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साहिबगंज में गंगा नदी पर प्रस्तावित पुल बनाने के लिए पांच साल में नहीं मिला ठेकेदार, पीएम मोदी ने किया था शिलान्यास

Updated at : 23 Feb 2020 6:37 AM (IST)
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साहिबगंज में गंगा नदी पर प्रस्तावित पुल बनाने के लिए पांच साल में नहीं मिला ठेकेदार, पीएम मोदी ने किया था शिलान्यास

विवेक चंद्र रांची : साहिबगंज में गंगा नदी पर प्रस्तावित पुल बनाने के लिए पांच वर्षों से ठेकेदार नहीं मिल रहा है. अंतरराष्ट्रीय परिवहन में सुविधा के उद्देश्य से बननेवाले इस पुल के निर्माण के लिए पहली बार एनएचएअाइ ने दो दिसंबर 2015 को पहली बार टेंडर जारी किया था. चीन की चाइना हार्बर इंजीनियरिंग […]

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विवेक चंद्र
रांची : साहिबगंज में गंगा नदी पर प्रस्तावित पुल बनाने के लिए पांच वर्षों से ठेकेदार नहीं मिल रहा है. अंतरराष्ट्रीय परिवहन में सुविधा के उद्देश्य से बननेवाले इस पुल के निर्माण के लिए पहली बार एनएचएअाइ ने दो दिसंबर 2015 को पहली बार टेंडर जारी किया था.
चीन की चाइना हार्बर इंजीनियरिंग (चेक) और भारत की सोमा कंस्ट्रक्शन कंपनी के संयुक्त उपक्रम सोमा-चेक को काम मिला भी. कंपनी में चीन की भागीदारी होने के कारण वर्कअॉर्डर देने से पहले फाइनेंसियल इन्कलुजन लिमिटेड से एनओसी लेना अनिवार्य था. एनओसी की प्रक्रिया पूरी होने में दो वर्षों से अधिक समय लग गया.
दिसंबर 2018 में विदेश मंत्रालय ने एनओसी दिया, लेकिन तब तक कंपनी दिवालिया हो चुकी थी. इस वजह से टेंडर रद्द कर दिया गया. पुल का शिलान्यास छह अप्रैल 2017 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था.
उसके बाद से चार बार टेंडर हो चुका है, लेकिन ठेकेदार नहीं मिला. इसके पहले ही झारखंड एवं बिहार के इलाके में पुल के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी.
पुल के शिलान्यास के बाद एनएचएअाइ ने पुल निर्माण के लिए टेंडर निकाला. लेकिन किसी कंपनी ने काम में रुचि नहीं ली. कंपनियों के नहीं आने की वजह से तीन बार टेंडर की तिथि बढ़ायी गयी. वर्ष 2019 टेंडर के खेल में ही निकल गया. अब फरवरी 2020 में एनएचएआइ ने एक बार फिर से टेंडर आमंत्रित किया. हालांकि, टेंडर की शर्तें पहले की ही तरह है. शर्तों में कोई बदलाव नहीं किया गया है.
2266 करोड़ की लागत से बनेगा पुल और एप्रोच रोड : साहिबगंज से मनिहारी के बीच गंगा नदी पर बननेवाले पुल की लंबाई लगभग छह किमी की है. इसे बनाने में 2266 करोड़ की लागत आयेगी. पुल के दोनों तरफ एनएच से जोड़ते हुए 16 किलोमीटर एप्रोच रोड का निर्माण भी प्रस्तावित है. साहिबगंज व मनिहारी में बाइपास के निर्माण की भी योजना है. बिहार के कटिहार एवं पूर्णिया एनएच 31 व एनएच 81 को जोड़ेगा, जबकि साहिबगंज में यह एनएच 80 से जोड़ा जायेगा. गंगा नदी पर फोरलेन पुल सहित एप्रोच की लंबाई 21.885 किलोमीटर होगी.
फैक्ट फाइल
– प्रस्तावित गंगा पुल निर्माण की लागत 2266 करोड़ रुपये
– 21.9 किमी होगी गंगा पुल की कुल लंबाई
– फोर लेन की चौड़ाईवाला होगा गंगा पुल
– मुख्य पुल के अलावा दोनों तरफ 15 पुलिया भी बनायी जायेगी
– पुल के साथ ही एक अंडरपास, चार बस पड़ाव, दो रेल ओवरब्रिज व एक टोल प्लाजा का निर्माण भी प्रस्तावित
– गंगा पुल के लिए साहिबगंज की छह और कटिहार की नौ मौजा जमीन का अधिग्रहण किया
इस्टर्न काउंसिल की बैठक में सीएम उठायेंगे मुद्दा
28 फरवरी को भुवनेश्वर में इस्टर्न काउंसिल की बैठक में गंगा नदी पर प्रस्तावित पुल के निर्माण में विलंब का मुद्दा सीएम हेमंत सोरेन उठायेंगे. वह एनएचएआइ द्वारा प्रस्तावित पुल के निर्माण में कोताही बरतने और पुल के शीघ्र निर्माण के लिए केंद्र सरकार से हस्तक्षेप करने की मांग करेंगे. गृह मंत्री की अध्यक्षता में बैठक होगी.
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