कि स्थिति पर सतत निगरानी रखी जा रही है. प्रभावित गांवों में ओआरएस, जिंक टैबलेट, स्वच्छ पेयजल वितरण और स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है. एएनएम और स्वास्थ्य मित्रों की टीम भी दिन-रात कार्यरत है.

डॉ. प्रभात कुमार ने तमाड़ सीएचसी पहुंच की स्थिति की समीक्षा


रांची के सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार ने तमाड़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया. उन्होंने डायरिया से हुई मौत की जानकारी ली और पीड़ितों के इलाज में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं हो, इसका सख्त निर्देश दिया. उन्होंने मेडिकल टीम को मरीजों की समुचित चिकित्सा सुनिश्चित करने को कहा.

स्वच्छता और जागरूकता का अभाव बन रहा है कारण


स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार गर्मी, गंदगी और दूषित पेयजल डायरिया फैलने के मुख्य कारण हैं. गांवों में नालियों की सफाई नहीं होने और जलजमाव जैसी समस्याएं बनी हुई हैं. लोगों ने बताया कि साफ-सफाई की अनदेखी से संक्रमण तेजी से फैल रहा है.

प्रशासनिक पहल की मांग


ग्रामीणों ने प्रशासन से साफ-सफाई, पेयजल की बेहतर व्यवस्था और नियमित मेडिकल जांच की मांग की है ताकि बीमारी और न फैलें. डायरिया से हुई मौत और सैकड़ों मरीजों की स्थिति ने ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोल दी है.

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Guru Swarup Mishra

लेखक के बारे में

By Guru Swarup Mishra

मैं गुरुस्वरूप मिश्रा. फिलवक्त डिजिटल मीडिया में कार्यरत. वर्ष 2008 से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पत्रकारिता की शुरुआत. आकाशवाणी रांची में आकस्मिक समाचार वाचक रहा. प्रिंट मीडिया (हिन्दुस्तान और पंचायतनामा) में फील्ड रिपोर्टिंग की. दैनिक भास्कर के लिए फ्रीलांसिंग. पत्रकारिता में डेढ़ दशक से अधिक का अनुभव. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एमए. 2020 और 2022 में लाडली मीडिया अवार्ड.

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