बंद पड़े विद्यालय भवनों में कराया जा रहा निर्माण कार्य

Updated at : 05 Oct 2025 7:10 PM (IST)
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बंद पड़े विद्यालय भवनों में कराया जा रहा निर्माण कार्य

बंद पड़े विद्या विकास केंद्र हाई स्कूल भवन में पिछले कई दिनों कुछ लोग निर्माण कार्य करा रहे हैं.

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डकरा. एनके एरिया के सुभाष नगर काॅलोनी स्थित दामोदर नद के किनारे बंद पड़े विद्या विकास केंद्र हाई स्कूल भवन में पिछले कई दिनों कुछ लोग निर्माण कार्य करा रहे हैं. यह भवन पिछले 17 साल से बंद है और विद्यालय भवन को मोहन नगर शिफ्ट कर दिया गया है. साफ-सफाई और निर्माण कार्य करा रहे लोगों ने यहां कई पेड़ों को काट कर गिरा दिया है. पूछने पर यहां काम कर रहे मजदूरों ने बताया कि यहां स्कूल खुलेगा. आसपास के लोगों ने बताया कि कुछ लोग सुबह यहां आते हैं और मजदूरों को काम पर लगा कर चले जाते हैं. इस संबंध में एरिया के सीएसआर अधिकारी निखिल अखौरी ने बताया कि मुझे इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है. सुरक्षा अधिकारी नितिश कुमार झा से जब पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि मुझे भी कोई जानकारी नहीं है लेकिन पता करता हूं कि वहां कौन लोग किस उद्देश्य से काम कर रहे हैं, वहीं पर्यावरण अधिकारी निशांक प्रकाश ने कहा कि वह जमीन एक नोटिफाइड फाॅर्सेट लैंड है, ऐसे में वहां किसी प्रकार का कंस्ट्रक्शन वर्क नहीं हो सकता है.

तीन साल पहले एक संस्था ने की थी पहल

तीन साल पहले एक संस्था ने यहां विद्यालय के साथ-साथ आइटीआई,पाॅलिटेक्निक, नर्सिंग,पारा मेडिकल कॉलेज एक साथ अपने खर्चे पर चलाने के लिए जमीन उपलब्ध कराने की मांग सीसीएल प्रबंधन से की थी. तत्कालीन सीएमडी पीएम प्रसाद, महाप्रबंधक संजय कुमार और कार्मिक विभाग प्रमुख सुनील कुमार तिवारी एक साथ भवन का निरीक्षण कर इसकी प्रक्रिया जब आगे बढायी तो फाॅर्सेट क्लियरेंस की बात सामने आयी इसके बाद तत्कालीन डीएफओ श्रीकांत वर्मा स्वयं पूरे मामले की जांच कर उक्त भूमि को वन विभाग की जमीन बताया जिस पर किसी भी तरह का निर्माण कार्य को नियम विरुद्ध बताया था. इस रिपोर्ट के बाद वह प्रक्रिया रूक गयी और क्षेत्र को एक बहुउपयोगी संस्थान से वंचित होना पड़ा था.

भवन बना अपराधियों का अड्डा

भवन अपराधियों का अड्डा बना हुआ है और यहां एक बार एक खलासी का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी गयी थी. 28 दिसंबर 2020 को प्रभात खबर में छपी खबर को आधार बना कर तत्कालीन डीएसपी मनोज कुमार और सीआइएसएफ कमांडेंट मांगा चौधरी ने सीसीएल को पत्र लिखकर भवन उपयोग का सुझाव सीसीएल प्रबंधन को दिया था. ट्रेड यूनियन भी भवन के उपयोग के लिए उचित फोरम पर उठाती रही है. सीसीएल ने एक ट्रस्ट बना कर यहां 1989 में 14 एकड़ जमीन आवंटित कर शैक्षणिक परिसर बनाया था, जिस पर टाना भगत के बच्चों के लिए आइटीआइ संस्थान, हाई स्कूल और कॉलेज खोले गये थे, लेकिन बढ़ती अपराधिक घटनाओं के कारण सभी धीरे-धीरे बंद हो गये. ऐसे में यहां कौन और किस उद्देश्य से निर्माण कार्य शुरू कराया है, यह एक पहेली बन गयी है.

मजदूरों को लेकर चले गए

फोटो 05 डकरा 03 काम कर रहे व्यक्ति की तस्वीर

प्रभात खबर प्रतिनिधि की सूचना पर जब सीसीएल सुरक्षाकर्मी निर्माण स्थल पहुंचे, तब वहां मौजूद एक व्यक्ति ने बताया कि यूकेएस काॅलेज के प्रिंसिपल काम करा रहे हैं, यह कह कर वे मजदूरों को लेकर चले गये. यह जानकारी पर्यावरण अधिकारी निशांक प्रकाश ने व्यक्ति की तस्वीर भेज कर दी है. जब प्रिंसिपल प्रमोद सिंह से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मैं कोई काम नहीं करा रहा हूं.

कई पेड़ काट दिये, सीसीएल प्रबंधन को जानकारी नहीं

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