प्रबंधन के साथ बीसीकेयू की वार्ता विफल, 18 से केडीएच खदान बंद कराने की घोषणा

Updated at : 16 Sep 2025 8:22 PM (IST)
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प्रबंधन के साथ बीसीकेयू की वार्ता विफल, 18 से केडीएच खदान बंद कराने की घोषणा

सहमति नहीं बनने पर यूनियन ने 18 सितंबर से केडीएच परियोजना बंद कराने की घोषणा भी कर दी है.

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डकरा. नौ सूत्री मांग को लेकर 18 सितंबर से केडीएच खदान का काम बंद करने को लेकर दिये गये पत्र के आलोक में मंगलवार की देर शाम महाप्रबंधक कार्यालय में हुई वार्ता विफल हो गयी. सहमति नहीं बनने पर यूनियन ने 18 सितंबर से केडीएच परियोजना बंद कराने की घोषणा भी कर दी है. बिहार कोलियरी कामगार यूनियन (बीसीकेयू) के नेताओं के साथ मैराथन बैठक के बाद भी किसी मुद्दे पर सहमति नहीं बनी. प्रबंधन के अड़ियल रुख से नाराज यूनियन के जोनल अध्यक्ष रतिया गंझू ने कहा कि हमलोग केडीएच को अनिश्चितकालीन बंद करेंगे. कहा कि एनके एरिया का वर्तमान प्रबंधन पूरे क्षेत्र को बर्बाद करने पर तुला हुआ है, इसे मुख्यालय में बैठे अधिकारियों को समझना होगा. इसलिए हमलोगों ने आंदोलन में जाना बेहतर समझा है. वार्ता में महाप्रबंधक दिनेश कुमार गुप्ता, पीओ अनिल कुमार सिंह, मानव संसाधन विभाग प्रमुख शैलेंद्र कुमार, यूनियन की ओर से रतिया गंझू, जोनल सचिव जंगबहादुर राम, क्षेत्रीय सचिव इरफान खान, तौहीद अंसारी, संतोष मेहता, अमर भोगता, पूर्व मुखिया निर्मला उरांव, नांदो देवी,भारती देवी, मानो देवी, लक्ष्मी देवी, वीणा देवी, मुनिया देवी, आशीष शर्मा, रजीदा खातून, वाजिद अंसारी, सरफुद्दीन अंसारी, जुनैद आलम, मुस्तरी बेगम, अर्जुन गंझू, ललिता देवी, सोनू कुमार साव, सुखारी उरांव, पर्याग साव, जगनारायण साव, अर्जुन सिंह आदि मौजूद थे.

क्या है यूनियन की मांग

डकरा. केडीएच खदान के आसपास भू-धंसाव से लोगों को निजात दिलायी जाये, तुमांग एवं विश्रामपुर पंचायत और जेहलीटांड़ के ग्रामीण जो केडीएच भूमिगत खदान के ऊपर रह रहे हैं, उनका पुनर्वास नीति के तहत विस्थापन किया जाये, संडे ड्यूटी के लिए चार दिन का फिजिकल एटेंडेंट को समाप्त करने, जर्जर आवासों को रिपेयर कर जल्द से जल्द ठीक करने, प्रदूषण पर रोक लगाने, सिविल और ईएंडएम विभाग में काम को छोटा कर टेंडर निकालने, झारखंड सरकार द्वारा घोषित स्थानीय व विस्थापित बेरोजगारों को 75 प्रतिशत नियोजन मधुकम कंपनी में दिलाने, केडीएच खदान चलने के कारण जेहलीटांड़ मस्जिद में आयी खराबी को ठीक कराने या विस्थापित करने और क्षेत्र में फैली गंदगी की सफाई कराने की मांग की गयी है.

यूनियन ने नौ सूत्री मांग को लेकर महाप्रबंधक कार्यालय को दिया था पत्र

मैराथन बैठक के बाद भी किसी मुद्दे पर नहीं बनी सहमति

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