हेमंत सोरेन के रास्ते पर न चलें चंपाई सोरेन, नहीं तो जाना पड़ सकता है जेल, विधानसभा में बोले बिरंची नारायण

बिरंची नारायण ने पूछा कि पंकज मिश्रा कौन है. उन्होंने कहा था कि पूर्व सीएम हेमंत सोरेन ने कल सदन में कहा कि अगर कोई साबित कर दे कि मेरे नाम पर जमीन है, तो मैं झारखंड छोड़ दूंगा. ईडी के पहले ही नोटिस पर स्थिति स्पष्ट कर देते, तो ये सब न होता.
झारखंड विधानसभा के दो दिवसीय विशेष सत्र के दूसरे दिन राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान भाजपा नेता बिरंची नारायण ने झारखंड के नए मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन को सलाह दी. उन्होंने कहा कि आप हेमंत सोरेन की राह पर न चलें. नहीं तो आपको भी उनकी तरह जेल जाना पड़ सकता है.
जल-जंगल-जमीन, प्रकृति और संस्कृति के साथ किया अन्याय
मंगलवार (6 फरवरी) को बिरंची नारायण ने राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का विरोध करते हुए कहा कि 2019 के उत्तरार्द्ध में झारखंड में जिस सरकार का गठन हुआ था, उसने जल-जंगल-जमीन की रक्षा की बात की थी. संस्कृति और प्रकृति की रक्षा की बात की थी. ये लोग जब सत्ता में आए, तो जल-जंगल-जमीन के साथ-साथ प्रकृति और संस्कृति से भी अन्याय किया.
बिरंची नारायण ने विधानसभा में पूछा- पंकज मिश्र कौन
बिरंची नारायण ने पूछा कि पंकज मिश्रा कौन है. उन्होंने कहा था कि पूर्व सीएम हेमंत सोरेन ने कल सदन में कहा कि अगर कोई साबित कर दे कि मेरे नाम पर जमीन है, तो मैं झारखंड छोड़ दूंगा. ईश्वर न करे कि उनको झारखंड छोड़ने की नौबत आए. ईडी के पहले ही नोटिस पर वह अपनी स्थिति स्पष्ट कर देते, तो इतना सब कुछ होता ही नहीं. बिरंची नारायण ने कहा कि झारखंड में आदिवासियों की डेमोग्राफी बदलने की हो रही कोशिश पर सरकार को विचार करना चाहिए.
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आदिवासी समाज कर रहे सभ्यता-संस्कृति बचाने की अपील
उन्होंने कहा कि राजधानी रांची के मोरहाबादी में आदिवासियों की बड़ी रैली हुई. इसमें आदिवासी समाज ने सभ्यता और संस्कृति को बचाने की अपील की. बिरंची नारायण ने कहा कि साहिबगंज से सिमडेगा तक के सभी जिलों में आदिवासियों को बहला-फुसलाकर उनकी जमीन खरीदी जा रही है. उनकी बहन-बेटियों के साथ अन्याय हो रहा है. उनसे बलात्कार हो रहे हैं. उन्हें टुकड़ों में काटा जा रहा है.
केंद्र में है मोदी सरकार, भ्रष्टाचार करने वाले अब नहीं बचेंगे
बिरंची ने कहा कि सरकार ने विधि-व्यवस्था की बात की थी. राज्य में कानून का मजाक बनकर रह गया है. उन्होंने पूछा कि ईडी को हस्तक्षेप करने की जरूरत क्यों पड़ी. राज्य में कानून-व्यवस्था फेल हो जाती है, तब इसकी नौबत आती है. उन्होंने कहा कि अब केंद्र में मोदी की सरकार है. उन्होंने कहा है कि अगर कोई भ्रष्टाचार करके यह सोचता है कि बच निकलेगा, तो ऐसा अब नहीं हो सकता.
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अपराधियों के खिलाफ नहीं हुई हेमंत सोरेन सरकार में कार्रवाई
उन्होंने कहा कि प्रेम प्रकाश के घर से राइफल मिली, कोई प्राथमिकी नहीं हुई. पूजा सिंघल के खिलाफ भी राज्य सरकार ने कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई. साहिबगंज के उपायुक्त रामनिवास यादव के यहां कैश, गोली मिली, लेकिन कुछ नहीं हुआ. राज्य में जितने घोटाले हुए हैं, उनके खिलाफ कोई प्राथमिकी नहीं हुई. उन्होंने राहुल गांधी का मुद्दा भी उठाया. कहा कि राहुल गांधी ने कोयले की चोरी को बढ़ाने की हिम्मत दिखाई.
एसएससी-सीजीएल परीक्षा लीक की हो सीबीआई जांच
बिरंची नारायण ने बेरोजगारों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि झारखंड में चार साल तक नियुक्तियां नहीं निकलीं. चार साल बाद नियुक्ति निकली, तो पेपर लीक हो गया. सीएम ने सदन में कहा कि कार्रवाई होगी. उन्होंने कहा कि अगर दूध की रखवाली करने के लिए बिल्ली को देंगे, तो दूथ का भगवान ही मालिक है. उन्होंने मांग की कि एसएससी-सीजीएल पेपर लीक केस की सीबीआई जांच होनी चाहिए.
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20-25 लाख रुपए में बिके हैं एसएससी-सीजीएल के प्रश्न पत्र
उन्होंने कहा कि 20-25 लाख रुपए में प्रश्न पत्र बिके हैं. जांच होगी, तो पता चलेगा कि कितने बड़े-बड़े लोग इसमें लिप्त हैं. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन कहते हैं कि यह सरकार हेमंत पार्ट-2 है. हेमंत सोरेन के रास्ते पर चलेगी. बिरंची नारायण ने कहा कि मुख्यमंत्री जी आप हेमंत सोरेन के बताए रास्ते पर न चलें, नहीं तो आपको भी जेल जाना पड़ सकता है. दुनिया भर के घोटाले हुए हैं झारखंड में, क्या आप भी उसी रास्ते पर चलेंगे.
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By Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
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