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City News : बिल्डर की मनमानी के खिलाफ रेरा में केस

Updated at : 03 Dec 2024 12:27 AM (IST)
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City News : बिल्डर की मनमानी के खिलाफ रेरा में केस

प्रेस कांफ्रेंस कर बिल्डर के खिलाफ लगाये कई गंभीर आरोप

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रांची. राजधानी में बिल्डरों द्वारा ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी का मामला लगातार सामने आता रहा है. ताजा मामला सेल सिटी रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (स्कर्वा) का है, जिसने बिल्डर कशिश डेवलपर्स लिमिटेड (केडीएल) के खिलाफ झारखंड रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी यानी रेरा के पास प्रोजेक्ट में वादाखिलाफी को लेकर शिकायत की है. सोमवार को स्कर्वा के पदाधिकारियों ने प्रेस कांफ्रेंस कर बिल्डर के खिलाफ कई गंभीर आरोप लगाये. कहा कि केडीएल के एमडी अजीत चौधरी को कई बार मेल और पत्राचार कर सोसाइटी हैंडओवर और प्रोजेक्ट को पूरा करने का आग्रह किया जा चुका है, लेकिन उनकी ओर से कोई पहल नहीं की गयी. डेवलपर आरआरडीए के साथ परियोजना के संबंध में किये गये डेवलपमेंट एग्रीमेंट के नियमों की अनदेखी कर जुर्माना के रूप में करोड़ों की राशि का चूना लगा चुका है. अध्यक्ष प्रदीप कुमार केसरी ने कहा कि सेल सिटी परिसर में 1758 रिहायशी फ्लैट्स के साथ ही 45 बड़े डुप्लेक्स हैं. यहां रहने वाले आठ से 10 हजार लोग आज गंभीर समस्या का सामना कर रहे हैं. जबकि डेवलपर्स द्वारा सोसाइटी चार्ज के नाम पर हर महीने करीब 25 लाख रुपये वसूल किया जा रहा है. स्कर्वा के पदाधिकारियों ने कहा कि बिल्डर इसके हर एक हिस्से का कॉमर्शियल उपयोग कर मुनाफा कमा रहा है. बीते एक अक्तूबर और पांच नवंबर को दो बार सुनवाई हो चुकी है. उम्मीद है कि अपने तरह के इकलौते मामले में रेरा के पदाधिकारी इसे गंभीरता से लेगें और जल्द सोसाइटी में रह रहे 10 हजार परिवारों के हक में फैसला सुनायेंगे.

17 साल में भी प्रोजेक्ट पूरा नहीं किया

स्कर्वा के मुताबिक कशिश डेवलपर्स लिमिटेड ने 10 मार्च 2007 को साझा एग्रीमेंट के तहत सेल इंप्लाइ कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी लिमिटेड के साथ डेवलपमेंट एग्रीमेंट किया था. साल 2007 में सेल सिटी प्रोजेक्ट की शुरुआत हुई. बिल्डर्स-ग्राहक एग्रीमेंट के अनुसार तीन से पांच साल के भीतर इस प्रोजेक्ट को पूरा करना था. लेकिन 17 साल बीत जाने के बाद भी पूरा नहीं हुआ. साइट पर कंस्ट्रक्शन चालू है. इससे यहां 10 हजार की आबादी मूल नागरिक सुविधा से वंचित है.

बिल्डर ने दिखाये ख्वाब, 32 वादे अधूरे

केडीएल को महज पांच साल के भीतर 2010 से 12 तक फ्लैट का हैंडओवर सोसाइटी को देना था. निवेशकों को किसी तरह से फ्लैट तो मिला, लेकिन सोसाइटी का संचालन और मेंटनेंस अब भी बिल्डर के कब्जे में है. बिल्डर-वायर्स एग्रीमेंट में भी डिटेल ऑफ एमिनिटीज में क्लब, वेंक्वेट हॉल, स्विमिंग पूल, स्पा, जिम, लाइब्रेरी, प्ले ग्राउंड, किड्ज एरिया, प्ले स्कूल, नर्सरी स्कूल सहित 32 लुभावने वादे किये गये थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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