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कोकर में दो करोड़ से बना स्वामी विवेकानंद पार्क आठ माह से बंद

Updated at : 16 Feb 2020 1:47 AM (IST)
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कोकर में दो करोड़ से बना स्वामी विवेकानंद पार्क आठ माह से बंद

रांची : कोकर के डिस्टिलरी पुल के समीप दो करोड़ की लागत से बना स्वामी विवेकानंद पार्क पिछले आठ माह से बंद है. पार्क के बंद होने व इस क्षेत्र में कोई ओपेन स्पेस नहीं होने से यहां के लोगों को घूमने व टहलने में परेशानी हो रही है. लोगों की मानें, तो पार्क में […]

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रांची : कोकर के डिस्टिलरी पुल के समीप दो करोड़ की लागत से बना स्वामी विवेकानंद पार्क पिछले आठ माह से बंद है. पार्क के बंद होने व इस क्षेत्र में कोई ओपेन स्पेस नहीं होने से यहां के लोगों को घूमने व टहलने में परेशानी हो रही है. लोगों की मानें, तो पार्क में छोटे बच्चों के लिए कई झूले लगाये गये थे.
इससे बच्चों का भी मनोरंजन हो जाता था. इसके बंद होने से बच्चों को अब मोरहाबादी के ऑक्सीजन पार्क व चिल्ड्रेन पार्क ले जाना पड़ता है. इधर, अाठ माह से बंद पड़े इस पार्क को फिर से चालू कराने के लिए नगर निगम ने टेंडर निकाला है. इसके लिए 18 फरवरी तक निगम में टेंडर जमा कर सकते हैं.
दो साल में कबाड़ में तब्दील हुआ पार्क : नगर निगम द्वारा इस पार्क का उदघाटन वर्ष 2018 में किया गया था, लेकिन देखरेख के अभाव में यह पार्क कबाड़ हो रहा है. पार्क के चारों ओर लगाये गये बाड़ को जगह-जगह असामाजिक तत्वों द्वारा काट दिया गया है.
आसपास के लोग घर से निकलने वाले कचरे को भी पार्क में ही फेंक देते हैं. इसके अलावा पूरे पार्क में झाड़ी उग आयी है. देख-रेख नहीं होने के कारण यहां लगे पौधे भी मुरझाने लगे हैं. पार्क के बीच में एक छोटा सा तालाब भी बनाया गया था. इसका पानी भी पूरी तरह से काला हो चुका है.
विवादों में घिरा रहा पार्क का निर्माण : जहां पार्क बना है, पूर्व में वहां डिस्टिलरी तालाब था. करमटोली तालाब से निकलने वाले जलस्त्रोत को यहां पर चेकडैम बनाकर रोका गया था. नगर निगम ने पार्क बनाने की योजना 2017 में बनायी. इसका विरोध भी हुआ.
कोकर के ही कांग्रेस नेता आदित्य विक्रम जायसवाल इसके विरोध में यहां धरने पर बैठे, लेकिन विरोध के बाद भी यहां पार्क का निर्माण हुआ. सबसे पहले तालाब का गार्डवाल तोड़ कर इसे सुखाया गया. फिर सैकड़ों ट्रक मिट्टी गिरा कर इसे भरा गया. इसके बाद फूल व पौधे लगा कर इसे पार्क का रूप दिया गया.
पार्क बंद होने से यहां के लोगों को टहलने में हो रही है परेशानी
पार्क को फिर से चालू कराने के लिए नगर निगम ने टेंडर निकाला
इच्छुक लोग 18 फरवरी तक नगर निगम में टेंडर जमा कर सकते हैं
बिना अनुमति रेस्टोरेंट बनाने पर टेंडर किया रद्द
ठेकेदार द्वारा बिना अनुमति के पार्क में रेस्टोरेंट बना दिये जाने के कारण नगर निगम ने ठेकेदार का टेंडर रद्द कर दिया था. इसको लेकर जारी किये गये आदेश में निगम के अधिकारियों ने कहा था कि पार्क में रेस्टोरेंट बनाने का आदेश ठेकेदार को नहीं दिया गया था. इसके बावजूद ठेकेदार ने रेस्टोरेंट बना दिया. इससे पार्क का ओपेन स्पेस कम हो गया था. इसलिए इसे रद्द किया गया.
इधर तालाब सूखा, उधर जल संकट उत्पन्न हुई : तालाब को पार्क में तब्दील करने का साइड इफेक्ट यह हुआ कि जिस वर्ष यहां पार्क बना, उसी साल आसपास के मोहल्ले में जल संकट उत्पन्न हो गया. चूना भट्ठा से लेकर पीस रोड व वर्द्धमान कंपाउंड तक के इलाके के घरों की बोरिंग जवाब देने लगी.
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