मायावती के ट्वीट से बदला सियासी संदेश, छात्र आंदोलन को लेकर सरकार और विपक्ष दोनों को दी नसीहत

Updated:
विज्ञापन

बहन मायावती

WhatsApp चैनल से जुड़ेंगूगल पर प्रभात खबर चुनें

UP POLITICS: NEET समेत प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं को लेकर जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन जारी है. इस बीच, बसपा प्रमुख मायावती ने सरकार और आंदोलनकारियों से संयम बरतने तथा शांतिपूर्ण समाधान निकालने की अपील की है. उन्होंने आंदोलन के राजनीतिकरण से बचने की भी सलाह दी.

विज्ञापन

UP POLITICS: उत्तर प्रवेश परीक्षा नीट समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी छात्र आंदोलन के बीच बसपा प्रमुख मायावती ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर सरकार और आंदोलनकारियों से संयम बरतने तथा शांतिपूर्ण समाधान निकालने की अपील की है. उन्होंने छात्र हितों को सर्वोपरि बताते हुए आंदोलन के राजनीतिकरण से बचने की भी सलाह दी. मायावती की इस टिप्पणी के बीच काकरोच जनता पार्टी (CJP) ने भी बयान जारी कर कहा कि छात्र-छात्राओं के भविष्य से जुड़े इस आंदोलन को राजनीतिक टकराव का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए. संगठन का कहना है कि जंतर-मंतर पर कई दिनों से चल रहे आंदोलन ने अब राष्ट्रीय स्वरूप ले लिया है और इसका असर सड़क से लेकर संसद तक दिखाई दे रहा है.

विज्ञापन


पेपर लीक ने छात्रों का भविष्य दांव पर लगाया

CJP ने अपने बयान में कहा कि नीट सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अन्य गड़बड़ियों ने हजारों छात्र-छात्राओं और उनके परिवारों को प्रभावित किया है. संगठन के अनुसार, यही वजह है कि आंदोलन लगातार व्यापक होता जा रहा है और इसका असर दिल्ली के अलावा अन्य राज्यों में भी महसूस किया जा रहा है.

भ्रष्टाचार और संवैधानिक नैतिकता का उठाया मुद्दा

संगठन ने कहा कि चाहे प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के मामले हों या अन्य सार्वजनिक संस्थानों से जुड़े विवाद, इनकी जड़ भ्रष्टाचार है. बयान में संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर द्वारा प्रतिपादित 'संवैधानिक नैतिकता' (Constitutional Morality) का उल्लेख करते हुए कहा गया कि सुशासन के लिए इसी भावना के अनुरूप कार्य करने की जरूरत है.

सरकार और न्यायपालिका से हस्तक्षेप की अपील

CJP ने केंद्र सरकार और न्यायपालिका जैसी संवैधानिक संस्थाओं से पहल कर मौजूदा गतिरोध का समाधान निकालने की अपील की. संगठन ने कहा कि छात्र हित और जनहित को देखते हुए सभी पक्षों को संवाद के जरिए शांतिपूर्ण रास्ता निकालना चाहिए.

राजनीतिक लाभ के लिए आंदोलन का इस्तेमाल न हो

संगठन ने विभिन्न राजनीतिक दलों से भी आंदोलन का अपने संकीर्ण राजनीतिक हितों के लिए इस्तेमाल नहीं करने की अपील की. CJP का कहना है कि सरकार और आंदोलनकारियों को मिलकर ऐसा समाधान निकालना चाहिए, जिससे छात्रों का भविष्य सुरक्षित हो और देश में सौहार्दपूर्ण माहौल बना रहे.

यह भी पढ़ें: चित्रकूट में NEET छात्रा से दरिंदगी, प्रेमी को गमछे से बांधकर बेल्ट से पीटा, जानिए रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना


विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola