केंद्रीय विद्यालय में संस्कृत पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा (फ्लैग)
छात्रों को परेशानी नहीं होनी चाहिएएजेंसियां, नयी दिल्लीसुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय विद्यालयों में तीसरी भाषा के रूप में जर्मन के स्थान पर संस्कृत लागू करने के फैसले पर सोमवार को केंद्र सरकार को यह स्पष्ट करने का निर्देश दिया कि दसवीं की बोर्ड परीक्षा में शामिल होनेवाले छात्रों पर इसका क्या असर होगा. जस्टिस अनिल […]
छात्रों को परेशानी नहीं होनी चाहिएएजेंसियां, नयी दिल्लीसुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय विद्यालयों में तीसरी भाषा के रूप में जर्मन के स्थान पर संस्कृत लागू करने के फैसले पर सोमवार को केंद्र सरकार को यह स्पष्ट करने का निर्देश दिया कि दसवीं की बोर्ड परीक्षा में शामिल होनेवाले छात्रों पर इसका क्या असर होगा. जस्टिस अनिल आर दवे और जस्टिस कुरियन जोसेफ की खंडपीठ ने कहा कि अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी से कहा कि 16 दिसंबर को इस संबंध में आवश्यक निर्देश की जानकारी दें. कोर्ट ने केंद्रीय विद्यालय के कुछ छात्रों के माता-पिता के समूह की ओर से पेश वकील रीना सिंह की दलील सुनने के बाद यह निर्देश दिया. रीना सिंह का कहना था कि छात्रों को बोर्ड की परीक्षा देने से पहले तीन साल का भाषा पाठ्यक्रम पूरा करना होगा. ऐसा नहीं करने पर वे बोर्ड की परीक्षा नहीं दे पायेंगे.
प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










