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प्रभात खबर की इन खबरों पर सीएम ने लिया संज्ञान, दिये आदेश, जानें

Updated at : 03 Feb 2020 8:06 AM (IST)
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प्रभात खबर की इन खबरों पर सीएम ने लिया संज्ञान, दिये आदेश, जानें

उत्तम महतो सीएम ने दिया शाम तक फाइन वसूलने का आदेश निगम ने कहा- अस्थायी विज्ञापन को ध्यान में रखते हुए फाइन कम किया रांची : निगम से परमिशन के बिना न्यूक्लियस मॉल के समीप स्टॉल लगा कर कार का प्रचार करने पर हुंडई कंपनी पर पहले 1.42 लाख जुर्माना लगाने व बाद में पैरवी […]

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उत्तम महतो
सीएम ने दिया शाम तक फाइन वसूलने का आदेश
निगम ने कहा- अस्थायी विज्ञापन को ध्यान में रखते हुए फाइन कम किया
रांची : निगम से परमिशन के बिना न्यूक्लियस मॉल के समीप स्टॉल लगा कर कार का प्रचार करने पर हुंडई कंपनी पर पहले 1.42 लाख जुर्माना लगाने व बाद में पैरवी आने पर 35 हजार का फाइन वसूलने के मामले को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गंभीरता से लिया है. प्रभात खबर में समाचार प्रकाशित होने के बाद मुख्यमंत्री ने रांची नगर निगम के आयुक्त को नसीहत देते हुए निर्देशित किया है. हेमंत सोरेन ने ट्विट कर नगर आयुक्त से कहा है कि आपको वापस याद दिला रहा हूं कि कानून सबके लिए बराबर है. इसलिए शाम तक काटी गयी पूरी फाइन वसूलते हुए सूचित करें. साथ ही ध्यान रखें कि आगे ऐसा न हो.
इधर, रांची नगर निगम ने मुख्यमंत्री के आदेश के बावजूद फाइन की वसूली नहीं की. निगम के ट्विटर हैंडल से मुख्यमंत्री को रीट्विट कर जवाब दिया गया है. मुख्यमंत्री को बताया है कि हुंडई कंपनी कम किया गया जुर्माना देने के लिए तैयार है.
मुख्यमंत्री को यह भी बताया गया है कि चालान के अंतर्गत जुर्माना की राशि 14 दिनों के अंदर भुगतान करने पर 50 प्रतिशत छूट दी जाती है. निगम के ट्विट में कहा गया है कि न्यूक्लियस मॉल में हुंडई मोटर्स को बिना अनुमति के प्रचार करते हुए पकड़ा गया था. इस वजह से नगर पालिका अधिनियम 2011 की धारा 602 के तहत जुर्माने की पांच गुना राशि 1.42 लाख रुपये हुंडई कंपनी पर फाइन की गयी. हुंडई मोटर्स के अधिकारी द्वारा संबंधित आयोजन को अस्थायी बताते हुए निगम से फाइन कम करने का अाग्रह किया गया. विचार के बाद तीन दिनी अस्थायी विज्ञापन को ध्यान में रखते हुए फाइन पांच गुना से कम कर दो गुना 35,622 रुपये कर दी गयी. चालान के अंतर्गत जुर्माना राशि 14 दिनों के अंदर भुगतान करने पर 50 प्रतिशत छूट दी जाती है. हुंडई मोटर्स ने रिवाइज्ड फाइन का भुगतान करने पर सहमति प्रदान की है.
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बोले
रांची. गुमला जिले की छह नाबालिग बच्चियों को दिल्ली में मानव तस्करों के चंगुल से मुक्त कराने के बाद उनके परिवार को मिल रही धमकियों के मामले पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने संज्ञान लिया है.
प्रभात खबर में इससे संबंधित खबर छपने के बाद मुख्यमंत्री ने गुमला के उपायुक्त को इस मामले को पहली प्राथमिकता देकर मानव तस्करों को पकड़ने और उन पर कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. उपायुक्त को क्षेत्र में ऐसे बच्चों की पहचान करने को भी कहा है, जो मानव तस्करी का शिकार हो सकते हैं. उन्होंने ऐसे बच्चों को शिक्षा एवं स्किल कार्यक्रम से जोड़ते हुए उनकी सतत ट्रैकिंग की व्यवस्था करने को कहा है. मुख्यमंत्री ने मानव तस्करी रोकने के लिए जिला के सीडब्ल्यूसी, डीसीपीओ एवं एंटी-ट्रैफिकिंग पुलिस यूनिट को सशक्त और संवेदनशील बनाने का निर्देश भी दिया है.
एंबुलेंस से फर्नीचर ढोने पर हुए सख्त, दिया आदेश- असंवेदनशीलता बर्दाश्त नहीं रिम्स प्रबंधन कार्रवाई करे
रांची : रिम्स में एंबुलेंस से फर्नीचर ढोने के मामले को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गंभीरता से लिया है. मुख्यमंत्री ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर रिम्स प्रबंधन सहित सभी अस्पतालों को सख्त निर्देश दिया है. उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था की असंवेदनशीलता हरगिज बर्दाश्त नहीं की जायेगी.
रिम्स प्रबंधन एंबुलेंस का इस तरह से दुरुपयाेग नहीं करे. वहीं, दुरुपयोग में सम्मिलित लोगों पर कार्रवाई करे. रिम्स प्रबंधन को कार्रवाई कर सूचना देने का निर्देश भी दिया गया है. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि स्वास्थ्य व्यवस्था सुदृढ़ बनाने के लिए सरकार शीघ्र आवश्यक कदम उठायेगी. इसके अलावा उन्होंने राज्य के अन्य अस्पतालों को दोबारा ऐसी घटना की पुनरावृत्ति नहीं हो, इसका निर्देश भी दिया है. गौरतलब है कि प्रभात खबर ने रविवार को एंबुलेंस से फर्नीचर ढोये जाने की खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी.
ड्राइवर, सुपरवाइजर से शोकॉज की तैयारी : मुख्यमंत्री द्वारा कार्रवाई कर सूचित करने के निर्देश पर रिम्स प्रबंधन ड्राइवर, सुपरवाइजर व अन्य कर्मचारियों पर कार्रवाई करने की तैयारी में है. वहीं, जिन अधिकारियों ने एंबुलेंस भेजने का आदेश दिया, उनको बचाने में प्रबंधन जुट गया है. नाम नहीं छापने की शर्त पर एक कर्मचारी ने कहा कि इससे पूर्व भी एंबुलेंस से फर्नीचर सहित सामान ढोया गया है, लेकिन मामला सामने नहीं आने पर बात छुपी हुई थी.
मुख्यमंत्री के आदेश पर पता किया जा रहा है कि किसके आदेश पर एंबुलेंस का उपयोग किया गया. कैंपस में ही सामान भेजना था, तो ट्रैक्टर या अन्य वाहन का उपयोग करना चाहिए था. दोषी पर कार्रवाई की जायेगी.
डाॅ दिनेश कुमार सिंह, निदेशक, रिम्स
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