ePaper

CUJ News: सीयूजे के प्रोफेसर को रिसर्च के लिए मिली 18 लाख की ग्रांट, बिरजिया जनजाति पर करेंगे अध्ययन

Updated at : 18 May 2025 3:01 PM (IST)
विज्ञापन
सीयूजे के प्रोफेसर को रिसर्च के लिए मिली 18 लाख की ग्रांट

सीयूजे के प्रोफेसर को रिसर्च के लिए मिली 18 लाख की ग्रांट

CUJ News: सीयूजे के सहायक प्रोफेसर डॉ शमशेर आलम को बिरजिया समुदाय पर शोध करने के लिए 18 लाख रुपये का ग्रांट दिया गया है. इस रिसर्च का उद्देश्य पीवीजीटी श्रेणी में शामिल बिरजिया जनजाति के चिकित्सा ज्ञान का दस्तावेजीकरण करना है.

विज्ञापन

CUJ News: झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय (सीयूजे) के एक प्रोफेसर को बिरजिया जनजाति पर शोध करने के लिए 18 लाख की ग्रांट मिली है. जानकारी के अनुसार, सीयूजे के मानवशास्त्र एवं जनजातीय अध्ययन विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ शमशेर आलम की बिरजिया जनजाति पर शोध की परियोजना स्वीकृत हो गयी है. भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद से 18 लाख रुपये की अनुसंधान परियोजना स्वीकृत हुई है, जो दो सालों तक चलेगी. इसका फोकस झारखंड की विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) बिरजिया समुदाय के पारंपरिक स्वास्थ्य ज्ञान और चिकित्सा पद्धतियों पर शोध करना होगा.

पीवीटीजी श्रेणी में है बिरजिया जनजाति

बता दें कि बिरजिया जनजाति झारखंड की सबसे कम आबादी वाली जनजातियों में से एक है. इन्हें पीवीटीजी श्रेणी में रखा गया है. इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य बिरजिया समुदाय के स्वास्थ्य-संबंधी मुद्दों को बेहतर तरीके से समझकर नीति-निर्माण में उपयोगी सुझाव देना है. इस शोध के माध्यम से बिरजिया समुदाय के चिकित्सा ज्ञान को संरक्षित करने में भी सहयोग मिलेगा.

झारखंड की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

इन संभावनाओं पर होगा अध्ययन

जानकारी के अनुसार, सहायक प्रोफेसर डॉ शमशेर आलम को ICSSR की ओर से “Continuity, Challenges and Confluence of Health Policies and Modernization on Indigenous Medicinal Knowledge and Health Practices of Birjias of Jharkhand” शीर्षक परियोजना के लिए 18 लाख रुपये का ग्रांट दिया गया है. इस राशि का उपयोग बिरजिया जनजाति पर रिसर्च करने के लिए किया जायेगा. इस शोध के तहत बिरजिया समुदाय के पारंपरिक चिकित्सा ज्ञान का दस्तावेजीकरण, उनकी मौजूदा स्वास्थ्य चुनौतियों का विश्लेषण और आधुनिक स्वास्थ्य प्रणाली में पारंपरिक पद्धतियों के समावेशन की संभावनाओं का अध्ययन किया जायेगा.

इसे भी पढ़ें

Museum Day: झारखंड में इन जगहों पर बनेगा साइंस और ट्राइबल म्यूजियम, जानिये क्या होगा खास

मंईयां सम्मान योजना को लेकर आया बड़ा अपडेट, पलामू को मिले 5,595 करोड़, जल्द खातों में जाएगी राशि

खुशखबरी: झारखंड में पीडीएस सिस्टम होगा मजबूत, नई 4जी मशीनों से लाभुकों को समय पर मिलेगा राशन

विज्ञापन
Rupali Das

लेखक के बारे में

By Rupali Das

नमस्कार! मैं रुपाली दास, एक समर्पित पत्रकार हूं. एक साल से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. वर्तमान में प्रभात खबर में कार्यरत हूं. यहां झारखंड राज्य से जुड़े महत्वपूर्ण सामाजिक, राजनीतिक और जन सरोकार के मुद्दों पर आधारित खबरें लिखती हूं. इससे पहले दूरदर्शन, हिंदुस्तान, द फॉलोअप सहित अन्य प्रतिष्ठित समाचार माध्यमों के साथ भी काम करने का अनुभव है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola