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आसानी से पैसा कमाने की लालसा में साइबर फ्रॉड का हो रहे शिकार : अनुराग गुप्ता

नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ स्टडी एंड रिसर्च इन लॉ के सेंटर फॉर ह्यूमन राइट्स एंड सबाल्टर्न स्टडीज में साइबर लॉ सर्टिफिकेट कोर्स का समापन हुआ. समापन सत्र में डीजी सीआइडी अनुराग गुप्ता बतौर मुख्य वक्ता शामिल हुए.

रांची (वरीय संवाददाता). नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ स्टडी एंड रिसर्च इन लॉ के सेंटर फॉर ह्यूमन राइट्स एंड सबाल्टर्न स्टडीज में साइबर लॉ सर्टिफिकेट कोर्स का समापन हुआ. समापन सत्र में डीजी सीआइडी अनुराग गुप्ता बतौर मुख्य वक्ता शामिल हुए. उन्होंने साइबर फ्रॉड के पीड़ितों के हाल पर चर्चा की. कहा कि लोग अपनी लापरवाही से साइबर फ्रॉड का शिकार हो रहे हैं. लोगों को सतर्क करने की जरूरत है. डीजी ने साइबर फ्रॉड की रिपोर्टिंग और प्रबंधन प्रणाली पर प्रकाश डाला. इस दौरान उन्होंने साइबर सेल के हेल्पलाइन नंबर 1930 और इसमें शिकायत के बाद होने वाली प्रक्रिया की जानकारी दी. इसके अलावा उन्होंने बाल शोषण से निपटने में टिपलाइन और एनसीएमइसी-एनसीआरबी, नागरिक सुरक्षा, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड से संबंधित कानूनी पहलुओं, प्राथमिक साक्ष्य और द्वितीय साक्ष्य में अंतर जैसे प्रमुख विषयों पर विस्तार से जानकारी साझा की. दूसरे सत्र में आइपीएस नेहा बाला ने साइबर फ्रॉड के बहुआयामी परिदृश्य को रेखांकित किया. साथ ही साइबर फ्रॉड से बचने के उपाये साझा किये. नेहा बाला ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल जैसे मंचों के माध्यम से साइबर अपराधों की रिपोर्टिंग के महत्व पर जोर दिया. बताया कि पोर्टल पर प्रतिदिन 5000 से अधिक मामले दर्ज किये जा रहे हैं. उन्होंने विद्यार्थियों को लोन ऐप, मूनलाइटिंग और फिशिंग वेबसाइटों से दूर रहने का सुझाव दिया. कहा कि युवा निवेश और सट्टेबाजी से आसानी से पैसा कमाने की लालच में साइबर फ्रॉड का शिकार हो रहे है. इनसे बचने की जरूरत है. वहीं, एलएनयू बैंगलुरु के प्रो डॉ ए नागरत्ना ने हैकिंग और साइबर आतंकवाद की जानकारी साझा की.

गृह विभाग के सचिव को वर्चुअल उपस्थित होने का निर्देश, अगली सुनवाई आज फिर

रांची. झारखंड हाइकोर्ट ने नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी कांके नगड़ी में बुनियादी सुविधा उपलब्ध कराने के मामले में जनहित याचिका पर सुनवाई की. जस्टिस रंगन मुखोपाध्याय व जस्टिस दीपक रोशन की खंडपीठ ने इस दाैरान जवाब सुनने के बाद नाराजगी जतायी. खंडपीठ ने गृह विभाग के प्रधान सचिव को वर्चुअल तरीके से अगली सुनवाई के दाैरान उपस्थित होने का निर्देश दिया. मामले की अगली सुनवाई आठ मई को होगी. इससे पूर्व राज्य सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता आशुतोष आनंद ने खंडपीठ को बताया कि नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के पास पुलिस आउट पोस्ट का निर्माण किया जा रहा है. इसके लिए 1.62 करोड़ रुपये स्वीकृत किया गया है. इस पर खंडपीठ ने चहारदीवारी बनाने का प्रस्ताव नहीं रहने पर नाराजगी जताते हुए गृह विभाग के प्रधान सचिव को वर्चुअल उपस्थित होने का निर्देश दिया. उल्लेखनीय है कि प्रार्थी बार एसोसिएशन झारखंड हाइकोर्ट की ओर से जनहित याचिका दायर की गयी है. पिछली सुनवाई में कोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा था कि नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी कांके के पुलिस पोस्ट को लेकर 30 डिसमिल जमीन मुहैया करायी गयी है, तो उस पर पुलिस पोस्ट का निर्माण क्यों नहीं कराया जा रहा है.

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