Jharkhand News : बड़ा खुलासा! पीएलएफआइ सुप्रीमो दिनेश गोप हर साल वसूलता था दो करोड़ लेवी

Published by : Amitabh Kumar Updated At : 23 Aug 2025 9:23 AM

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पीएलएफआइ सुप्रीमो दिनेश गोप. (फाइल फोटो)

Jharkhand News : ईडी की जांच रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है. पीएलएफआइ सुप्रीमो दिनेश गोप हर साल दो करोड़ लेवी वसूलता था. ठेकेदारों से दो प्रतिशत की दर से वह वसूली करता था. पैसों की शेल कंपनियों के माध्यम से की मनी लाउंड्रिंग की जाती थी. ईडी की टीम ने पूछताछ और जांच में आये तथ्यों के आधार पर रिपोर्ट तैयार की है.

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Jharkhnad News (अमन तिवारी)  : पीएलएफआइ सुप्रीमो दिनेश गोप हर साल दो करोड़ रुपये की लेवी वसूलता था. वह राज्य या केंद्र सरकार की योजनाओं से जुड़े ठेकेदारों से दो प्रतिशत की दर से लेवी लेता था. यह खुलासा प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच में हुआ है. सड़क, रेल लाइन, भवन निर्माण के अलावा कोयला, बॉक्साइट, आयरन ओर, बालू और स्टोन के कारोबार से जुड़े लोगों से भी दो प्रतिशत की दर से लेवी वसूल की जाती थी.

दिनेश गोप ने झारखंड लिबरेशन टाइगर का किया गठन

ईडी की रिपोर्ट के अनुसार, दिनेश गोप ने वर्ष 2004 में राजनीतिक पार्टी के रूप में झारखंड लिबरेशन टाइगर का गठन किया था. आरंभ में इसके 40 सदस्य थे. यह संगठन खूंटी, गुमला, रांची, सिमडेगा और इसके आस- पास के इलाके में सक्रिय था. इस संगठन पर झारखंड सरकार ने वर्ष 2008 में प्रतिबंध लगा दिया था. इसके बाद वर्ष 2008 में संगठन का नाम पीएलएफआइ रखा गया गया था. संगठन में चेयरमैन, वाइस चेयरमैन, स्टेट प्रेसीडेंट, रिजनल कमांडर, जोनल कमांडर, सब जोनल कमांडर, एरिया कमांडर और सदस्य के पद थे.

लेवी देने से इंकार करने पर किया जाता था हमला

दिनेश गोप दो प्रतिशत की दर से लेवी की वसूली स्थानीय कमांडर के सहयोग से करता था. जो ठेकेदार लेवी देने से इंकार करते थे. उन पर हमला किया जाता था और साइट पर आगजनी की जाती थी. दिनेश गोप द्वारा लेवी वसूली और मनी लाउंड्रिंग से जुड़े तथ्यों की जांच के दौरान इडी ने पाया कि दिनेश गोप ने वर्ष 2008 से लेकर 2012 तक पहले प्रति साल एक करोड़ की लेवी वसूली की थी. लेकिन वर्ष 2012 से लेकर 2020 तक उसने दो करोड़ प्रति साल लेवी की वसूली की. इस तरह उसने उक्त अवधि के दौरान करीब 20 करोड़ रुपये लेवी के रूप में वसूले.

यह भी पढ़ें : पीएलएफआइ सुप्रीमो दिनेश गोप को 2023 के केस में इडी ने लिया रिमांड पर

दिनेश गोप ने अपने सहयोगी सुमंत और पत्नी हीरा देवी और शकुंतला देवी के नाम पर शेल कंपनियां भी बनायी थी. इन शेल कंपनियों में लेवी में वसूले गये पैसे नकद जमा किये जाते थे. शेल कंपनियों के माध्यम से ही लेवी में वसूले गये पैसे की मनी लाउंड्रिंग की जाती थी.

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लेखक के बारे में

By Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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