कोयला खदान आवंटन मामले में मनोज जायसवाल को 3 साल की सजा, कंपनी पर एक करोड़ का जुर्माना

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कोयला खदान आवंटन मामले में दिल्ली की स्पेशल कोर्ट ने कंपनी पर लगाया एक करोड़ का जुर्माना.

Coal Scam: झारखंड के कोल ब्लॉक आवंटन में कथित अनियमितता मामले में सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने एक कंपनी पर एक करोड़ का जुर्माना लगाया है. कोर्ट ने कहा कि कंपनी और उसके निदेशकों ने भारत सरकार के साथ धोखाधड़ी करके कोल ब्लॉक हासिल किया था. इसलिए कंपनी के प्रबंध निदेशक को 3 साल की सजा सुनायी जाती है.

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Coal Scam: झारखंड में कोल ब्लॉक आवंटन में कथित अनियमितताओं को लेकर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष अदालत ने एक कंपनी पर एक करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया है. साथ ही कंपनी के प्रबंध निदेशक को 3 साल की सजा सुनायी है.

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महुआगढ़ी कोल ब्लॉक आवंटन मामले में कोर्ट ने सुनायी सजा

स्पेशल जज संजय बंसल ने झारखंड में महुआगढ़ी कोल ब्लॉक के आवंटन में अनियमितताओं के लिए जेएएस इन्फ्रास्ट्रक्चर एंड कैपिटल प्राइवेट लिमिटेड के तत्कालीन प्रबंध निदेशक मनोज कुमार जायसवाल को जेल की सजा सुनायी. साथ ही कंपनी पर एक करोड़ रुपए का जुर्माना भी लगाया.

8 जुलाई को कोर्ट ने सुनाया फैसला

अदालत ने 8 जुलाई को यह आदेश दिया. कोर्ट ने कहा, ‘मौजूदा मामला एक कोयला ब्लॉक के आवंटन से संबंधित है. दोषियों (कंपनी और उसके निदेशक) ने भारत सरकार के साथ धोखाधड़ी करके उक्त ब्लॉक हासिल किया था.’

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मनोज जायसवाल को 3 साल की सजा, 5 लाख का जुर्माना

अदालत सीबीआई के उप-कानूनी सलाहकार से सहमत थी, जिन्होंने कहा था कि ‘देश को बहुत बड़ा नुकसान’ हुआ है. अदालत ने कहा, ‘मनोज कुमार जायसवाल को आईपीसी की धारा 120-बी/420 के तहत दंडनीय अपराध के लिए 3 साल के कठोर कारावास और 5 लाख रुपए के जुर्माने की सजा सुनायी जाती है.

स्पेशल कोर्ट ने कहा- दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी

कोर्ट ने कहा कि जायसवाल को आईपीसी की धारा 420 के तहत दंडनीय अपराध के लिए 3 साल के कठोर कारावास और 5 लाख रुपए के जुर्माने की भी सजा सुनायी जाती है. अदालत ने कहा कि ये सजाएं साथ-साथ चलेंगी.

कंपनी पर 50-50 लाख रुपए का जुर्माना लगाया

अदालत ने कंपनी पर धोखाधड़ी की आपराधिक साजिश रचने और धोखाधड़ी के अपराध के लिए 50-50 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया. सजा सुनाये जाने के बाद, जायसवाल ने अपनी सजा को निलंबित करने के लिए एक आवेदन दायर किया, ताकि वह दिल्ली हाईकोर्ट में अपील दायर कर सके.

1-1 लाख के निजी और जमानत मुचलका देने पर मिली जमानत

अदालत ने कहा, ‘दोषी को सुनायी गयी कारावास की सजा 60 दिनों के लिए निलंबित रहेगी. उसे एक लाख रुपए का निजी मुचलका और इतनी ही राशि का जमानत मुचलका जमा करने पर जमानत दी जाती है.’

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