झारखंड में मछली उत्पादन की असीम संभावनाएं : निदेशक
Updated at : 05 Feb 2020 9:03 AM (IST)
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निर्यात योग्य मछली को लेकर कार्यशाला रांची : निर्यात योग्य मछलियों की प्रजातियों के जल कृषि विकास को लेकर मंगलवार को धुर्वा स्थित मत्स्य प्रशिक्षण केंद्र के सभागार में कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यशाला का उदघाटन मत्स्य निदेशक डॉ एचएन द्विवेदी ने किया. उन्होंने कहा कि झारखंड राज्य में मछली उत्पादन में उल्लेखनीय कार्य […]
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निर्यात योग्य मछली को लेकर कार्यशाला
रांची : निर्यात योग्य मछलियों की प्रजातियों के जल कृषि विकास को लेकर मंगलवार को धुर्वा स्थित मत्स्य प्रशिक्षण केंद्र के सभागार में कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यशाला का उदघाटन मत्स्य निदेशक डॉ एचएन द्विवेदी ने किया. उन्होंने कहा कि झारखंड राज्य में मछली उत्पादन में उल्लेखनीय कार्य किया गया है. स्वरोजगार की दिशा में मछली उत्पादन काफी कारगर रहा है. महाझींगा, मोनोसेक्स तिलापिया, सी-वास (भेटकी) जैसे निर्यात योग्य मछलियों के उत्पादन के लिए झारखंड में असीम संभावनाएं हैं.
डॉ द्विवेदी ने कहा कि समुद्री उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण ने झारखंड में पहली बार कार्य किया है, जिसका स्वागत किया जाना चाहिए.समुद्री उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण अोड़िशा जोन के उप मत्स्य निदेशक डॉ यूसी महापात्रा, राजीव गांधी सेंटर फॉर एक्वाकल्चर विजयवाड़ा के सहायक परियोजना प्रबंधक एमपी श्रीनिवास राव ने भी अपने विचार व्यक्त किये.
इस अवसर पर संयुक्त मत्स्य निदेशक मनोज कुमार, उप निदेशक आशीष कुमार, सहायक मत्स्य निदेशक (तकनीकी) रितू रंजन, जिला मत्स्य पदाधिकारी अरुप कुमार चाैधरी, प्रदीप कुमार, प्रशांत कुमार दीपक, राैशन कुमार, अशोक कुमार सिंह सहित काफी संख्या में लोग उपस्थित थे.
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