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बीएयू लॉक होने के कगार पर, वीसी सहित दर्जनों पद खाली, नहीं हैं जिम्मेवार अफसर

Updated at : 29 Apr 2020 4:47 AM (IST)
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बीएयू लॉक होने के कगार पर, वीसी सहित दर्जनों पद खाली, नहीं हैं जिम्मेवार अफसर

राज्य का एकमात्र कृषि विवि (बीएयू) फिलहाल लॉकडाउन में बंद है. लेकिन विवि के जो हालात बन गये हैं, उससे स्थिति यह हो गयी है कि लॉकडाउन हटने के बाद भी यह विवि लॉक हो जायेगा.

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रांची : राज्य का एकमात्र कृषि विवि (बीएयू) फिलहाल लॉकडाउन में बंद है. लेकिन विवि के जो हालात बन गये हैं, उससे स्थिति यह हो गयी है कि लॉकडाउन हटने के बाद भी यह विवि लॉक हो जायेगा. विवि में कुलपति सहित दर्जनों ऐसे महत्वपूर्ण पद हैं, जो खाली हैं. विविकर्मियों को वेतन या पेंशन भुगतान करनेवाला जिम्मेवार अफसर भी नहीं है. पिछले नौ माह से नियमित कुलपति का पद प्रभार में चल रहा है. विवि के 10 महावद्यिालयों में डीन के तीन एवं एसोसिएट डीन के सात पद रिक्त हैं.

विवि प्रोफेसर के 58 स्वीकृत पदों के विरुद्ध 17, एसोसिएट प्रोफेसर के 113 स्वीकृत पदों के विरुद्ध सात और असिस्टेंट प्रोफेसर के 273 पदों के विरुद्ध 43 नियमित असिस्टेंट प्रोफेसर ही कार्यरत हैं. शैक्षणिक स्थिति चरमरा रही विवि में शिक्षक कैडर के कुल 454 स्वीकृत पदों के स्थान पर 51 नियमित शिक्षक ही हैं. इससे शैक्षणिक स्थिति भी चरमरा रही है. अनुबंध पर नियुक्त लगभग 100 असिस्टेंट प्रोफेसर कार्यकाल पूरा होने के बाद कुलाधिपति के आदेश से लगभग तीन महीनों से कार्यरत हैं. कुलाधिपति द्वारा जेपीएससी को छह महीने के अंदर नियुक्ति पूरा करने और प्रभारी कुलपति को तत्काल अनुबंध प्रक्रिया पूरी कर नियुक्त कर लेने का निर्देश दिया गया था. यह भी चार महीनों से लंबित है.

देश के सभी 74 कृषि विश्वविद्यालयों में नियुक्ति का अधिकार कृषि विवि को ही मिला हुआ है, लेकिन बीएयू को 14 वर्षों से सरकार ने नियुक्ति के अधिकार से वंचित रखा है. शोध एवं प्रसार के कई पद सालों से रिक्तआइसीएआर से संचालित शोध एवं प्रसार परियोजनाओं में बड़े पैमाने पर पद रिक्त हैं. विवि में निदेशक अनुसंधान, प्रसार शिक्षा, छात्र कल्याण, योजना एवं कार्य व संयंत्र, डीन पीजी जैसे महत्वपूर्ण पद भी वर्षों से रिक्त हैं. इसके अलावा एक कुलसचिव, दो उप कुलसचिव और चार सहायक कुलसचिव का पद भी वर्षों से प्रभार में चल रहा है. विवि में तीन क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्रों में सह निदेशक के पद रिक्त हैं.

16 कृषि विज्ञान केंद्र में से मात्र तीन में नियमित वरीय वैज्ञानिक सह प्रधान कार्यरत हैं. इन केंद्रों में 60 प्रतिशत से अधिक वैज्ञानिकों/ कर्मियों की कमी है. दस वर्षों से महालेखाकार का अंकेक्षण नहींप्रशासनिक मामलों के संचालन के लिए निदेशक प्रशासन एवं वित्त मामलों के संचालन के लिए नियंत्रक का पद भी वर्षों से खाली है. नियंत्रक पद पर अनुबंध पर छह माह के लिए चार मार्च को रिटायर संयुक्त आयुक्त रमेश कुमार वर्मा ने प्रभार लिया है. विवि का करीब दस वर्षों से महालेखाकार द्वारा अंकेक्षण लंबित पड़ा है.

राज्य सरकार एवं केंद्रीय एजेंसी को उपयोगिता प्रमाण पत्र एवं अंकेक्षण प्रतिवेदन में विलंब से यहां कार्यरत वैज्ञानिकों/कर्मियों का विलंब से वेतन का भुगतान आम बात है. आइसीएआर संपोषित योजनाओं की सैकड़ों संचिकाएं लंबित हो गयी हैं. 16 केवीके कर्मियों एवं वैज्ञानिकों तथा शोध परियोजना में कार्यरत कर्मियों एवं वैज्ञानिकों का वेतन जनवरी से लंबित है. अक्तूबर 19 से अब तक रिटायर हुए कर्मियों व पदाधिकारियों को पेंशन एवं अन्य लाभ नहीं मिले हैं. मौसमी व आकस्मिक मजदूरों को छह माह से, पेंशनभोगियों को दो माह की पेंशन तथा राज्य योजना के कर्मियों व शिक्षकों को मार्च माह का वेतन नहीं मिल पाया है.

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