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Jharkhand : भवन निर्माण निगम ने बिना जमीन के ठेकेदार को दिया "100 करोड़ का काम, जानें क्या है मामला

Updated at : 23 Nov 2021 12:52 PM (IST)
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Jharkhand : भवन निर्माण निगम ने बिना जमीन के ठेकेदार को दिया "100 करोड़ का काम, जानें क्या है मामला

भवन निर्माण निगम ने 100 करोड़ रुपये से अधिक का निर्माण कार्य बिना जमीन के ही टेंडर कर ठेकेदारों को दे दिया है.

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रांची : भवन निर्माण निगम ने 100 करोड़ रुपये से अधिक का निर्माण कार्य बिना जमीन के ही टेंडर कर ठेकेदारों को दे दिया है. इसी क्रम में बिरसा मुंडा के गांव उलिहातू और डोंबारी पहाड़ी के पास पर्यटन विकास से संबंधित 5.38 करोड़ रुपये का निर्माण कार्य भी ठेकेदार को आवंटित किया गया है.

बिना जमीन के टेंडर करने के बाद अब निगम के प्रबंध निदेशक द्वारा संबंधित जिला के उपायुक्तों को पत्र लिख कर जमीन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया जा रहा है. साथ ही जमीन नहीं उपलब्ध होने पर परियोजना की लागत में वृद्धि होने की बात कही जा रही है. राज्य में लागू पीडब्ल्यूडी कोड के तहत जमीन उपलब्ध नहीं रहने की स्थिति में टेंडर नहीं करने का प्रावधान है.

भवन निर्माण निगम ने जिन निर्माण कार्यों के लिए बिना जमीन के ही टेंडर कर ठेकेदार को काम आवंटित कर दिया है, उसमें डिग्री कॉलेज, प्राइमरी हेल्थ सेंटर (पीएचसी) आवासीय विद्यालय सहित अन्य निर्माण कार्य शामिल हैं. इसी क्रम में निगम ने भगवान बिरसा मुंडा के गांव उलिहातू और डोंबारी पहाड़ी के पास पर्यटन विकास से जुड़ी सरंचनाओं के निर्माण का काम भी ठेकेदार को दे दिया है.

ठेकेदार को काम आवंटित करने के बाद निगम के प्रबंध निदेशक की ओर से खूंटी के उपायुक्त को एक पत्र लिखा गया है. इसमें कहा गया है कि जिले के किताहातू में‘ मिडवे फेसिलिटी सेंटर’ बनाने के लिए 40 डिसमिल जमीन की जरूरत है. इसके अलावा कालामाटी, गुटुहातू और सिंदरी में फूड पार्क आदि बनाने के लिए 15 डिसमिल जमीन की जरूरत है. हालांकि पर्यटन विकास से जुड़ी योजनाओं के लिए जमीन उपलब्ध नहीं है.

इसके अलावा जिले में अड़की के तुबिद में एक पीएचसी का निर्माण किया जाना है. इसके लिए एक एकड़ जमीन की जरूरत है. निगम द्वारा टेंडर का निपटारा कर ठेकेदारों को काम आवंटित कर दिया गया है. जमीन उपलब्ध नहीं कराये जाने की स्थिति में योजनाओं की लागत में वृद्धि होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है.

इसी तरह निगम की ओर से साहिबगंज के उपायुक्त को लिखे पत्र में कहा गया है कि तीन पहाड़ में पीएचसी बनाने के लिए एक एकड़ जमीन उपलब्ध नहीं कराया गया है. बरहेट और बोरियो में डिग्री कॉलेज के लिए वन भूमि पर स्थल चयन किया गया है. वनभूमि पर निर्माण कार्य के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र चाहिए.

पलामू जिले के उपायुक्त को निगम की ओर से लिखे गये पत्र में कहा गया है कि पंडवा में पीएचसी निर्माण के लिए चिह्नित जमीन पर कानूनी विवाद है. विवाद से संबंधित मुकदमा न्यायालय में चल रहा है. हैदरनगर में आवासीय विद्यालय से संबंधित जमीन पर स्थानीय लोगों के साथ विवाद चल रहा है. उल्लेखनीय है कि भवन निर्माण निगम द्वारा स्वास्थ्य, वन, शिक्षा, सूचना तकनीक, कृषि-पशुपालन, समाज कल्याण पर्यटन विभाग से जुड़े निर्माण कार्य कराये जाते हैं.

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