रांची : सदानों के संबंध में अपनी राय स्पष्ट करें बाबूलाल: मोर्चा

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रांची : मूलवासी सदान मोर्चा के केंद्रीय नेताओं ने रविवार को होटल सिटी पैलेस में प्रेस वार्ता की. प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए मोर्चा के केंद्रीय प्रवक्ता डॉ अनिल मिश्रा,डॉ सुदेश कुमार साहू, जनार्दन प्रसाद, विशाल कुमार सिंह, महेंद्र ठाकुर, मनीष देव और प्रो अरविंद प्रसाद ने कहा कि भाजपा की सरकार में बाबूलाल […]

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रांची : मूलवासी सदान मोर्चा के केंद्रीय नेताओं ने रविवार को होटल सिटी पैलेस में प्रेस वार्ता की. प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए मोर्चा के केंद्रीय प्रवक्ता डॉ अनिल मिश्रा,डॉ सुदेश कुमार साहू, जनार्दन प्रसाद, विशाल कुमार सिंह, महेंद्र ठाकुर, मनीष देव और प्रो अरविंद प्रसाद ने कहा कि भाजपा की सरकार में बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री रहते हुए मूलवासी सदानों को 112 प्रखंडों में प्रमुख, मुखिया, जिला परिषद अध्यक्ष बनने से वंचित किया था और पिछड़ी जातियों को मिलनेवाले 27 प्रतिशत आरक्षण को घटा कर 14 प्रतिशत कर दिया था.
जबकि पिछड़ी जातियों की आबादी झारखंड में 55 प्रतिशत है. इतना ही नहीं सात जिलों में पिछड़ी जातियों के आरक्षण को शून्य कर दिया था. यही कारण है कि भाजपा से जब बाबूलाल मरांडी अलग हुए तब बाबूलाल मराडी को मूलवासी सदानों का पूरा समर्थन नहीं मिला और मूलवासी सदानों की नाराजगी ने बाबूलाल मरांडी को राजनीतिक हाशिए पर डाल दिया. वक्ताओं ने कहा कि अब बाबूलाल मरांडी अपनी पार्टी झारखंड विकास मोरचा का विलय कर भाजपा में शामिल हो रहे हैं, तो वे यह स्पष्ट करें कि मूलवासी सदानों की मांगों पर उनकी क्या राय है.
मोर्चा के वक्ताओं ने कहा भाजपा के शीर्ष नेतृत्व भी मूलवासी सदानों के मांगों पर अपनी स्थिति स्पष्ट करें. क्योंकि भाजपा का इस राज्य में अगर वजूद है, तो उसका एकमात्र कारण इस राज्य के 65 प्रतिशत मूलवासी हैं. जो अधिकतर भाजपा का समर्थन करते रहे हैं. बदली हुई परिस्थिति में नेताओं के विचार जानने के बाद ही किसी निर्णय पर मूलवासी सदान मोर्चा पहुंचेगी.
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