हेमंत सोरेन के ED कार्यालय जाने से पहले BJP नेता बाबूलाल मरांडी का झारखंड के सीएम पर बड़ा हमला

मरांडी ने कहा कि 25 साल बाद एक बार फिर अब उनकी पुत्र वधु कोर्ट में यह कहकर सुप्रीम कोर्ट से राहत मांग रही हैं कि उन्होंने राज्यसभा चुनाव में वोट देने कि लिए जो रिश्वत लिया था, उसे सदन के भीतर का ‘काम’ मानकर कानून उन्हें राहत दे.
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (Jharkhand CM Hemant Soren) को पूछताछ के लिए 17 नवंबर को ईडी (Directorate of Enforcement) के कार्यालय में जाना है. इससे पहले भारतीय जनता पार्टी के विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी (Babulal Marandi) ने सीएम हेमंत सोरेन और उनके परिवार पर बड़ा हमला बोला है. श्री मरांडी ने कहा है कि सोरेन परिवार के हर आदमी को सांसद-विधायक का पद इसलिए चाहिए कि वे घूस लेकर लोकतंत्र के मंदिर (सदन) में गलत काम करें, तो उन्हें कानून से सुरक्षा मिल जाये.
भाजपा नेता ने हेमंत सोरेन (Hemant Soren) और उनके परिवार पर निशाना साधने के लिए बुधवार को माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर लिखा कि नरसिंह राव सरकार में घूस लेकर वोट देने वाले शिबू सोरेन (Shibu Soren) ने कोर्ट में यह कहकर अपना बचाव किया था कि उन्होंने घूस तो लिया, पर संसद के अंदर गलत करने की लालच में, इसलिए कानून उन्हें राहत दे.
Also Read: Jharkhand News: हेमंत सोरेन की ईडी के समक्ष पेशी से पहले CM आवास में UPA की अहम बैठक
श्री मरांडी ने कहा कि 25 साल बाद एक बार फिर अब उनकी पुत्र वधु कोर्ट में यह कहकर सुप्रीम कोर्ट से राहत मांग रही हैं कि उन्होंने राज्यसभा चुनाव में वोट देने कि लिए जो रिश्वत लिया था, उसे सदन के भीतर का ‘काम’ मानकर कानून उन्हें राहत दे.
Jharkhand: हेमंत सोरेन को 17 नवंबर को पूछताछ के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के कार्यालय में जाना है. इससे पहले मुख्यमंत्री आवास में यूपीए विधायक दल की बैठक हुई. बैठक खत्म हो चुकी है. अंदर क्या हुआ? pic.twitter.com/55ANz3g1Vi
— Mithilesh Jha (@Mithilesh_Jha1) November 16, 2022
श्री मरांडी ने आगे लिखा है कि ऐसे रिश्वतखोर और दौलत बनाने वाले इस सोरेन परिवार से झारखंड के गरीब-आदिवासियों, मूलवासियों की भलाई की उम्मीद कैसे की जा सकती है. इस परिवार का एक मात्र काम लूट, बेईमानी और रिश्वत लेकर सिर्फ अपने परिवार के लिए बेसुमार जमीन-जायदाद, खान-खदान खरीदना है.
उल्लेखनीय है कि खदान लीज के मामले में ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ऑफिस ऑफ प्रॉफिट के मामले में फंस गये हैं. प्रवर्तन निदेशालय उनके खिलाफ जांच कर रही है. ईडी ने उन्हें पूछताछ के लिए समन किया था, लेकिन व्यस्तता का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री ने ईडी कार्यालय जाने में असमर्थता जतायी थी. इसके बाद ईडी ने 17 नवंबर को आने का दूसरा समन भेजा था.
Also Read: BJP छोड़ JMM में शामिल हुए पूर्व विधायक जयप्रकाश वर्मा, CM हेमंत ने किया स्वागत, इनके बारे में जानें
हालांकि, मुख्यमंत्री ने ईडी से आग्रह किया कि 16 नवंबर को ही उनसे पूछताछ कर ली जाये, लेकिन केंद्रीय जांच एजेंसी ने उनके आग्रह को अस्वीकार कर दिया. सीएम से कहा कि आप 17 नवंबर को ही पूछताछ के लिए ईडी कार्यालय आयें. उम्मीद जतायी जा रही है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सुबह 11 बजे ईडी के कार्यालय में जायेंगे, जहां केंद्रीय एजेंसी के अधिकारी उनसे पूछताछ करेंगे.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




