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हाल रिम्‍स का : इको और टीएमटी जांच के लिए एक से डेढ़ माह करना पड़ रहा है इंतजार

Updated at : 17 Nov 2019 12:28 AM (IST)
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हाल रिम्‍स का : इको और टीएमटी जांच के लिए एक से डेढ़ माह करना पड़ रहा है इंतजार

रांची : राज्य के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स के कार्डियोलॉजी विंग में हृदय रोगियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. ओपीडी में चिकित्सीय परामर्श तो समय पर मिल जा रहा है, लेकिन इको व ट्रेडमिल टेस्ट (टीएमटी) के लिए एक से डेढ़ माह तक इंतजार करना पड़ रहा है.वर्तमान में मरीजों को इको […]

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रांची : राज्य के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स के कार्डियोलॉजी विंग में हृदय रोगियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. ओपीडी में चिकित्सीय परामर्श तो समय पर मिल जा रहा है, लेकिन इको व ट्रेडमिल टेस्ट (टीएमटी) के लिए एक से डेढ़ माह तक इंतजार करना पड़ रहा है.वर्तमान में मरीजों को इको जांच के लिए 28 दिसंबर का नंबर मिल रहा है. जिन मरीजों को इकाे जांच की रिपोर्ट के आधार पर दवा लिखने की बात डॉक्टर कह रहे हैं, उनको सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है. ऐसे में मरीज अधिक कीमत पर निजी जांच सेंटर में जांच कराने को मजबूर हैं.
इको व टीएमटी जांच में वेटिंग मिलने की मूल वजह एक इको मशीन व एक टीएमटी मशीन का होना है. इको मशीन एक होने के कारण विशेषज्ञ होने के बावजूद ज्यादा मरीजों की जांच नहीं हो पाती है. अगर मशीन की संख्या दो से तीन होती, तो वेटिंग लिस्ट की नौबत नहीं आती. इधर, विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों का कहना है कि इको व टीएमटी मशीन की खरीदारी के लिए प्रबंधन को सूचित किया गया है. खरीद की प्रक्रिया चल रही है.
स्टाफ की पैरवी से परेशान हैं डॉक्टर
इसीजी, इको व टीएमटी जांच के लिए डॉक्टरों के पास प्रतिदिन दर्जनों पैरवी आती है. स्टाफ डॉक्टर से जल्दी जांच करने का आग्रह करते हैं. वहीं कई ऐसी पैरवी भी आती है, जिसमें डॉक्टरों को लगता है कि पैसा लेकर कुछ कर्मचारी जांच कराते हैं. ऐसी स्थिति में डॉक्टर अब फूंक-फूंक कर कदम उठा रहे हैं.
एक साल से खराब है सिटी स्कैन मशीन, मरीज व स्टूडेंट परेशान : रिम्स के रेडियोलॉजी विभाग ने रिम्स प्रबंधन को पत्र लिख कर बताया है कि रिम्स में एक साल से सिटी मशीन खराब है, जिससे मरीज व रेडियोलॉजी विभाग में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को परेशानी हो रही है. मरीज जांच नहीं होने से परेशान हैं, वहीं स्टूडेंट को पढ़ाई में दिक्कत हो रही है. प्रबंधन का कहना है कि मशीन खरीदने की प्रक्रिया चल रही है.
मशीनों के अभाव में समय से मरीजों की नहीं हो रही जांच
इसीजी जांच के लिए तीन से चार घंटे का इंतजार : हृदय रोगियों की प्रारंभिक जांच इसीजी है. इसके बाद ही डॉक्टर दवा लिखते है, लेकिन यहां भी मरीजों को जांच के लिए तीन से चार घंटे इंतजार करना पड़ता है. क्योंकि, यहां एक ही मशीन है. टेक्निशियन भी एक ही हैं.
जांच मशीन प्रतिदिन जांच स्थिति
इसीजी एक 250 तीन से चार घंटे का इंतजार
इको एक 70-80 डेढ़ माह की वेटिंग
टीएमटी एक 30-35 25-30 दिन की वेटिंग
इको व टीएमटी जांच की नयी मशीन आ गयी है. शीघ्र ही समस्या दूर कर ली जायेगी. विभाग में डॉक्टरों को तालमेल के साथ काम करने को कहा गया है.
डॉ दिनेश कुमार सिंह, निदेशक, रिम्स
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