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जम्मू-कश्मीर में कोयले की तलाशी जा रही है संभावना, CMPDI को मिली है जिम्मेदारी

Updated at : 23 Oct 2023 10:37 AM (IST)
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जम्मू-कश्मीर में कोयले की तलाशी जा रही है संभावना, CMPDI को मिली है जिम्मेदारी

सीएमपीडीआइ जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के आसपास कोयले की संभावना खोज रहा है. यहां कालाकोते कोल फील्ड्स और आसपास के एरिया में कोयला मिल सकता है. टीम के सदस्यों ने इस क्षेत्र का दौरा किया है.

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मनोज सिंह, रांची :

कोल माइंस प्लानिंग एंड डिजाइनिंग इंस्टीट्यूट (सीएमपीडीआइ) जम्मू-कश्मीर में कोयले की संभावना तलाश रहा है. जम्मू-कश्मीर की सरकार ने कंपनी से कोयले की संभावना खोजने का आग्रह किया था. इसके बाद यहां से अधिकारियों की एक टीम वहां गयी हुई है. प्राथमिक तौर पर वहां कोयला भंडार का भी पता चला है. कोयला मंत्रालय से अनुमति मिलने के बाद वहां एक्सप्लोरेशन का काम होगा. वहां कोयले की गुणवत्ता भी अच्छी होने की संभावना है. कंपनी के जियोलॉजिकल और माइनिंग इंजीनियर जम्मू-कश्मीर गये हैं.

राजौरी जिले के आसपास है संभावना :

सीएमपीडीआइ जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के आसपास कोयले की संभावना खोज रहा है. यहां कालाकोते कोल फील्ड्स और आसपास के एरिया में कोयला मिल सकता है. टीम के सदस्यों ने इस क्षेत्र का दौरा किया है. टीम के सदस्यों ने टोही जानकारी ली है. कालाकोते कोल फील्ड्स हिमालय के नीचे है. यहां पहले से सेमी एंथ्रेसाइट कोयले की छोटी खदान है. इससे करीब तीन लाख टन कोयला पहले निकलता था. अब यह बंद होने के कगार पर है. विशेषज्ञों के अनुसार, सेमी एंथ्रेसाइट कोयले की गुणवत्ता अच्छी होती है. इसमें राख और सल्फर की मात्रा कम होती है. इसे औद्योगिक उपयोग के लिए बेहतर माना जाता है. पावर प्लांट, स्टील प्लांट और सीमेंट उत्पादन में इस ग्रेड के कोयले का बेहतर उपयोग हो सकता है. कंपनी के अधिकारियों ने कालाकोते के अतिरिक्त महागोला, मेटका और चक्कर में भी कोयले की संभावना पर काम किया है. यहां कोयले की अच्छी संभावना विशेषज्ञों को लग रही है. कंपनी के अधिकारियों के अनुसार जम्मू-कश्मीर के अन्य क्षेत्रों में कोयले की संभावना भी खोजी जा रही है.

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जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था बदल सकता है कोयला :

जम्मू-कश्मीर में कोयला का व्यावसायिक उत्पादन होने से यहां की अर्थव्यवस्था बदल सकती है. कोयला से राज्य सरकार को ज्यादा राजस्व प्राप्त हो सकता है. अभी देश के 15 राज्यों में कोयला का भंडार चिह्नित है. कोयला मंत्रालय के अनुसार देश में 361411 मिलियन टन कोयला का भंडार है. सबसे अधिक कोयला ओडिशा में है. झारखंड दूसरे स्थान पर है. व्यावसायिक कोयला भंडार मिल जाने से जम्मू-कश्मीर 16वां राज्य हो जायेगा.

अभी प्राथमिक तौर पर कोयले की संभावना जम्मू-कश्मीर में खोजी जा रही है. कंपनी के अधिकारी वहां गये थे. मंत्रालय को इसकी रिपोर्ट कंपनी के स्तर से जायेगी. मंत्रालय से अनुमति प्राप्त होने के बाद इस पर विस्तृत रिपोर्ट तैयारी करायी जायेगी. वहां अच्छी गुणवत्ता वाला कोयला है.

राजीव कुमार, जीएम, खनन सीएमपीडीआइ

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