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कोयला खदान आवंटन मामले में मनोज जायसवाल को 3 साल की सजा, कंपनी पर एक करोड़ का जुर्माना

Updated at : 10 Jul 2025 9:29 PM (IST)
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CBI Special Court on Coal Scam

कोयला खदान आवंटन मामले में दिल्ली की स्पेशल कोर्ट ने कंपनी पर लगाया एक करोड़ का जुर्माना.

Coal Scam: झारखंड के कोल ब्लॉक आवंटन में कथित अनियमितता मामले में सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने एक कंपनी पर एक करोड़ का जुर्माना लगाया है. कोर्ट ने कहा कि कंपनी और उसके निदेशकों ने भारत सरकार के साथ धोखाधड़ी करके कोल ब्लॉक हासिल किया था. इसलिए कंपनी के प्रबंध निदेशक को 3 साल की सजा सुनायी जाती है.

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Coal Scam: झारखंड में कोल ब्लॉक आवंटन में कथित अनियमितताओं को लेकर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष अदालत ने एक कंपनी पर एक करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया है. साथ ही कंपनी के प्रबंध निदेशक को 3 साल की सजा सुनायी है.

महुआगढ़ी कोल ब्लॉक आवंटन मामले में कोर्ट ने सुनायी सजा

स्पेशल जज संजय बंसल ने झारखंड में महुआगढ़ी कोल ब्लॉक के आवंटन में अनियमितताओं के लिए जेएएस इन्फ्रास्ट्रक्चर एंड कैपिटल प्राइवेट लिमिटेड के तत्कालीन प्रबंध निदेशक मनोज कुमार जायसवाल को जेल की सजा सुनायी. साथ ही कंपनी पर एक करोड़ रुपए का जुर्माना भी लगाया.

8 जुलाई को कोर्ट ने सुनाया फैसला

अदालत ने 8 जुलाई को यह आदेश दिया. कोर्ट ने कहा, ‘मौजूदा मामला एक कोयला ब्लॉक के आवंटन से संबंधित है. दोषियों (कंपनी और उसके निदेशक) ने भारत सरकार के साथ धोखाधड़ी करके उक्त ब्लॉक हासिल किया था.’

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मनोज जायसवाल को 3 साल की सजा, 5 लाख का जुर्माना

अदालत सीबीआई के उप-कानूनी सलाहकार से सहमत थी, जिन्होंने कहा था कि ‘देश को बहुत बड़ा नुकसान’ हुआ है. अदालत ने कहा, ‘मनोज कुमार जायसवाल को आईपीसी की धारा 120-बी/420 के तहत दंडनीय अपराध के लिए 3 साल के कठोर कारावास और 5 लाख रुपए के जुर्माने की सजा सुनायी जाती है.

स्पेशल कोर्ट ने कहा- दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी

कोर्ट ने कहा कि जायसवाल को आईपीसी की धारा 420 के तहत दंडनीय अपराध के लिए 3 साल के कठोर कारावास और 5 लाख रुपए के जुर्माने की भी सजा सुनायी जाती है. अदालत ने कहा कि ये सजाएं साथ-साथ चलेंगी.

कंपनी पर 50-50 लाख रुपए का जुर्माना लगाया

अदालत ने कंपनी पर धोखाधड़ी की आपराधिक साजिश रचने और धोखाधड़ी के अपराध के लिए 50-50 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया. सजा सुनाये जाने के बाद, जायसवाल ने अपनी सजा को निलंबित करने के लिए एक आवेदन दायर किया, ताकि वह दिल्ली हाईकोर्ट में अपील दायर कर सके.

1-1 लाख के निजी और जमानत मुचलका देने पर मिली जमानत

अदालत ने कहा, ‘दोषी को सुनायी गयी कारावास की सजा 60 दिनों के लिए निलंबित रहेगी. उसे एक लाख रुपए का निजी मुचलका और इतनी ही राशि का जमानत मुचलका जमा करने पर जमानत दी जाती है.’

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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