ईडी अधिकारियों के नाम पर 30 लाख मांगने वाले गिरोह के तीन गिरफ्तार, जांच में बरी करने के नाम पर मांगे थे रुपये

Published by :Sameer Oraon
Published at :07 Aug 2024 10:35 AM (IST)
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ईडी अधिकारियों के नाम पर 30 लाख मांगने वाले गिरोह के तीन गिरफ्तार, जांच में बरी करने के नाम पर मांगे थे रुपये

प्रवर्तन निदेशालय (इडी) ने अपने बड़े अधिकारियों के नाम पर पैसा वसूलनेवाले गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है.

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रांची : प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अपने बड़े अधिकारियों के नाम पर पैसा वसूलनेवाले गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है. इनमें मनोज कुमार उर्फ बॉबी, कर्मवीर और राजीव अरोड़ा शामिल हैं. विदेशों में गलत तरीके से 3500 करोड़ रुपये भेजने के मामले में चल रही जांच के दौरान इस गिरोह का पर्दाफाश हुआ है. बता दें कि विदेश में गलत तरीके से पैसे भेजनेवालों में देश के कई राज्यों के हवाला कारोबारी शामिल हैं. झारखंड के कुछ हवाला कोरोबारी भी संदेह के दायरे में हैं. गिरफ्तार लोगों ने उक्त मामले में जांच में बरी कराने की बात कहते हुए ईडी के बड़े अफसरों के नाम पर 30 लाख रुपये की मांग की थी, लेकिन पांच लाख रुपये का भुगतान लेने के बाद पकड़े गये.

दिल्ली पुलिस को सौंपे गये तीनो आरोपी

ईडी ने तीनों को दिल्ली पुलिस के हवाले का दिया है. दिल्ली पुलिस ने तीनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करते हुए इन्हें गिरफ्तार कर लिया है. वहीं, ईडी ने भी इस गिरोह के खिलाफ इसीआइआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. इससे पहले 31 जुलाई को भी ईडी ने एक अन्य गिरोह के मनोज कुमार नामक एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया था. वह खुद को ईडी का अपर निदेशक बता कर पैसा वसूलता था. उसने अपना फर्जी आइ कार्ड भी बना रखा था.

जांच एजेंसियों के नाम पर पैसा वसूलता था गिरोह

ईडी की जांच में पता चला कि मनोज कुमार उर्फ बॉबी ने लाइजनिंग के लिए एक गिरोह बना रखा है. इसमें राजीव अरोड़ा, कर्मवीर, कपीश जोशी, प्रद्युम्न आचार्य उर्फ गुरुजी, जतिन कोचर, नामो नारायण मीणा, रोहताक्षी कोचर उर्फ मोना कोचर, राजेश मसालपुरिया, धीरज कुमार, अंकित और बिल्लू शामिल हैं. ये सभी लोग दिल्ली के विभिन्न इलाकों के रहनेवाले हैं. यह गिरोह इडी और सीबीआइ सहित अन्य केंद्रीय जांच एजेंसियों की जांच दायरे में शामिल लोगों को बरी कराने का झांसा दे कर पैसों की वसूली करता है. वहीं, सरकारी और कॉरपोरेट कंपनियों में ठेका दिलाने व अधिकारियों के तबादले के नाम पर भी पैसे ऐंठता है.

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लेखक के बारे में

By Sameer Oraon

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

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