रांची : चार कमरों में चलता है रांची विवि का पीजी होम साइंस डिपार्टमेंट

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रांची : रांची विश्वविद्यालय में जहां वोकेशनल कोर्स के लिए करोड़ों के भवन बनकर तैयार हैं, वहीं एक ऐसा रेगुलर विभाग भी है जो अभाव के साथ विद्यार्थियों को ज्ञान बांट रहा है. ये विभाग है पीजी होम साइंस. जहां विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा प्रदान की जाती है और रिसर्च के काम भी होते हैं. […]

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रांची : रांची विश्वविद्यालय में जहां वोकेशनल कोर्स के लिए करोड़ों के भवन बनकर तैयार हैं, वहीं एक ऐसा रेगुलर विभाग भी है जो अभाव के साथ विद्यार्थियों को ज्ञान बांट रहा है. ये विभाग है पीजी होम साइंस. जहां विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा प्रदान की जाती है और रिसर्च के काम भी होते हैं.
लेकिन विडंबना ये है कि ये विभाग केवल चार कमरों में चलता है. इन्हीं में पढ़ाई के साथ-साथ रिसर्च का काम भी किया जाता है.
आर्ट्स ब्लॉक सी में व्यवस्थित है विभाग: पीजी होम साइंस विभाग आर्ट्स ब्लॉक के सी विंग में व्यवस्थित है. यहां की बिल्डिंग में कुल चार पीजी विभाग हैं. पूरा ग्राउंड फ्लोर भूगोल विभाग के जिम्मे है. वहीं प्रथम तल्ले पर एंथ्रोपोलॉजी विभाग को बसाया गया है. इसके बाद दूसरे तल्ले पर साइकोलॉजी विभाग है. इसी में एक पार्ट में होम साइंस विभाग है. जहां क्लासरूम के नाम पर दो कमरे हैं. तीसरे कमरे में लैब और सिक रूम है.
एक ही कमरे में बैठते हैं दस शिक्षक : इस पीजी विभाग में कुल दस शिक्षक हैं जिनमें एक विभागाध्यक्ष हैं. इसके अलावा विभाग की लाइब्रेरी और स्टॉफ रूप काॅमन है. जहां दस शिक्षकों की बैठने की व्यवस्था की गयी है. इसके अलावा एक विभागाध्यक्ष का कमरा है.
विभाग में पढ़ते हैं 42 विद्यार्थी : पीजी होम साइंस विभाग में वर्तमान में लगभग 42 विद्यार्थी पढ़ाई करते हैं. इसमें पीजी थर्ड सेमेस्टर के 15, फर्स्ट सेमेस्टर के 27 और एमफिल के 10 विद्यार्थी शामिल हैं. इसके अलावा पीएचडी कोर्स वर्क के भी विद्यार्थी यहां क्लास करने आते हैं. विभाग में तीन पेपर न्यूट्रीशन, टेक्सटाइल और ह्यूमन डेवलमेंट की पढ़ाई होती है.
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