अपने पैसे से इक्विपमेंट्स खरीद कर अभ्यास कर रहे हैं तीरंदाज

तीरंदाजी के सेंटर फॉर एक्सीलेंस में लगभग 50 प्रशिक्षु हैं.
हाल तीरंदाजी के सेंटर फॉर एक्सीलेंस कादो साल से नहीं मिला है खिलाड़ियों को इक्विपमेंटझारखंड सरकार के खेल निदेशालय की ओर से संचालित सेंटर फॉर एक्सीलेंस केवल नाम के रह गये हैं. खेलगांव में संचालित तीरंदाजी के सेंटर फॉर एक्सीलेंस में पिछले दो वर्ष से तीरंदाजों को न तो इक्विपमेंट और न ही किट दिया गया है. इसके कारण इस सेंटर के तीरंदाजों को अभ्यास करने के लिए अपनी जेबें ढीली करनी पड़ रही है और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में पदक जीत रहे हैं.
तीरंदाजी के सेंटर फॉर एक्सीलेंस में लगभग 50 प्रशिक्षु हैं. इनको बेहतर बनाने के लिए एक्सीलेंस में चयन किया गया था, लेकिन रहने और खाने के अलावा और कोई सुविधा प्रदान नहीं की जा रही है. पिछले दो साल से प्रशिक्षण ले रहे इन खिलाड़ियों को अभ्यास के लिए खेल सामग्री तक नहीं दी गयी है. खिलाड़ी खुद ही धनुष, तीर सहित अन्य सामान खरीद रहे हैं और अभ्यास कर रहे हैं.नये सेंटर हो रहे हैं शुरू पुराने पर नहीं है ध्यान
खेल निदेशालय की ओर से छह नये सेंटर फॉर एक्सीलेंस शुरू किये जा रहे हैं, लेकिन पहले से जो सेंटर फॉर एक्सीलेंस चल रहे हैं, उन पर ध्यान नहीं है. इन सेंटरों के खिलाड़ी अपना पैसा लगा कर राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण व रजत पदक जीत रहे हैं. इनमें कई खिलाड़ी ऐसे भी हैं, जो लगातार रिजल्ट दे रहे हैं.प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
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By Prabhat Khabar News Desk
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