रांची : मातृ वंदना योजना के क्रियान्वयन में झारखंड काे मिला 23वां स्थान
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 08 Nov 2019 9:39 AM
विज्ञापन
34 राज्यों (केंद्र शासित प्रदेश सहित) में संचालित है योजना रांची : गर्भवती महिलाअों के लिए संचालित प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के क्रियान्वयन में झारखंड का स्थान 34 राज्यों (केंद्र शासित प्रदेश सहित) में 23 वां हैं. कुछ राज्य इस मामले में झारखंड से पिछड़े तो हैं, पर झारखंड का प्रदर्शन लगभग अौसत के बराबर […]
विज्ञापन
34 राज्यों (केंद्र शासित प्रदेश सहित) में संचालित है योजना
रांची : गर्भवती महिलाअों के लिए संचालित प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के क्रियान्वयन में झारखंड का स्थान 34 राज्यों (केंद्र शासित प्रदेश सहित) में 23 वां हैं. कुछ राज्य इस मामले में झारखंड से पिछड़े तो हैं, पर झारखंड का प्रदर्शन लगभग अौसत के बराबर है.
तीन किस्तों में कुल पांच हजार रुपये का लाभ दिलाने के लिए राज्य में गर्भवती महिलाओं का अब तक हो सका निबंधन इसके लक्ष्य का करीब 73 फीसदी है.
वहीं, पूरा भुगतान कुल निबंधन के 60 फीसदी लाभुकों को ही हुआ है. इस योजना के तहत केंद्र से मिले फंड का खर्च झारखंड में 62 फीसदी है. महिला व बाल विकास मंत्रालय के संयुक्त सचिव सज्जन सिंह यादव ने उक्त जानकारी दी. वह होटल बीएनआर में योजना की समीक्षा सह कार्यशाला में प्रेजेंटेशन दे रहे थे. कुल पांच राज्यों एमपी, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड व प.बंगाल के लिए यह कार्यक्रम केंद्र सरकार ने किया था.
श्री यादव ने बताया कि योजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए राज्य व जिला स्तर पर दो-दो रिसोर्स पर्सन की नियुक्ति होनी है. यानी राज्य स्तर पर दो तथा सभी 24 जिलों में 48 नियुक्तियां. पर झारखंड में इनमें से एक नियुक्ति भी नहीं की गयी. जबकि योजना को शुरू हुए लगभग ढाई वर्ष हो चुके हैं. इससे पहले मंत्रालय के सचिव रवींद्र पवार ने बताया कि योजना शुरू होने के बाद ढाई वर्षों में कुल 1.23 करोड़ गर्भवती महिलाअों का निबंधन हुआ तथा इसके विरुद्ध 1.08 करोड़ महिलाअों को लाभ के रूप में 4300 करोड़ रुपये दिये गये हैं.
राज्य के मुख्य सचिव डीके तिवारी ने योजना के बेहतर संचालन के लिए इसके प्रचार-प्रसार, महिलाअों के पोषण व अन्य मुद्दों पर बातें कही. यह भी कहा कि अधिकारी फील्ड में जायेंगे, तो कार्यक्रम अौर प्रभावी होगा. इससे पहले समाज कल्याण सचिव डॉ अमिताभ कौशल ने विषय प्रवेश कराया. मौके पर समाज कल्याण निदेशक मनोज कुमार तथा मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड व प.बंगाल में योजना से जुड़े विभागों से जुड़े पदाधिकारी उपस्थित थे.
क्या है योजना : मातृ वंदना योजना के तहत गर्भवती (150 दिन) महिलाअों को प्रसव होने तथा बच्चे के टीकाकरण की अवधि में तीन किस्तों में पांच हजार रुपये पोषाहार व अन्य जरूरतों के लिए दिये जाते हैं.
पहली किस्त के रूप में एक हजार, दूसरी (180 दिन तथा कम से कम एक एएनसी चेकअप के बाद) में दो हजार तथा तीसरी (प्रसव व बच्चे के टीकाकरण के बाद) किस्त के रूप में भी दो हजार रु दिये जाते हैं. लाभुक के निबंधन का काम अलग-अलग राज्यों में कहीं सहिया या एएनएम तथा आंगनबाड़ी कर्मी (झारखंड में आंगनबाड़ी कर्मी) के द्वारा किया जाता है. योजना का फॉर्म स्वास्थ्य उप केंद्र तथा अांगनबाड़ी स्तर पर उपलब्ध रहता है.
राज्यों की स्थिति
पैमाना झारखंड बिहार बंगाल
अखिल भारतीय रैंक 23 29 32
लाभुक निबंधन 73.71 60 55
लाभुकों को भुगतान 60 46 40
फंड का खर्च 62 58 56
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Tags
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










