रांची : सरकार ने कहा, संवैधानिक रूप से सही है नियोजन नीति

Updated at : 22 Jan 2020 9:22 AM (IST)
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रांची : सरकार ने कहा, संवैधानिक रूप से सही है नियोजन नीति

मामला हाइस्कूल शिक्षक नियुक्ति व नियोजन नीति को चुनाैती देने का रांची : हाइकोर्ट में मंगलवार को राज्य सरकार की नियोजन नीति व संयुक्त स्नातक स्तरीय प्रशिक्षित हाइस्कूल शिक्षक नियुक्ति के विज्ञापन को चुनाैती देनेवाली याचिकाअों पर सुनवाई जारी रही. 22 आज भी सुनवाई होगी. जस्टिस हरीश चंद्र मिश्र, जस्टिस एस चंद्रशेखर व जस्टिस दीपक […]

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मामला हाइस्कूल शिक्षक नियुक्ति व नियोजन नीति को चुनाैती देने का
रांची : हाइकोर्ट में मंगलवार को राज्य सरकार की नियोजन नीति व संयुक्त स्नातक स्तरीय प्रशिक्षित हाइस्कूल शिक्षक नियुक्ति के विज्ञापन को चुनाैती देनेवाली याचिकाअों पर सुनवाई जारी रही. 22 आज भी सुनवाई होगी.
जस्टिस हरीश चंद्र मिश्र, जस्टिस एस चंद्रशेखर व जस्टिस दीपक राैशन की लार्जर बेंच में प्रार्थियों की अोर से बहस पूरी होने के बाद प्रतिवादी राज्य सरकार की अोर से महाधिवक्ता अजीत कुमार ने पक्ष रखा. उन्होंने बताया कि शिड्यूल पांच के तहत राज्यपाल के पास शक्ति है. यह पॉलिसी शिड्यूल पांच के तहत लागू की गयी है, जो संवैधानिक रूप से सही है.
हस्तक्षेपकर्ता की अोर से वरीय अधिवक्ता राजीव रंजन ने बताया कि शिड्यूल पांच के तहत सरकार ने नीति बनायी है. शिड्यूल जिलों में सिर्फ स्थानीयता के आधार पर उसी जिले के अभ्यर्थियों के लिए सीटें आरक्षित की गयी हैं. इससे संविधान के अनुच्छेद 16(3) व 35 का उल्लंघन नहीं होता है. एक अन्य हस्तक्षेपकर्ता की अोर से वरीय अधिवक्ता अनिल कुमार सिन्हा ने बहस शुरू की, जो अधूरी रही.
प्रार्थियों की अोर से राजस्थान हाइकोर्ट के अधिवक्ता विज्ञान शाह व ललित कुमार सिंह ने बताया कि सरकार की नियोजन नीति असंवैधानिक है. किसी भी रूप में स्थानीयता व जन्म स्थान के आधार पर शत प्रतिशत सीटों को आरक्षित नहीं किया जा सकता है. स्थानीयता व जन्म स्थान के आधार पर नियोजन के मामले में सीटें आरक्षित करने की शक्ति संसद को है. वही कानून बना सकता है. सरकार कार्यपालक आदेश के आधार पर माैलिक अधिकार को छीन नहीं सकती है.
लोकायुक्त कार्यालय, सचिव व डीसी को नोटिस
रांची हाइकोर्ट के जज राजेश शंकर की अदालत में लोकायुक्त के आदेश को चुनाैती देनेवाली याचिका पर सुनवाई हुई. अदालत ने प्रार्थी का पक्ष सुनने के बाद लोकायुक्त कार्यालय, ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव, गढ़वा उपायुक्त आदि को नोटिस जारी कर जवाब देने को कहा. प्रार्थी की अोर से वरीय अधिवक्ता पीसी त्रिपाठी ने बताया कि शिकायतकर्ता वाल्मीकि चाैबे ने दुर्भावना से ग्रसित होकर चापानल स्थापित करने में गड़बड़ी का आरोप लगाया है. उन्होंने लोकायुक्त के आदेश को निरस्त करने का आग्रह किया.
विधानसभा सचिवालय शपथ पत्र दायर करे
रांची : हाइकोर्ट के जस्टिस डॉ एसएन पाठक की अदालत में प्रतिवेदक पद पर नियुक्ति काे लेकर दायर याचिका पर सुनवाई हुई. अदालत ने विधानसभा सचिवालय को शपथ पत्र दायर करने का निर्देश दिया.
प्रार्थी की अोर से बताया गया कि वर्ष 2005 में विधानसभा में प्रतिवेदक पद पर नियुक्ति का विज्ञापन निकला था. उन्होंने आवेदन दिया. परीक्षा लिखी. वर्ष 2010 में 30 प्रतिवेदकों की नियुक्ति की गयी, लेकिन उनका चयन नहीं किया गया. उन्होंने नियुक्ति के लिए आदेश देने का आग्रह किया. वहीं विधानसभा की अोर से अधिवक्ता आदित्य रमण ने शपथ पत्र प्रस्तुत किया, जिसे दायर करने को कहा गया.
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