मिलिट्री इंटेलिजेंस के इनपुट पर बड़ी कार्रवाई, छह अवैध बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार

Published by : KumarVishwat Sen Updated At : 08 Apr 2026 7:21 PM

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पुलिस की गिरफ्त में छह बांग्लादेशी महिलाएं. फोटो: प्रभात खबर

Bangladeshis Arrest: मिलिट्री इंटेलिजेंस की सूचना पर भुवनेश्वर में छह अवैध बांग्लादेशी महिलाओं को गिरफ्तार किया गया. ये महिलाएं फर्जी आधार कार्ड के जरिए रह रही थीं. पुलिस ने केस दर्ज कर डिटेंशन सेंटर भेजने की तैयारी शुरू की है. मामले में संदिग्ध गतिविधियों और नेटवर्क की जांच जारी है.

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प्रभात खबर संवाददाता

Bangladeshis Arrest: मिलिट्री इंटेलिजेंस की सूचना के आधार पर ओड़िशा पुलिस ने अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. इस ऑपरेशन के तहत भुवनेश्वर में गुप्त अभियान चलाकर छह बांग्लादेशी महिलाओं को गिरफ्तार किया गया. यह कार्रवाई सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है.

बिना वैध दस्तावेज के रह रहीं थीं महिलाएं

पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार सभी महिलाएं बिना किसी वैध दस्तावेज के भारत में रह रही थीं. वे लंबे समय से भुवनेश्वर और ओड़िशा के अन्य क्षेत्रों में छिपकर रह रही थीं. जांच के दौरान यह भी खुलासा हुआ कि इन महिलाओं ने अपनी पहचान छिपाने के लिए भारतीय नामों का सहारा लिया और फर्जी दस्तावेज तैयार कराए. यह मामला सिर्फ अवैध प्रवास का ही नहीं, बल्कि पहचान छिपाने और दस्तावेजों के दुरुपयोग का भी है.

फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल

पुलिस सूत्रों के अनुसार, इन महिलाओं के पास से फर्जी आधार कार्ड बरामद किए गए हैं. ये सभी महिलाएं भारतीय नामों पर बने इन फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर रही थीं, जिससे वे स्थानीय प्रशासन और आम लोगों की नजरों से बची रहीं. फर्जी पहचान के जरिए वे न केवल यहां रह रही थीं, बल्कि विभिन्न गतिविधियों में भी शामिल थीं, जिससे सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है.

संदिग्ध गतिविधियों में संलिप्तता की आशंका

सुरक्षा एजेंसियों को यह भी जानकारी मिली है कि ये महिलाएं केवल अवैध रूप से रहने तक सीमित नहीं थीं. जांच में यह संकेत मिला है कि वे कुछ अवैध और संदिग्ध गतिविधियों में भी शामिल हो सकती हैं. हालांकि, इन गतिविधियों का पूरा खुलासा अभी नहीं हुआ है, लेकिन एजेंसियां इस नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही हैं. यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इनके पीछे कोई बड़ा गिरोह या अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क तो नहीं है.

नेटवर्क की जांच में जुटीं एजेंसियां

मामले की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां अब इनके नेटवर्क की जांच में जुट गई हैं. यह पता लगाया जा रहा है कि ये महिलाएं भारत में कैसे दाखिल हुईं, किसने उनकी मदद की और वे किन-किन लोगों के संपर्क में थीं. जांच का दायरा बढ़ाते हुए पुलिस अन्य संभावित ठिकानों और संदिग्ध लोगों पर भी नजर रख रही है. आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है.

केस दर्ज, डिटेंशन सेंटर भेजने की तैयारी

इस मामले में बड़ागढ़ पुलिस स्टेशन में केस दर्ज कर लिया गया है. पुलिस कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई कर रही है. गिरफ्तार महिलाओं को जल्द ही राज्य के डिटेंशन सेंटर में स्थानांतरित किया जाएगा, जहां आगे की पूछताछ और कानूनी कार्रवाई पूरी की जाएगी.

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सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

इस घटना के सामने आने के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं. इतनी संख्या में विदेशी नागरिकों का लंबे समय तक बिना वैध दस्तावेज के रहना प्रशासनिक निगरानी पर सवाल खड़े करता है. हालांकि, पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि इस तरह की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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